संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, EPFO 3.0 सुधारों के अंतर्गत औपचारिक, असंगठित एवं गिग श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने हेतु EPFO-संचालित अंशदायी पेंशन योजना विकसित कर रहा है।
EPFO 3.0 के बारे में:
- EPFO 3.0 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की अगली पीढ़ी की डिजिटल आधुनिकीकरण पहल है, जिसका उद्देश्य दस्तावेज रहित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित भविष्य निधि एवं पेंशन सेवाएँ प्रदान करना है।
- डिजिटल रूपांतरण: यह केंद्रीयकृत आईटी सक्षम सेवाएँ (Centralised IT Enabled Services – CITES) प्लेटफॉर्म पर निर्मित है, जिसने पूर्ववर्ती विकेंद्रीकृत प्रणाली को प्रतिस्थापित करते हुए सभी सदस्यों के रिकॉर्ड को एकल राष्ट्रीय डेटाबेस में स्थानांतरित कर दिया है।
- डिजिटल सेवा वितरण: यह दस्तावेज रहित पीएफ निकासी, ऑनलाइन दावा निपटान, स्वचालित पीएफ हस्तांतरण और डिजिटल शिकायत निवारण को सक्षम बनाता है।
- यह सदस्यों को ईपीएफ पासबुक, ब्याज जमा, पात्र निकासी राशि देखने और दावा निष्पादन के दौरान ऑनलाइन प्रश्नों के उत्तर देने की सुविधा प्रदान करता है।
- प्रौद्योगिकी एकीकरण: यह संबंधित बैंक खातों में तीव्र निधि हस्तांतरण के लिए UPI और UPI-सक्षम एटीएम को एकीकृत करता है।
- यह UAN जनरेशन, सक्रियण और प्रमाणीकरण के लिए उमंग (UMANG) ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी का समर्थन करता है।
- इसके अतिरिक्त, यह कर्मचारियों द्वारा नौकरी बदलने पर आधार-संबद्ध सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) के माध्यम से स्वचालित पीएफ खाता संचालनीयता की सुविधा प्रदान करता है।
- पहुँच में सुगमता और दक्षता : यह पात्र दावों के त्वरित निष्पादन के लिए स्वचालित-दावा निपटान सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करता है।
- यह निष्पादन समय को कम करता है, पारदर्शिता में सुधार करता है और एक केंद्रीयकृत राष्ट्रीय डेटाबेस के माध्यम से देश में कहीं से भी, कभी भी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।
- कवरेज और भावी दृष्टिकोण : यह देश भर के ईपीएफ अंशदाताओं को सेवा प्रदान करता है और आगामी श्रम सुधारों के तहत गिग, प्लेटफॉर्म और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने की आधारशिला रखता है।
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मुख्य विशेषताएँ:
- प्रस्तावित योजना का उद्देश्य सेवानिवृत्ति सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने के लिए एक सार्वभौमिक, अंशदायी और लचीला पेंशन ढाँचा तैयार करना है।
- EPFO 3.0 का हिस्सा: यह पहल EPFO 3.0 सुधारों का एक भाग है, जिसका उद्देश्य पेंशन प्रशासन, डिजिटल अवसंरचना और सेवानिवृत्ति सेवाओं का आधुनिकीकरण करना है।
- दायरा: इस योजना के तहत निम्नलिखित को शामिल करने का प्रस्ताव है:
- वर्तमान EPFO सदस्य.
- कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) से वंचित श्रमिक।
- असंगठित क्षेत्र, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक।
- निश्चित अंशदान मॉडल: इस योजना के अंतर्गत एक निश्चित अंशदान ढाँचे को अपनाया जा सकता है, जिसके तहत मिलने वाले सेवानिवृत्ति लाभ, पूरी तरह से एकत्रित निधि और निवेश प्रतिफल पर आधारित होंगे।
- लक्षित सेवानिवृत्ति राशि (TRS): प्रत्येक सदस्य के लिए एक ‘लक्षित सेवानिवृत्ति राशि‘ (TRS) निर्धारित होगी, जिसकी गणना वांछित पेंशन राशि, सेवानिवृत्ति आयु और अंशदान के स्वरूप के आधार पर गतिशील रूप से की जाएगी।
- अंशदान के बहु-स्रोत: अंशदान निम्नलिखित माध्यमों से प्राप्त हो सकता है:
- कर्मचारी
- नियोक्ता
- सरकार का सह-अंशदान (कम आय वाले श्रमिकों के लिए)
- एग्रीगेटर्स (गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए)
- CSR, गैर-सरकारी संगठन (NGOs) और तृतीय-पक्ष अंशदाता।
- लचीले सेवानिवृत्ति विकल्प: 55 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर, सदस्य अपने सेवानिवृत्ति कोष का उपयोग करने के लिए निम्नलिखित में से किसी भी विकल्प का चयन कर सकते हैं:
- वार्षिकी
- व्यवस्थित निकासी योजना (SWP).
- दोनों का संयोजन।
- डिजिटल पेंशन खाता: प्रत्येक सदस्य का एक व्यक्तिगत पेंशन खाता होगा, जिसमें एक रियल-टाइम डैशबोर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। यह डैशबोर्ड कुल कोष, अंशदान, TRS की प्रगति और सेवानिवृत्ति के भावी अनुमानों को प्रदर्शित करेगा।
- ‘सिमुलेशन’ सुविधा: यह प्रणाली सदस्यों को उनके सेवानिवृत्ति कोष, मासिक पेंशन, मुद्रास्फीति-समायोजित अनुमानों और वैकल्पिक अंशदान परिदृश्यों का आकलन करने में सक्षम बनाएगी।
- पारिवारिक लाभ कोष: इस प्रस्ताव में एक संचित ‘पारिवारिक लाभ कोष‘ शामिल किया गया है, जो जीवनसाथी, बच्चों और अनाथों को उत्तरजीवी पेंशन प्रदान करेगा।
- संचालनीयता (पोर्टेबिलिटी): इस व्यवस्था के तहत EPF, GPF और अन्य प्रोविडेंट फंड के सदस्यों को अपनी जमा राशि को इस नवीन पेंशन योजना में स्थानांतरित करने का विकल्प प्रदान किया जा सकता है।
- गिग श्रमिकों के लिए विशेष सहायता: योजना में ‘एक UAN–बहु-नियोक्ता/एग्रीगेटर मैपिंग’ का प्रस्ताव है, जिससे एक से अधिक नियोक्ताओं के साथ कार्य करने वाले श्रमिकों को एक ही सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) के तहत एकीकृत पेंशन अंशदान प्राप्त करने की सुविधा प्राप्त होगी।
- अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्ट पद्धतियाँ: इस पेंशन ढाँचे को सिंगापुर के सेंट्रल प्रॉविडेंट फंड (CPF) सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पेंशन प्रणालियों का गहन अध्ययन करने के पश्चात् तैयार किया जा रहा है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के बारे में:
- स्थापना: EPFO की स्थापना वर्ष 1952 में कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 के अंतर्गत की गई थी।
- प्रशासनिक मंत्रालय: यह केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
- प्रकृति: यह एक सांविधिक संगठन है और विश्व के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा संगठनों में से एक है।
- उद्देश्य: भविष्य निधि, पेंशन और बीमा लाभों के माध्यम से सेवानिवृत्ति आय सुरक्षा प्रदान करना।
- प्रशासित प्रमुख योजनाएँ:
- कर्मचारी भविष्य निधि योजना (EPF), 1952
- कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 1995
- कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा योजना (EDLI), 1976।
EPFO बनाम NPS
| मूल्यांकन के मापदंड |
EPFO (प्रस्तावित पेंशन योजना) |
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) |
| योजना की प्रकृति |
सरकारी गारंटी और समर्थन वाले प्रतिफल के साथ निश्चित अंशदान। |
निश्चित अंशदान, जिसमें प्रतिफल बाजार के प्रदर्शन एवं उतार-चढ़ाव के अनुसार निर्धारित होता है। |
| सेवानिवृत्ति लाभ |
लचीली वार्षिकी (Annuity) अथवा व्यवस्थित निकासी योजना (SWP) का विकल्प। |
मुख्य रूप से वार्षिकी-आधारित, जिसमें आंशिक एकमुश्त निकासी का प्रावधान शामिल है। |
| निवेश जोखिम की मात्रा |
अत्यंत कम जोखिम, क्योंकि यह योजना व्यापक रूप से सरकार द्वारा समर्थित है। |
पूर्णतः बाजार-संबद्ध निवेश जोखिम। |
| लक्षित कोष का निर्धारण |
लक्षित सेवानिवृत्ति राशि (TRS) के गतिशील (Dynamic) आकलन पर आधारित। |
व्यक्तिगत अंशदान और निवेश संचय की मात्रा पर आधारित। |
| पात्रता का क्षेत्र |
औपचारिक, असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक (प्रस्तावित)। |
स्वैच्छिक आधार पर सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध (कुछ सरकारी सेवा संवर्गों के लिए अनिवार्य)। |
| प्रशासनिक प्राधिकरण |
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित |
पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा विनियमित। |