UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

नई दिल्ली की खामोशी

नई दिल्ली की खामोशी 4 Mar 2026

संदर्भ

हालिया ईरान संकट के दौरान भारत ने तटस्थ रुख अपनाया और स्पष्ट सहानुभूति व्यक्त करने से परहेज़ किया।

पृष्ठभूमि

  • इज़राइल–यू.एस. का ईरान पर हमला (28 फ़रवरी 2026): इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने संयुक्त रूप से तेहरान पर हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई, उनकी पोती तथा कई वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई लोग मारे गए।
  • नागरिक हताहत और मानवीय प्रभाव: मिनाब में लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें लगभग 160 बच्चों की मौत हुई। 
    • WHO ने स्थिति को ‘गहरी चिंता का विषय’ बताया, और यूनेस्को ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे ‘मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन’ करार दिया।
  • भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया: भारत ने अपनी प्रतिक्रिया को केवल विदेश मामलों के मंत्री के माध्यम से “गहरी चिंता” व्यक्त करने तक सीमित रखा, बिना शोक व्यक्त किए या निंदा जारी किए, जिससे कूटनीतिक संयम या मौन की धारणा उत्पन्न हुई।

ईरान पर हमले पर भारत की खामोशी के कारण

  • इज़राइल के साथ रणनीतिक सामंजस्य: भारत ने परंपरागत रूप से इज़राइल और अरब–ईरान ब्लॉक दोनों के साथ संतुलित संबंध स्थापित किए हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इज़राइल के साथ रणनीतिक जुड़ाव मजबूत हुआ है।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2017 में इज़राइल का दौरा, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा था, भारत की पश्चिम एशिया नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक रहा।
    • वर्ष 2026 में, प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइल की कनेसेट(Knesset) को संबोधित करते हुए कहा कि “भारत दृढ़ता से इज़राइल के साथ खड़ा है,” जो राजनीतिक और रणनीतिक समर्थन में गहराई का संकेत देता है।
    • इज़राइल के साथ भारत के स्पष्ट संरेखण को देखते हुए, ईरान के लिए सहानुभूति व्यक्त करना कूटनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया।
  • व्यापार और चाबहार परियोजना: भारत–ईरान के बीच व्यापार वर्ष 2018 के लगभग 17 अरब डॉलर से घटकर 2025–26 में लगभग 1.68 अरब डॉलर रह गया।
    • ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों ने अन्य देशों को उसके साथ आर्थिक संबंध बनाए रखने से हतोत्साहित किया।
    • इन प्रतिबंधों ने चाबहार बंदरगाह परियोजना को भी बुरी तरह प्रभावित किया, जो पाकिस्तान को दरकिनार कर भारत के अफगानिस्तान तक पहुँच प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रेरित था।
    • भारत ने अंततः अपनी 120 मिलियन डॉलर की निवेश वापस ले ली, जिससे आर्थिक और कूटनीतिक सहभागिता कम हो गई।
  • ख़ामेनेई की द्वेषपूर्ण विरासत:
    • 2019: ख़ामेनेई ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की निंदा की।
    • 2020: दिल्ली दंगों के दौरान, उन्होंने भारत पर ‘मुसलमानों के नरसंहार’ का आरोप लगाया।
    • इन बयानों ने तेहरान और नई दिल्ली के बीच कूटनीतिक तनाव उत्पन्न किया।
  • खाड़ी संबंधी दुविधा: खाड़ी देशों (यूएई, सऊदी अरब, क़तर) में लगभग एक करोड़ से अधिक भारतीय कार्य करते हैं, जबकि ईरान में भारतीयों की संख्या लगभग 5, 000 है।
    • भारत ऊर्जा आपूर्ति के लिए खाड़ी देशों पर अत्यधिक निर्भर है।
    • कई खाड़ी देशों की  ईरान के साथ रणनीतिक तनाव हैं, जिससे भारत की स्थिति और जटिल हो जाती है।
    • इसलिए ईरान का समर्थन करना भारतीय प्रवासी सुरक्षा और ऊर्जा हितों के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकता है।
  • ट्रम्प फैक्टर: भारत ने राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक बड़ा व्यापार समझौता किया।
    • भारत भी अमेरिकी नेतृत्व वाले माइक्रोचिप और प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखला (“Pax Silica”) का हिस्सा बन गया।
    • यह साझेदारी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और तकनीकी अवसर का प्रतिनिधित्व करती है।
    • ईरान के लिए किसी भी स्पष्ट समर्थन से इन रणनीतिक और तकनीकी साझेदारियों को खतरा हो सकता है।

निष्कर्ष

हालाँकि  ईरान में मानवीय त्रासदी अवश्य ही निर्विवाद है, अंतरराष्ट्रीय संबंध अंततः नैतिक दिखावे से नहीं बल्कि राष्ट्रीय हित से निर्देशित होते हैं।

  • भारत की संयमित प्रतिक्रिया मूल्यों और रणनीतिक हितों के बीच एक व्यावहारिक संतुलन को दर्शाती है, जिसमें भूराजनीतिक स्थिरता और विदेशों में अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता प्रदान की गई है।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद केंद्र सरकार की ‘चुप्पी’ (मौन प्रतिक्रिया) के लिए आलोचना हुई है। इस संदर्भ में, भारत की संयमित प्रतिक्रिया के पीछे के कारणों की समीक्षा कीजिए और पश्चिम एशिया कूटनीति से संबंधित सुझाव दीजिए।

 (15 अंक, 250 शब्द)

नई दिल्ली की खामोशी

Explore UPSC Foundation Batches

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.