100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

बाघ संरक्षण में भारत: वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक

Lokesh Pal July 30, 2026 03:04 4 0

संदर्भ 

प्रतिवर्ष 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर बाघ संरक्षण के महत्त्व को रेखांकित करना है।

बाघ के बारे में

  • बाघ विश्व की सबसे बिग कैट प्रजाति है।
  • वैज्ञानिक नाम: पैंथेरा टाइग्रिस (Panthera tigris)
  • संरक्षण स्थिति:
    • अनुसूची-I: भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972
    • संकटग्रस्त (Endangered): अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट के शामिल।
    • परिशिष्ट-I: ‘कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एंडेंजर्ड स्पीशीज ऑफ वाइल्ड फौना एंड फ्लोरा’  (CITES)
  • महत्त्व: बाघ खाद्य शृंखला में सर्वोच्च परभक्षी (Apex Predators) हैं और पारिस्थितिकी तंत्र में शाकाहारी जीवों की आबादी को नियंत्रित कर संतुलन बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • आवास संबंधी आवश्यकताएँ: बाघ’ भू-दृश्य प्रजाति’ प्रजाति’ हैं।
    • इन्हें विविध प्रकार के विस्तृत आवास क्षेत्रों की आवश्यकता होती है।
      • बाघों की प्रजाति के दीर्घकालीन संरक्षण के लिए ऐसे क्षेत्र अत्यावश्यक हैं, जहाँ शिकार (आहार) की  प्रचुरता उपलब्ध होनी चाहिए।
      • ऐसे क्षेत्रों को टाइगर लैंडस्केप कहा जाता है, जो जैव विविधता के संरक्षण तथा आस-पास रहने वाले मानव समुदायों के कल्याण के लिए भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।

बाघ की संरक्षण स्थिति: 

मापदंड विवरण
राष्ट्रीय पशु का दर्जा रॉयल बंगाल टाइगर को वर्ष 1972 में भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया।
भारत में बाघों की संख्या (AITE 2022) 3,682
विश्व में जंगली बाघों की संख्या (हालिया अनुमान) लगभग 5,711
प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत टाइगर रिजर्व 18 बाघ-परिक्षेत्र राज्यों में 58 टाइगर रिजर्व
टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल लगभग 84,500 वर्ग किलोमीटर, जो भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 2.56% है।

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस’के बारे में

  • यह प्रतिवर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बाघ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा बाघों एवं उनके आवासों के संरक्षण के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
  • थीम: सिक्योरिंग द फ्यूचर ऑफ टाइगर्स विद इंडिजिनस पीपल्स एंड लोकल कम्युनिटीज एट द हार्ट।”

पृष्ठभूमि: अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की उत्पत्ति

  • इसकी स्थापना वर्ष 2010 में 29 जुलाई को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिट के दौरान की गई थी।
  • भारत सहित 13 बाघ-परिक्षेत्र देशों ने Tx2 लक्ष्य को अपनाया, जिसके अंतर्गत वर्ष 2022 तक विश्व में जंगली बाघों की संख्या को दोगुना करने का संकल्प लिया गया था।

भारत में बाघ संरक्षण हेतु संस्थागत शासन व्यवस्था 

  • प्रोजेक्ट टाइगर 
    • यह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा कार्यान्वित एक प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है।
    • यह बाघ-परिक्षेत्र राज्यों को वित्तीय तथा तकनीकी सहायता प्रदान करती है।
    • इसमें आवास संरक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन तथा मैदानी स्तर की निगरानी (फील्ड-बेस्ड मॉनिटरिंग) को एकीकृत किया गया है।
    • वैधानिक आधार: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 38V(3) के अंतर्गत प्रत्येक राज्य के लिए प्रत्येक टाइगर रिजर्व हेतु टाइगर संरक्षण योजना तैयार करना अनिवार्य किया गया है।

  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA)
    • यह प्रोजेक्ट टाइगर के कार्यान्वयन की निगरानी करता है।
    • इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री द्वारा की जाती है।
    • यह टाइगर संरक्षण योजनाओं को अनुमोदित करता है तथा टाइगर रिजर्व के प्रबंधन हेतु मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOPs) जारी करता है।
  • टाइगर टास्क फोर्स
    • इसने भारत के बाघ संरक्षण ढाँचे की समीक्षा की, जिसकी अनुशंसाओं के आधार पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 में वर्ष 2006 में संशोधन किया गया था।
    • इस संशोधन के माध्यम से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) तथा वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) दोनों को वैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया।

भारत में बाघों की निगरानी एवं मूल्यांकन

  • अखिल भारतीय बाघ आकलन (AITE): राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के सहयोग से प्रत्येक 4 वर्ष में आयोजित किया जाता है। इसे विश्व का सबसे बड़ा जैव विविधता सर्वेक्षण माना जाता है। वर्ष 2022 के आकलन में भारत का पहला राष्ट्रव्यापी बाघ की प्रमुख शिकार प्रजातियों  (प्रे-स्पीशीज) का सर्वेक्षण भी शामिल किया गया।
  • एम-स्ट्राइप्स (मॉनिटरिंग सिस्टम फॉर टाइगर्स – इंटेंसिव प्रोटेक्शन एंड इकोलॉजिकल स्टेटस): मैदानी निगरानी के लिए GPS, GPRS तथा रिमोट सेंसिंग का उपयोग करता है।
  • कैट्रैट (कैमरा ट्रैप डेटा रिपॉजिटरी एंड एनालिसिस टूल): AI आधारित स्वचालित प्रजाति वर्गीकरण प्रणाली है।
  • बाघों की पहचान: बाघों की विशिष्ट धारियों (Stripe Patterns) के आधार पर उनकी व्यक्तिगत पहचान करता है।
  • प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन (MEE): टाइगर रिजर्व के प्रबंधन की गुणवत्ता का आकलन करता है।

बाघ संरक्षण में भारत का वैश्विक नेतृत्व एवं साझेदारियाँ 

पहल विवरण
इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस’ (IBCA) 

यह 7 बिग कैट्स प्रजातियों (बाघ, सिंह, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर एवं प्यूमा) के संरक्षण हेतु 95 देशों/भागीदारों का गठबंधन है। इसे 12 मार्च, 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति प्राप्त हुई। इसका सचिवालय भारत में स्थित है।

ग्लोबल टाइगर फोरम’ (GTF) 

बाघ संरक्षण के लिए समर्पित विश्व का एकमात्र अंतर-सरकारी निकाय है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है तथा इसके 13 बाघ-परिक्षेत्र देश सदस्य हैं।

इंटीग्रेटेड टाइगर हैबिटेट कंज़र्वेशन प्रोग्राम’ (ITHCP)  IUCN की प्रमुख बाघ संरक्षण पहल, जिसे जर्मनी के केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक द्वारा वित्तपोषित किया जाता है।
CATS (कंजर्वेशन एश्योर्ड टाइगर स्टैंडर्ड्स) 

बाघ संरक्षण के लिए वैश्विक प्रामाणीकरण प्रणाली, जिसका शुभारंभ वर्ष 2013 में जापान में आयोजित प्रथम एशियाई पार्क कांग्रेस के दौरान किया गया।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">