100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

भारत–न्यूजीलैंड द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन, 2026

Lokesh Pal July 13, 2026 04:07 5 0

संदर्भ

हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री ने 10–11 जुलाई, 2026 को न्यूजीलैंड की यात्रा की। यह चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी, जो भारत–न्यूजीलैंड द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के अवसर पर संपन्न हुई। 

शिखर सम्मेलन के प्रमुख परिणाम

  • सामरिक साझेदारी एवं वर्ष 2030 तक का रोडमैप: भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को सामरिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया, जिससे व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, कृषि, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यटन, नवाचार तथा जन-से-जन संबंधों में सहयोग के नए चरण का शुभारंभ हुआ।
    • दोनों देशों ने भारत–न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी: वर्ष 2030 तक का रोडमैप अपनाया, जो द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय स्तरों पर सहयोग का दीर्घकालिक ढाँचा प्रदान करता है।
    • इस रोडमैप का उद्देश्य वर्तमान संस्थागत तंत्रों को सुदृढ़ करना तथा आगामी वर्षों में सहयोग के नए क्षेत्रों का विकास करना है।

  • व्यापार एवं आर्थिक सहयोग: दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक वस्तुओं एवं सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग ₹35,000 करोड़) तक दोगुना करने पर सहमति व्यक्त की।
    • दोनों पक्षों ने भारत–न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के संपन्न होने एवं हस्ताक्षर का स्वागत किया तथा इसके शीघ्र प्रवर्तन एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर सहमति व्यक्त की।
    • यह FTA व्यापारिक बाधाओं को कम करने, बाजार पहुँच का विस्तार करने, भारत में न्यूजीलैंड के निवेश को प्रोत्साहित करने तथा द्विपक्षीय आर्थिक एकीकरण को सुदृढ़ करने में सहायक होगा।
    • दोनों पक्षों ने सीमा शुल्क सहयोग व्यवस्था (CCA), 2024 के अंतर्गत अधिकृत आर्थिक परिचालक पारस्परिक मान्यता व्यवस्था (AEO-MRA), 2025 को लागू करने पर भी सहमति व्यक्त की, जिससे विश्वसनीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा सीमा शुल्क प्रक्रियाएँ सरल होंगी।
  • रक्षा एवं समुद्री सहयोग: भारत और न्यूजीलैंड ने भारतीय नौसेना तथा न्यूजीलैंड रक्षा बल के मध्य पारस्परिक रसद सहायता व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए, जिसके अंतर्गत नौसैनिक अभ्यासों, तैनाती तथा मानवीय अभियानों के दौरान परस्पर रसद सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
    • दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत समुद्री सहयोग रूपरेखा को अपनाया, जिससे समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण तथा क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग को सुदृढ़ किया जाएगा।
    • दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा संवाद स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे समन्वय, सूचना साझाकरण तथा समुद्री क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
    • दोनों पक्षों ने भारत के नौवहन महानिदेशालय तथा मैरीटाइम न्यूजीलैंड के मध्य नाविक दक्षता प्रमाण-पत्रों की पारस्परिक मान्यता में निरंतर सहयोग का स्वागत किया, जिससे नाविकों की गतिशीलता एवं समुद्री संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।
    • दोनों देशों ने समुद्री सहयोग संबंधी व्यवस्था ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य संस्थागत संवाद, समन्वय, सूचना साझाकरण तथा हिंद-प्रशांत में संयुक्त समुद्री गतिविधियों को सुदृढ़ करना है।
    • दोनों देशों ने जलसर्वेक्षण एवं नौवहन मानचित्रण संबंधी कार्यान्वयन व्यवस्था पर भी हस्ताक्षर किए, जिसके अंतर्गत जलसर्वेक्षण आँकड़ों के आदान-प्रदान, नौवहन मानचित्रों के संयुक्त निर्माण, प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।
    • न्यूजीलैंड ने भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल (IPOI) के समुद्री सुरक्षा स्तंभ में सहभागिता की तथा अवैध, अप्रमाणित एवं अनियमित (IUU) मत्स्यन से निपटने हेतु सहयोग को सुदृढ़ किया।
  • सुरक्षा सहयोग: दोनों देशों ने आतंकवाद-निरोध पर संयुक्त कार्य समूह की स्थापना की, जिससे सूचना साझाकरण, क्षमता निर्माण तथा आतंकवाद एवं हिंसक उग्रवाद के विरुद्ध समन्वित प्रयासों को सुदृढ़ किया जाएगा।
    • दोनों पक्षों ने उभरती अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति व्यक्त की।
  • हिंद-प्रशांत सहयोग: दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय विधि एवं नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर आधारित स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
    • उन्होंने संयुक्त राष्ट्र समुद्री विधि अभिसमय (UNCLOS), 1982 के अनुरूप संप्रभुता, प्रादेशिक अखंडता, नौवहन की स्वतंत्रता तथा विमानन की स्वतंत्रता के सम्मान पर बल दिया।
  • कृषि, पर्यटन एवं नवाचार: दोनों देशों ने बागवानी, वानिकी, पशुपालन तथा दुग्ध क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।
    • दोनों पक्षों ने FTA के अंतर्गत कृषि उत्पादकता साझेदारी का स्वागत किया, जिसमें कीवी, सेब तथा शहद की उत्पादकता बढ़ाने में सहयोग तथा भारत में कीवी उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना सम्मिलित है।
      • कीवी सहयोग: दोनों देशों ने कीवी कार्ययोजना प्रारंभ की तथा नागालैंड एवं उत्तराखंड में दो उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, क्षमता निर्माण तथा उच्च-मूल्य बागवानी को बढ़ावा मिलेगा।
      • न्यूजीलैंड ने वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन की सदस्यता ग्रहण की, जिससे सतत् जैवईंधन, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण तथा ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग सुदृढ़ होगा।
    • दोनों देशों ने पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में सहयोग ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।
    • दोनों पक्षों ने पर्यटन संबंधी व्यवस्था ज्ञापन का स्वागत किया तथा भारत एवं न्यूजीलैंड के बीच प्रत्यक्ष नॉन-स्टॉप उड़ानों के संचालन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
  • विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं शिक्षा सहयोग: राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं समुद्री अनुसंधान केंद्र (NCPOR) तथा कैंटरबरी विश्वविद्यालय ने अंटार्कटिक अनुसंधान, वैज्ञानिक सहयोग, शैक्षणिक आदान-प्रदान एवं क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
    • NIFTEM-कुंडली तथा मैसी विश्वविद्यालय ने खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान, विद्यार्थी गतिशीलता तथा नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दे: भारत एवं न्यूजीलैंड ने पश्चिम एशिया में पुनः बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की तथा सभी पक्षों से संयम, संवाद एवं कूटनीति अपनाने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
    • दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की स्वतंत्रता एवं वैश्विक व्यापार की निर्बाध बहाली का समर्थन किया।
    • दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधारों, विशेषकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के विस्तार के प्रति अपना समर्थन पुनः व्यक्त किया।
  • खेल एवं जन-से-जन संबंध: भारत एवं न्यूजीलैंड वर्ष 2026 में खेल संबंधों के 100 वर्ष मना रहे हैं। यह वर्ष 1926 में भारतीय सेना हॉकी टीम की न्यूजीलैंड यात्रा की शताब्दी का प्रतीक है, जो किसी भारतीय खेल टीम की पहली विदेशी यात्रा थी।
    • मेजर ध्यानचंद उस ऐतिहासिक टीम के सदस्य थे, जिससे यह भारतीय खेल इतिहास की एक महत्त्वपूर्ण घटना बन गई।
    • वर्ष 2026 में ही भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑकलैंड में FIH महिला नेशंस कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को पराजित कर खिताब जीता, जिससे दोनों देशों के खेल संबंध और सुदृढ़ हुए।
    • दोनों देशों ने विशेषकर हॉकी को जन-से-जन संपर्क एवं सांस्कृतिक कूटनीति का महत्त्वपूर्ण आधार स्वीकार किया।
    • दोनों देशों ने भारत–न्यूजीलैंड संयुक्त खेल कार्ययोजना भी अपनाई, जिसके माध्यम से उच्च प्रदर्शन खेल, खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा तथा खेल विकास में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • आपदा प्रबंधन सहयोग: दोनों देशों ने आपदा जोखिम प्रबंधन पर सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भूकंप प्रत्यास्थता, सुनामी तैयारी, तटीय जोखिम न्यूनीकरण, ज्ञान आदान-प्रदान, नीतिगत संवाद तथा क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया गया।
  • सांस्कृतिक एवं प्रवासी सहभागिता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में पारंपरिक माओरी पोव्हिरी (Powhiri) समारोह के माध्यम से स्वागत किया गया, जो न्यूजीलैंड की स्वदेशी विरासत तथा दोनों देशों के मधुर संबंधों का प्रतीक है।
    • दोनों देशों ने सांस्कृतिक सहयोग संबंधी व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए, जिससे कला, विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा जन-से-जन संबंधों को प्रोत्साहन मिलेगा।
    • दोनों देशों ने राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC), लोथल तथा न्यूजीलैंड मैरीटाइम संग्रहालय के मध्य भी एक व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए, जिससे संग्रहालय सहयोग, समुद्री विरासत संरक्षण तथा ज्ञान आदान-प्रदान को सुदृढ़ किया जाएगा।

माओरी पोव्हिरी (Māori Powhiri)

  • पोव्हिरी (Powhiri) माओरी समुदाय का पारंपरिक औपचारिक स्वागत समारोह है, जिसका आयोजन आओटेयारोआ (न्यूजीलैंड) में विशिष्ट अतिथियों के औपचारिक स्वागत एवं सम्मान के लिए किया जाता है।
  • यह सम्मान, आतिथ्य (Manaakitanga), शांति तथा मेजबानों (Tangata Whenua) और अतिथियों (Manuhiri) के मध्य संबंधों की स्थापना का प्रतीक है।
  • इस समारोह में सामान्यतः करांगा (Karangaऔपचारिक आह्वान), व्हाइकोररो (Whaikōrero-औपचारिक भाषण), वाइआटा (Waiata-पारंपरिक गीत) तथा होंगी (Hongi- नाक एवं ललाट को स्पर्श कर किया जाने वाला पारंपरिक अभिवादन) सम्मिलित होते हैं, जो “ब्रीथ ऑफ लाइफ’ (Breath of Life)” के साझा होने का प्रतीक माना जाता है।

भारत के लिए इसका महत्त्व

  • सामरिक साझेदारी को सुदृढ़ करना: सामरिक साझेदारी तथा वर्ष 2030 तक का रोडमैप व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, कृषि, नवाचार, खेल, पर्यटन तथा जन-से-जन आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को संस्थागत आधार प्रदान करते हैं।
  • भारत की हिंद-प्रशांत दृष्टि को आगे बढ़ाना: दो समुद्री लोकतंत्रों के रूप में भारत एवं न्यूजीलैंड ने स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी एवं नियम-आधारित हिंद-प्रशांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो भारत की एक्ट ईस्ट नीति तथा व्यापक हिंद-प्रशांत रणनीति के अनुरूप है।
  • आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना: मुक्त व्यापार समझौता (FTA), 2030 तक का महत्त्वाकांक्षी व्यापार लक्ष्य, सीमा शुल्क सहयोग तथा सुदृढ़ निवेश ढाँचे से द्विपक्षीय आर्थिक सहभागिता गहरी होगी तथा आपूर्ति शृंखला (Supply Chain) की प्रत्यास्थता बढ़ेगी।
  • समुद्री एवं रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करना: पारस्परिक रसद सहायता व्यवस्था, समुद्री सुरक्षा संवाद तथा नौवहन क्षेत्र में सहयोग से समुद्री क्षेत्रीय जागरूकता (MDA), अंतरसंचालनीयता, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) तथा क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को बल मिलेगा।
  • क्षेत्रीय सहयोग का विस्तार: कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, पर्यटन, शिक्षा तथा कौशल विकास में सहयोग विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण को समर्थन प्रदान करेगा तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं सतत् विकास के नए अवसर सृजित करेगा।
  • जन-से-जन एवं सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करना: खेल संबंधों के 100 वर्ष, सशक्त भारतीय प्रवासी समुदाय, बढ़ते पर्यटन, शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा सांस्कृतिक सहयोग दोनों देशों के मध्य स्थायी मैत्री को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।

निष्कर्ष

भारत–न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी, 2026 ने वर्ष 2030 तक के सामरिक साझेदारी रोडमैप को अपनाकर अनेक महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा प्रदान की है। साथ ही, इसने स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी एवं नियम-आधारित हिंद-प्रशांत के प्रति साझा प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करते हुए दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक सहभागिता को और मजबूत किया है।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.