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Lokesh Pal
July 13, 2026 04:02
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हाल ही में केंद्र सरकार सभी फिल्मों के लिए, जिनमें ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्मों पर प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शित की जाने वाली फिल्में भी शामिल हैं, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाणन को अनिवार्य बनाने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों में संशोधन करने पर विचार कर रही है।

OTT प्लेटफॉर्मों का विनियमन सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 तथा सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के अंतर्गत किया जाता है। सिनेमाघरों में प्रदर्शित फिल्मों के विपरीत, वर्तमान में इनका संचालन मुख्यतः स्व-नियमन (Self-Regulation) पर आधारित व्यवस्था के अंतर्गत होता है।
प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य OTT प्लेटफॉर्मों के तीव्र विस्तार के अनुरूप भारत की फिल्म प्रमाणन व्यवस्था का आधुनिकीकरण करना है। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ऐसा संतुलित नियामकीय ढाँचा विकसित किया जाए, जो राष्ट्रीय सुरक्षा एवं लोकहित की रक्षा करते हुए वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा रचनात्मक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी को भी अक्षुण्ण बनाए रखे।
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