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Lokesh Pal
June 02, 2026 05:15
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भारत में अवैध शराब (Hooch) के सेवन से होने वाली त्रासदियाँ बार-बार देखने को मिलती हैं। हाल की घटनाओं ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि अवैध रूप से निर्मित शराब का सेवन, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए, कितना घातक हो सकता है।
इन राज्यों में अवैध शराब विषाक्तता की अनेक घटनाएँ हुई हैं, जिनसे बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई है तथा गंभीर जन-स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हुए हैं।
अवैध शराब केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह गरीबी, नशे की लत, नियामकीय विफलता, आपराधिक नेटवर्क और शासन संबंधी कमियों का संयुक्त परिणाम है। इस समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब कठोर प्रवर्तन, सुदृढ़ नियमन, नशामुक्ति कार्यक्रमों, जन-जागरूकता अभियानों तथा सामाजिक हस्तक्षेपों को एक साथ लागू किया जाए।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: भारत में अवैध शराब के सेवन को बढ़ावा देने वाले सामाजिक-आर्थिक कारकों को रेखांकित कीजिए। पूर्ण शराबबंदी की नीतियाँ प्रायः अपने अपेक्षित उद्देश्यों को प्राप्त करने में क्यों विफल रहती हैं, इसका परीक्षण कीजिए। इस जन-स्वास्थ्य संकट से निपटने हेतु उपयुक्त उपाय सुझाइए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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