//php print_r(get_the_ID()); ?>
Lokesh Pal
July 16, 2026 05:00
7
0
हाल ही में कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन ने वरिष्ठ सरकारी सचिव से एक विचारोत्तेजक प्रश्न पूछा—
“क्या आपके पास 30 वर्षों का अनुभव है, या आपने एक ही वर्ष के अनुभव को 30 बार दोहराया है?”
इस टिप्पणी ने नौकरशाही में ठहराव, प्रदर्शन मूल्यांकन तथा भारत की सिविल सेवाओं को परिणाम-आधारित (Outcome-Oriented) प्रशासन की ओर ले जाने की आवश्यकता पर पुनः बहस को जन्म दिया है ।
निष्कर्षतः भारत की सिविल सेवाएँ देश की सबसे महत्त्वपूर्ण शासन संस्थाओं में से एक हैं, किंतु उनकी पूर्ण क्षमता का उपयोग करने के लिए संरचनात्मक सुधार की आवश्यक हैं। नियम-आधारित प्रशासन से परिणाम-उन्मुख शासन की ओर झुकाव, निश्चित कार्यकाल, प्रभावी प्रदर्शन मूल्यांकन, नवाचार को प्रोत्साहन तथा क्षमता निर्माण के माध्यम से नौकरशाही को अधिक उत्तरदायी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। इससे सुशासन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
<div class="new-fform">
</div>

Latest Comments