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Lokesh Pal
July 15, 2026 05:00
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हाल के वर्षों में भारत की राजनीति में युवाओं की भागीदारी में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहा है। अब युवाओं को केवल भविष्य के नेता के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्मों और जमीनी स्तर की सक्रियता (ग्रासरूट एंगेजमेंट) के माध्यम से चुनावी परिणामों, जन-विमर्श तथा नीतिगत बहसों को सक्रिय रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
निष्कर्षतः भारत के युवा अब केवल भविष्य के नेता के रूप में ही नहीं हैं, बल्कि वे आज के लोकतंत्र के सक्रिय भागीदार (Stakeholders) बन चुके हैं। डिजिटल प्रौद्योगिकी, मुद्दा-आधारित लामबंदी और जागरूक राजनीतिक भागीदारी के माध्यम से वे लोकतांत्रिक राजनीति को नई दिशा दे रहे हैं। युवाओं का सार्थक प्रतिनिधित्व तथा संस्थागत भागीदारी सुनिश्चित करने से भारत का लोकतांत्रिक शासन और अधिक सुदृढ़ होगा तथा देश अपने जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) की पूर्ण क्षमता का प्रभावी उपयोग कर सकेगा।
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