संदर्भ
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में आयुष्मान सहकार योजना पर चर्चा की।
आयुष्मान सहकार योजना के बारे में
- अवलोकन: यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 के अनुरूप सहकारी-नेतृत्व वाली स्वास्थ्य अवसंरचना और सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी।
- नोडल एजेंसी: सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC)।
- प्रारंभ वर्ष: आयुष्मान सहकार योजना वर्ष 2020–21 में शुरू की गई।
- आयुष्मान सहकार के उद्देश्य
- सुलभ एवं समग्र स्वास्थ्य सेवा: सहकारी समितियों को अस्पताल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएँ स्थापित करने में सहायता।
- आयुष का प्रोत्साहन: सहकारिताओं के माध्यम से आयुष-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति लक्ष्य: सहकारी स्वास्थ्य पहलों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के उद्देश्यों के अनुरूप बनाना।
- डिजिटल स्वास्थ्य मिशन: सहकारिताओं को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के साथ एकीकृत करने में सक्षम बनाना।
- समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ: स्वास्थ्य सेवा वितरण, शिक्षा, बीमा तथा संबंधित गतिविधियों सहित सेवाओं को समर्थन।
- योजना के अंतर्गत शामिल गतिविधियाँ
-
- स्वास्थ्य अवसंरचना: अस्पतालों एवं चिकित्सा संस्थानों के सृजन, विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण हेतु सहायता प्रदान की जाती है।
- चिकित्सा शिक्षा: नर्सिंग, डेंटल, फार्मेसी, पैरामेडिकल एवं आयुष कॉलेजों (यूजी और पीजी कार्यक्रमों सहित) को वित्तपोषण।
- विशेषीकृत सेवाएँ: परियोजनाओं में ट्रॉमा सेंटर, मानसिक स्वास्थ्य इकाइयाँ, पैलिएटिव केयर, वृद्ध देखभाल एवं दिव्यांग स्वास्थ्य सेवाएँ शामिल हैं।
- डिजिटल एवं मोबाइल स्वास्थ्य: टेलीमेडिसिन, मोबाइल क्लिनिक, डायग्नोस्टिक्स, प्रयोगशालाएँ तथा डिजिटल स्वास्थ्य ICT प्रणाली पात्र हैं।
- वित्तीय सहायता की विशेषताएँ
-
- प्रकार: NCDC परियोजना मूल्यांकन के आधार पर टर्म लोन एवं निवेश ऋण प्रदान करता है।
- ऋण अवधि: पुनर्भुगतान अवधि अधिकतम 8 वर्ष तक, जिसमें मूलधन पर 1–2 वर्ष की छूट शामिल है।
- ब्याज प्रोत्साहन: महिला-बहुल सहकारिताओं को समय पर भुगतान पर 1% ब्याज की छूट।
- परियोजना लागत मानक: वित्तीय सहायता वास्तविक परियोजना आवश्यकताओं के आधार पर, बिना किसी निश्चित सीमा के।
- पात्रता: राज्य या बहु-राज्य सहकारी अधिनियमों के अंतर्गत पंजीकृत कोई भी सहकारी संस्था, जिसके उपनियमों में स्वास्थ्य सेवा शामिल हो, पात्र है।
- सुरक्षा आवश्यकताएँ: ऋण परिसंपत्ति बंधक, सरकारी गारंटी, बैंक गारंटी अथवा गिरवी रखी गई प्रतिभूतियों के माध्यम से सुरक्षित किए जाते हैं।
योजना का महत्त्व
- सामुदायिक स्वामित्व: जवाबदेही और सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सहकारी-नेतृत्व आधारित स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देता है।
- आयुष क्षेत्र को समर्थन: पारंपरिक एवं एकीकृत चिकित्सा प्रणालियों को सुदृढ़ करता है।
- महिला सशक्तीकरण: रियायती ब्याज दरों के माध्यम से महिला-बहुल सहकारिताओं को प्रोत्साहन।
- समावेशी स्वास्थ्य विस्तार: ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार।
- सहकारी क्षेत्र का विविधीकरण: कृषि से आगे बढ़कर स्वास्थ्य सेवाओं में सहकारिताओं की भूमिका का विस्तार।
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के बारे में
- यह संसद के एक अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 1963 में स्थापित एक वैधानिक निकाय है, जिसका उद्देश्य उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन एवं सेवाओं में सहकारी-आधारित विकास को बढ़ावा देना है।
- सहायता: प्राथमिक, जिला तथा शीर्ष/बहु-राज्य स्तर की सहकारिताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- वित्तपोषण का माध्यम: वित्तीय सहायता राज्य सरकारों/केंद्रशासित प्रदेशों के माध्यम से या सीधे पात्र सहकारिताओं को प्रदान की जाती है।
|