नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 23 Feb 2026

संदर्भ:

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में भी जाना जाता है, सितंबर 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था। यह एक ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% (एक-तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हों।

भारत की स्थिति और ऐतिहासिक संदर्भ:

  • वर्तमान प्रतिनिधित्व: वर्तमान में, लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी लगभग 15% है।
    • तुलनात्मक रूप से, रवांडा की संसद में लगभग 61% और स्वीडन में लगभग 46% महिलाएँ शामिल हैं।
  • ऐतिहासिक संदर्भ: महिला आरक्षण विधेयक वर्ष 1996 से लंबित था। इसे 2010 में राज्यसभा द्वारा पारित किया गया, लेकिन लोकसभा में यह व्यपगत हो गया।
    • इसे अंततः 2023 में अधिनियमित किया गया, जिसका कार्यान्वयन जनगणना और परिसीमन के पूरा होने पर निर्भर है।

कार्यान्वयन तथा तकनीकी बाधाएँ:

  • सशर्त प्रवर्तन: यह अधिनियम नई जनगणना और उसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही लागू होगा।
  • जनगणना की समय-सीमा: अगली जनगणना 2027 के आसपास होने की उम्मीद है, जिसके डेटा प्रकाशन में 12-18 महीने लगने की संभावना है, जिससे यह प्रक्रिया 2029 तक लंबित हो जाएगी।
  • परिसीमन प्रक्रिया: अनुच्छेद 82 के तहत, एक परिसीमन आयोग 543 लोकसभा और लगभग 4,000 विधानसभा क्षेत्रों का पुनर्गठन करेगा। ऐतिहासिक रूप से, इस प्रक्रिया में 3-6 वर्ष लगे हैं।
  • कुल समय-सीमा: प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को देखते हुए, 2033-34 से पूर्व कार्यान्वयन की संभावना कम दिखाई देती है।

लबिंत होने के राजनीतिक कारण:

  • मौजूदा सीटों का संरक्षण: तत्काल कार्यान्वयन के लिए मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में से लगभग 183 को आरक्षित करने की आवश्यकता होगी, जिससे मौजूदा सांसदों को विस्थापित होना पड़ सकता है।
  • विस्तार की रणनीति: परिसीमन की प्रतीक्षा करके, लोकसभा में कुल सीटें बढ़ सकती हैं (संभावित रूप से 888 तक), जिससे मौजूदा पुरुष प्रतिनिधियों को हटाए बिना महिलाओं को नई सीटें दी जा सकेंगी।

क्षेत्रीय और सामाजिक चिंताएँ:

  • उत्तर-दक्षिण विभाजन: जिन राज्यों ने जनसंख्या वृद्धि को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया है (जैसे- केरल, तमिलनाडु), उन्हें भय है कि परिसीमन के बाद वे उच्च-वृद्धि वाले राज्यों (जैसे- उत्तर प्रदेश, बिहार) की तुलना में अपना सापेक्ष प्रतिनिधित्व खो देंगे।
  • सीमित संस्थागत दायरा: आरक्षण केवल लोकसभा और राज्य विधानसभाओं पर लागू होता है, इसमें राज्यसभा और राज्य विधान परिषदों को शामिल नहीं किया गया है।
  • कोई OBC उप-कोटा नहीं: जबकि SC और ST महिलाओं के लिए उप-कोटा है, OBC महिलाओं (जो महिला आबादी का लगभग 40% हिस्सा हैं) के लिए कोई विशिष्ट आरक्षण नहीं है।
  • रोटेशन तंत्र: प्रत्येक चुनाव में आरक्षित सीटों को घुमाने (rotate) से महिलाओं को निरंतर राजनीतिक आधार बनाने में बाधा आ सकती है।

आगे की राह:

  • अनुच्छेद 15(3) का आह्वान: केंद्र सरकार को जनगणना-परिसीमन की शर्त को हटाने तथा आरक्षण को तुरंत प्रभावी बनाने के लिए कानून में संशोधन करना चाहिए।
  • 33% का कार्यान्वयन: सरकार को मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के भीतर ही आरक्षण लागू करना चाहिए।
  • सीट वृद्धि: पूर्ण परिसीमन की प्रतीक्षा करने के बजाय, सरकार वर्तमान पुरुष सांसदों की सीटों की रक्षा करते हुए तत्काल महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए, विशेष रूप से महिलाओं के लिए 180 अतिरिक्त सीटें जोड़ सकती है।

निष्कर्ष

कार्यान्वयन में देरी, समानता के संवैधानिक वादे को कमजोर करती है। स्थगित प्रतिनिधित्व, लंबित समानता है। समय पर कार्रवाई के बिना, लैंगिक न्याय संरचनात्मक की बजाय केवल प्रतीकात्मक बना रहता है।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न

प्रश्न. लैंगिक समानता प्राप्त करने के लिए राजनीतिक सशक्तीकरण केंद्रीय है। संसद और राज्य विधानसभाओं के लिए महिला आरक्षण कानून को लागू करने में संरचनात्मक और प्रक्रियात्मक चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

(15 अंक, 250 शब्द)

Follow Us

Explore SRIJAN Prelims Crash Course

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.