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Lokesh Pal
July 17, 2026 05:30
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बाद में भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड ने स्पष्ट किया कि—
लगभग 14.3 गीगाबाइट परियोजना संबंधी जानकारी लीक होने की सूचना मिली, जिसमें शामिल थे—
यद्यपि रिएक्टर संचालन प्रभावित नहीं हुआ, फिर भी ऐसी जानकारी भविष्य में साइबर अथवा भौतिक हमलों के लिए उपयोगी हो सकती है क्योंकि इससे महत्वपूर्ण अवसंरचना की संरचना का पता चलता है।
कुडनकुलम डेटा लीक की घटना यह स्पष्ट करती है कि आज साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा एक-दूसरे से अविभाज्य हैं। भारत को केवल घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था से आगे बढ़कर एक सक्रिय, सुदृढ़ और पारदर्शी साइबर सुरक्षा ढाँचा विकसित करना होगा, ताकि देश की महत्त्वपूर्ण अवसंरचना उभरते साइबर खतरों के विरुद्ध सुरक्षित रह सके।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न :प्रश्न : साइबर सुरक्षा के विभिन्न तत्त्वों को स्पष्ट कीजिए तथा भारत के समक्ष उपस्थित प्रमुख साइबर सुरक्षा चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। (10 अंक 150 शब्द) |
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