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Lokesh Pal
July 17, 2026 05:00
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हाल के समय में यह विषय पुनः चर्चा में आया है क्योंकि भारत के राष्ट्रीय नागरिक सम्मानों, विशेषकर भारत रत्न तथा पद्म पुरस्कारों इत्यादि पर राजनीतिक प्रभाव, क्षेत्रीय असंतुलन, सम्मान देने में विलंब तथा चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं।
बहस का मुख्य मुद्दा यह है कि क्या ये सम्मान वास्तव में असाधारण योग्यता एवं आजीवन योगदान को सम्मानित करते हैं, अथवा इन पर चुनावी राजनीति और मीडिया की लोकप्रियता के प्रभाव को बढ़ता है।
भारत के नागरिक सम्मान तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं—
भारत के राष्ट्रीय नागरिक सम्मान उत्कृष्टता, सेवा और सांस्कृतिक उपलब्धियों के सर्वोच्च आदर्शों का सम्मान करने के लिए स्थापित किए गए हैं। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, योग्यता आधारित निर्णय, क्षेत्रीय समावेशन तथा संस्थागत स्वतंत्रता सुनिश्चित करके इन सम्मानों की विश्वसनीयता को और सुदृढ़ किया जा सकता है। इससे जनता का विश्वास भी मजबूत होगा कि राष्ट्रीय सम्मान केवल योग्यता और योगदान के आधार पर दिए जाते हैं, न कि सत्ता के निकट होने के आधार पर।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: “राष्ट्रीय नागरिक सम्मान उत्कृष्टता और जनसेवा के सर्वोच्च प्रतीक हैं, किंतु उनकी विश्वसनीयता चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर निर्भर करती है।” टिप्पणी कीजिए। (10 अंक 150 शब्द) |
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