संदर्भ
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने भारत के मीडिया, प्रसारण और डिजिटल क्षेत्र को सुदृढ़ करने तथा “ऑरेंज इकोनॉमी” को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन नई पहलों का अनावरण किया है।
ऑरेंज इकोनॉमी क्या है?.
- ऑरेंज इकोनॉमी, जिसे क्रिएटिव इकोनॉमी भी कहा जाता है, उन आर्थिक गतिविधियों को संदर्भित करती है, जो संस्कृति, रचनात्मकता, और बौद्धिक संपदा (IP) द्वारा संचालित होती हैं।
- क्षेत्र: इसमें कला, संगीत, सिनेमा, डिजाइन, सॉफ्टवेयर, फैशन, गेमिंग और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
- महत्त्व
- वैश्विक स्तर पर, ऑरेंज इकोनॉमी को मुख्य रोजगार सृजनकर्ता और ज्ञान अर्थव्यवस्था में समावेशी विकास का स्रोत माना जाता है।
- जैसे-जैसे डिजिटल खपत बढ़ रही है, रचनात्मक उद्योग कथाओं को आकार देने और समाजों को प्रभावित करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।
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संबंधित तथ्य
- नई शुरू की गई तीन पहलें हैं:-
- इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) के माध्यम से गूगल और यूट्यूब के साथ साझेदारी में राष्ट्रीय AI स्किलिंग पहल।
- मायवेव्स (MyWAVES), WAVES OTT पर एक नागरिक क्रिएटर प्लेटफॉर्म।
- डीडी फ्री डिश सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने के लिए टेलीविजन सेटों में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) और इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर्स का रोलआउट।
राष्ट्रीय AI कौशल पहल के बारे में
- नोडल मंत्रालय: सूचना और प्रसारण मंत्रालय
- क्रियान्वयन: इसे इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) द्वारा यूट्यूब के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
- उद्देश्य: एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स (AVGC) और मीडिया प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में AI क्षमताओं को सुदृढ़ करना।
- प्रशिक्षण: लगभग 15,000 युवाओं को बिना किसी शुल्क के प्रशिक्षित किया जाएगा।
- AI स्किलिंग कार्यक्रम दो चरणों में संचालित किया जाएगा:
- चरण 1: इसमें गूगल कॅरियर सर्टिफिकेट्स और गूगल क्लाउड जनरेटिव AI लर्निंग पाथ्स के माध्यम से बड़े पैमाने पर आधारभूत AI शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- प्रतिभागी AI एसेंशियल्स, प्रॉम्प्टिंग एसेंशियल्स, जनरेटिव AI का परिचय, और जनरेटिव AI लीडर पाथ जैसे पाठ्यक्रमों का अध्यन करेगे।
- चरण 2: इसमें रचनात्मक उद्योग के लिए उन्नत, व्यावहारिक और परियोजना-आधारित विशेषज्ञता शामिल होगी।
- पाठ्यक्रम में स्टोरीटेलिंग की कला, यूट्यूब सर्वोत्तम प्रथाएँ और जेमिनी 3, नैनो ‘बनाना’, वियो, तथा वर्टेक्स AI जैसे AI टूल्स का उपयोग करते हुए उन्नत प्रशिक्षण के मॉड्यूल शामिल होंगे।
मायवेव्स प्लेटफॉर्म
- यह WAVES OTT प्लेटफॉर्म के भीतर कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक नया फीचर प्लेटफॉर्म है, जो उन्हें कंटेंट बनाने, अपलोड करने और साझा करने में सक्षम बनाता है।
- संरचित उपयोगकर्ता-निर्मित सामग्री पारिस्थितिकी तंत्र: यह उपयोगकर्ता-निर्मित सामग्री (UGC) के लिए एक संरचित प्लेटफॉर्म के रूप में डिजाइन किया गया है, जो ‘क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’ (Create in India Challenge) जैसी राष्ट्रीय पहलों में भागीदारी को भी बढ़ावा देगा।
- उपभोग से सृजन की ओर परिवर्तन: यह प्लेटफॉर्म कंटेंट देखने से सक्रिय कंटेंट भागीदारी की ओर बदलाव को दर्शाता है, जिससे WAVES OTT केवल देखने के लिए ही नहीं बल्कि सृजन के लिए भी एक प्लेटफॉर्म का निर्माण करता है।
- विविध कंटेंट प्रारूपों के लिए समर्थन: मायवेव्स शॉर्ट वीडियो, वर्टिकल वीडियो और एपिसोडिक कंटेंट सहित कई प्रारूपों का समर्थन करेगा।
- बहुभाषी पहुँच: यह विभिन्न भारतीय भाषाओं में उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बहुभाषी इंटरफेस प्रदान करता है।
टेलीविजन सेटों में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) और इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर
- उन्नत टेलीविजन सुविधाओं की शुरुआत: टेलीविजन देखने को सरल बनाने के एक महत्त्वपूर्ण कदम के रूप में, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) वाले टीवी सेट प्रस्तुत किए हैं।
- सेट-टॉप बॉक्स पर निर्भरता का उन्मूलन: दर्शक अब अलग सेट-टॉप बॉक्स की आवश्यकता के बिना सीधे अपने टेलीविजन सेट पर डीडी फ्री डिश चैनलों तक पहुँच सकते हैं।
- लागत और सुविधा के लाभ: यह पहल अतिरिक्त लागत को कम करती है, वायरिंग को न्यूनतम करती है और कई रिमोट कंट्रोल की आवश्यकता को समाप्त करती है।
- उन्नत EPG के माध्यम से बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव: नया उपयोगकर्ता-अनुकूल प्रोग्राम गाइड एक ही इंटरफेस में चैनलों और कार्यक्रम अनुसूचियों को सरलता से ब्राउज करने में सक्षम बनाता है।
- घरेलू स्तर पर बेहतर पहुँच: यह पहल देशभर के घरों के लिए टेलीविजन देखने को अधिक सरल बनाते हुए सुविधा और पहुँच को बढ़ावा देती है।
पहलों का महत्त्व
- राष्ट्रीय AI कौशल पहल रचनाकारों को विकसित हो रहे डिजिटल परिदृश्य में क्षमताएँ विकसित करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करेगी।
- मायवेव्स एक सशक्त डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को बढ़ावा देगा, जिससे नागरिकों को कंटेंट बनाने, अपलोड करने और साझा करने में सक्षम बनाया जाएगा।
- तीसरी पहल, जो डीडी फ्री डिश से संबंधित है, नागरिकों को बिना सेट-टॉप बॉक्स के कंटेंट तक पहुँच की अनुमति देकर महत्त्वपूर्ण मूल्य को शामिल करती है, जिससे विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँच में सुधार होता है।