लाइडेन प्लेट्स (चोल-कालीन ताम्र-पत्र)

18 May 2026

संदर्भ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान, डच सरकार ने 14 वर्षों के कूटनीतिक प्रयास के बाद चोल-कालीन ‘लाइडेन प्लेट्स’ (Leiden Plates) भारत को वापस कीं।

लाइडेन प्लेट्स’ (आनैमंगलम ताम्र-पत्र) के बारे में 

  • ‘लाइडेन प्लेट्स’ 11वीं शताब्दी के चोल-कालीन ताम्र-पत्र अभिलेख हैं, जो भूमि अनुदान, धार्मिक दान और चोल साम्राज्य के समुद्री संबंधों का विवरण देते हैं।

3 17

  • मुख्य विशेषताएँ
    • संरचना: इनमें लगभग 21 ताम्र-पत्र शामिल हैं, जिनका कुल वजन लगभग 30 किलोग्राम है, और इन्हें चोल राजवंश की शाही मुहर वाले कांस्य छल्ले से बाँधा गया है।
    • द्विभाषी अभिलेख: इन ताम्र-पत्रों में संस्कृत और तमिल दोनों भाषाओं में अभिलेख हैं, जो चोल साम्राज्य की प्रशासनिक और सांस्कृतिक परिष्कृतता को दर्शाते हैं।
    • संबंधित शासक: इन अभिलेखों में राजराजा चोल प्रथम द्वारा प्रारंभ किए गए अनुदान तथा राजेंद्र चोल प्रथम द्वारा औपचारिक रूप से निष्पादित विवरण दर्ज हैं।
    • बौद्ध और समुद्री संबंध: इन अभिलेखों में नागपट्टिनम् स्थित चूड़ामणि विहार (Chudamani Vihara) को दिए गए अनुदानों का उल्लेख है, जिसे श्रीविजय साम्राज्य द्वारा निर्मित किया गया था, जो चोल साम्राज्य की समुद्री कूटनीति और धार्मिक बहुलवाद को प्रदर्शित करता है।

चोल-कालीन ताम्र-पत्रों के बारे में 

  • चोल-कालीन ताम्र-पत्र 9वीं से 13वीं शताब्दी ईसवी के मध्य चोल शासकों द्वारा जारी शाही अभिलेख थे, जिनमें भूमि अनुदान, कराधान अधिकार, वंशावली और प्रशासनिक आदेशों का विवरण दर्ज किया जाता था।
  • विभिन्न चोल-कालीन ताम्र-पत्र
    • तिरुवालंगाडु ताम्र-पत्र: यह राजेंद्र चोल प्रथम की वंशावली तथा सैन्य विजयों का वर्णन करता है, जिसमें उनका गंगा अभियान भी शामिल है।
    • करंडई ताम्र-पत्र: इनमें राजेंद्र चोल प्रथम की सैन्य उपलब्धियों तथा ब्राह्मणों को दिए गए व्यापक भूमि अनुदान का विवरण दर्ज है।
    • अनबिल ताम्र-पत्र: ये सुंदर चोल द्वारा जारी किए गए थे और प्रारंभिक चोल शासकों की महत्त्वपूर्ण वंशावली जानकारी प्रदान करते हैं।
    • एसलम’ ताम्र-पत्र: इनमें विदेशी सैन्य अभियानों तथा राजेंद्र चोल प्रथम द्वारा किए गए भूमि अनुदानों का उल्लेख है।
    • उत्तम चोल ताम्र-पत्र: इनमें चोल काल के दौरान मंदिर प्रशासन, कर व्यवस्था और धार्मिक सेवाओं का विवरण दिया गया है।
  • चोल-कालीन ताम्र-पत्रों की प्रमुख विशेषताएँ
    • शाही मुहर और प्रतीक: इन ताम्र-पत्रों को कांस्य छल्लों से बाँधा जाता था, जिन पर चोल कालीन प्रतीक बाघ तथा चेर और पांड्य राजवंशों के प्रतीक अंकित होते थे।
    • विस्तृत प्रशासनिक अभिलेख: इनमें भूमि सीमाएँ, कर छूट, सिंचाई अधिकार और स्थानीय सभाओं के कर्तव्यों का सूक्ष्म विवरण दर्ज होता था।
    • वंशावली अभिलेखन: ये ताम्र-पत्र राजवंशों की वंशावली और राजनीतिक इतिहास को संरक्षित करते थे, जिससे ये महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक स्रोत बनते हैं।
    • स्थायी विधिक अभिलेख: ताम्र-पत्र स्थायी और हस्तक्षेप रोधी राज्य दस्तावेज के रूप में कार्य करते थे, जो कानूनी और प्रशासनिक मान्यता रखते थे।

चोल-कालीन ताम्र-पत्रों का महत्त्व

  • ऐतिहासिक महत्त्व: ये ताम्र-पत्र चोल शासन, अर्थव्यवस्था, सैन्य अभियानों और सामाजिक संगठन के बारे में प्रामाणिक साक्ष्य प्रदान करते हैं।
  • सांस्कृतिक और भाषायी महत्त्व: ये प्रारंभिक तमिल और संस्कृत अभिलेखों को संरक्षित करते हैं तथा मध्यकालीन दक्षिण भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं।
  • समुद्री संपर्क का प्रमाण: इन अभिलेखों से चोल साम्राज्य के समुद्री व्यापार तथा दक्षिण-पूर्व एशियाई राज्यों के साथ कूटनीतिक संबंधों का पता चलता है।
  • धार्मिक बहुलवाद: शैव चोल शासकों द्वारा बौद्ध संस्थानों को दिए गए अनुदान, चोल साम्राज्य में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक समावेशिता को दर्शाते हैं।

निष्कर्ष

लाइडेन प्लेट्स’ की वापसी भारत की बढ़ती सांस्कृतिक कूटनीति और अपनी सभ्यतागत विरासत एवं ऐतिहासिक स्मृति को पुनः प्राप्त करने और संरक्षित करने के वैश्विक प्रयासों को दर्शाती है।

लाइडेन प्लेट्स (चोल-कालीन ताम्र-पत्र)

Explore UPSC Foundation Course

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.