ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM)

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राजस्थान ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) पर ई-व्यापार के संदर्भ में शीर्ष राज्य के रूप में उभरा, जो कृषि विपणन के तीव्र डिजिटलीकरण को दर्शाता है।
राजस्थान की उपलब्धि के प्रमुख बिंदु
- मंडी का डिजिटल एकीकरण: राजस्थान ने 173 मंडियों को ई-नाम से जोड़ा है, जिससे देशव्यापी व्यापार पहुँच, बेहतर मूल्य खोज और 15 लाख से अधिक किसानों का डिजिटल कृषि बाजारों में समावेशन संभव हुआ है।
- तकनीकी प्रगति और विस्तार: राज्य ई-व्यापार मात्रा में अग्रणी है, जहाँ 134 मंडियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित गुणवत्ता परीक्षण लागू है। वर्ष 2016 से अब तक 3.16 करोड़ टन उपज का ₹1.3 लाख करोड़ मूल्य का व्यापार किया गया है।
ई-नाम के बारे में
- ई-नाम एक संपूर्ण भारत स्तर का इलेक्ट्रॉनिक व्यापार पोर्टल है, जिसे अप्रैल 2016 में कृषि बाजारों के एकीकरण और पारदर्शी ऑनलाइन व्यापार के लिए शुरू किया गया।
- मुख्य उद्देश्य
- एक एकीकृत राष्ट्रीय कृषि बाजार का निर्माण
- ई-नीलामी के माध्यम से पारदर्शी मूल्य निर्धारण
- बाजार प्रक्रियाओं का मानकीकरण द्वारा दक्षता में सुधार।
- ग्रेडिंग और परीक्षण के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
- कार्यान्वयन संस्था: लघु कृषक कृषि व्यवसाय संघ (SFAC), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत।
- विशेषताएँ (व्यापार एवं भागीदारी)
- वास्तविक समय मूल्य निर्धारण के साथ ऑनलाइन नीलामी और देशव्यापी पहुँच।
- भागीदारी: किसान, व्यापारी, किसान उत्पादक संगठन (FPOs), प्रोसेसर, और निर्यातक
- एकल व्यापार लाइसेंस (सभी राज्यों में मान्य) और प्रत्यक्ष डिजिटल भुगतान
- ई-नाम 2.0 के तहत लॉजिस्टिक्स, विश्लेषण और फिनटेक एकीकरण।
- महत्त्व
- बेहतर मूल्य प्राप्ति और बिचौलियों में कमी के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि।
- कृषि व्यापार में औपचारिकता, पारदर्शिता, और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा
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राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस
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राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल 2026 को मनाया जा रहा है, जो 73वें संविधान संशोधन के 33 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के बारे में
- राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को मनाया जाता है। यह वर्ष 1992 के 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के लागू होने की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया था।
- थीम 2026: “सशक्त पंचायत, सर्वांगीण विकास” – यह थीम सशक्त स्थानीय शासन और समग्र, समावेशी ग्रामीण विकास पर बल देती है, जो सतत् विकास लक्ष्यों के अनुरूप है।
- प्रमुख नवाचार एवं पहल
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- पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) 2.0 का विमोचन, जो जमीनी स्तर पर शासन के प्रदर्शन का आकलन करता है।
- “मेरी पंचायत मेरी धरोहर” प्रकाशनों का शुभारंभ, जो ग्रामीण विरासत को उजागर करते हैं।
- ग्राम सभा बैठकों को बढ़ावा, जिससे सहभागी लोकतंत्र मजबूत होता है।
पंचायती राज का महत्त्व
- त्रि-स्तरीय व्यवस्था की स्थापना: 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 राज्यों में तीन-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद) प्रदान करता है (20 लाख से अधिक जनसंख्या वाले राज्यों के लिए) जबकि छोटे राज्यों में दो-स्तरीय व्यवस्था की अनुमति देता है।
- यह विकेंद्रीकरण, स्थानीय योजना निर्माण, और जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक भागीदारी को सुनिश्चित करता है।
- शासन एवं विकास में भूमिका
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- सेवा वितरण, जवाबदेही, और ग्रामीण विकास के परिणामों को सुदृढ़ करता है।
- निचले स्तर से योजना निर्माण और स्थानीय सशक्तीकरण के माध्यम से “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू जनजातियों (DNTs)
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सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की वर्ष 2025–26 की वार्षिक रिपोर्ट ने गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू जनजातियों (DNTs) के लिए राज्यों के कमजोर समर्थन को उजागर किया है।
गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू जनजातियाँ (DNTs)
- गैर-अधिसूचित जनजातियाँ: इन समुदायों को क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के तहत कलंकित किया गया था और वर्ष 1952 में इन्हें मुक्त किया गया, फिर भी सामाजिक कलंक और बहिष्करण जारी है।
- उदाहरण: पारधी जनजाति, साँसी जनजाति।
- घुमंतू जनजातियाँ: ये समुदाय स्थायी निवास के बिना घुमंतू आजीविका पर निर्भर रहते हैं।
- उदाहरण: बंजारा जनजाति, गाड़िया लोहार
- अर्द्ध-घुमंतू जनजातियाँ: ये आंशिक रूप से स्थायी हैं, परंतु मौसमी प्रवास जारी रखते हैं।
- उदाहरण: गुर्जर समुदाय, रबारी समुदाय।
- अनुमानित जनसंख्या: भारत में इनकी संख्या 10 करोड़ से अधिक मानी जाती है।
- वर्तमान वर्गीकरण: ये समुदाय अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में वितरित हैं, जबकि लगभग 300 समुदाय अभी भी अवर्गीकृत हैं।
DNT कल्याण पर मंत्रालय की रिपोर्ट (2025–26) के प्रमुख बिंदु
- राज्य समर्थन अपर्याप्त: वर्ष 2015 से सलाह के बावजूद अधिकांश राज्यों ने संस्थागत और प्रशासनिक कदम नहीं उठाए हैं।
- प्रमाणन कवरेज में कमी : केवल 7 राज्य– राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ही DNT प्रमाण-पत्र जारी करते हैं।
- संस्थागत कमी: राज्यों में समर्पित कल्याण बोर्ड, विभाग और शिकायत निवारण तंत्र का अभाव है।
- राज्य क्षमता और डेटा की कमी: प्रमाण-पत्र जारी करने, जनसंख्या डेटा एकत्र करने, लाभार्थियों की पहचान और भूमि आवंटन में राज्य की कमजोर क्षमता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बाधित करती है।
- जनगणना अनिश्चितता: जनगणना 2027 में DNTs को शामिल करने का प्रस्ताव है, लेकिन गणना पद्धति और पहचान ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है।
- योजनाओं की सीमित पहुँच: DNT आर्थिक सशक्तीकरण योजना (SEED) के तहत 5,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाए गए, लगभग 3000 छात्रों को कोचिंग सहायता दी गई तथा लगभग 50,000 आयुष्मान कार्ड जारी किए गए, फिर भी समग्र कवरेज अभी भी सीमित है।
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टोबैको एंड वेप्स विधेयक (यूके धूम्रपान प्रतिबंध)
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यूनाइटेड किंगडम ने एक ऐतिहासिक कानून को मंजूरी दी है, जिसके तहत 2008 के बाद जन्मे व्यक्तियों को सिगरेट बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि धूम्रपान-मुक्त पीढ़ी का निर्माण किया जा सके।
तंबाकू और वेप्स विधेयक के बारे में:
- यह विधेयक 1 जनवरी, 2009 के बाद जन्मे व्यक्तियों को सिगरेट की बिक्री पर रोक लगाता है, जिससे भविष्य की पीढ़ियों में धूम्रपान को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा सके।
- चरणबद्ध कार्यान्वयन दृष्टिकोण:
- सिगरेट खरीदने की कानूनी आयु हर वर्ष क्रमिक रूप से बढ़ाई जाएगी।
- भविष्य में खुले सार्वजनिक स्थानों जैसे खेल के मैदानों और स्कूलों में भी धूम्रपान पर प्रतिबंध का विस्तार किया जाएगा।
- वेप्स (ई-सिगरेट) के फ्लेवर, पैकेजिंग, और सार्वजनिक उपयोग पर भी नियंत्रण शामिल है।
- प्रतिबंध की आवश्यकता
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- इंग्लैंड में धूम्रपान से प्रतिवर्ष लगभग 75,000 मौतें होती हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली (जैसे NHS) पर भारी दबाव पड़ता है।
- यह कुल मौतों के लगभग एक-चौथाई के लिए जिम्मेदार है, जो कैंसर, हृदय रोग, और श्वसन रोगों से जुड़ी हैं।
- युवाओं में वेपिंग और प्रारंभिक लत की बढ़ती प्रवृत्ति सख्त नियंत्रण की माँग करती है।
- यह नीति दीर्घकालिक स्वास्थ्य व्यय को कम करने और जनस्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखती है।
धूम्रपान नियंत्रण के वैश्विक प्रयास
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ढाँचा: विश्व स्वास्थ्य संगठन तंबाकू नियंत्रण रूपरेखा अभिसमय (FCTC) के माध्यम से वैश्विक स्तर पर कराधान, विज्ञापन प्रतिबंध और चेतावनी लेबल को बढ़ावा देता है।
- न्यूजीलैंड मॉडल: न्यूजीलैंड ने वर्ष 2022 में इसी प्रकार का पीढ़ीगत धूम्रपान प्रतिबंध लागू किया था, जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया, यह नीति संबंधी चुनौतियों को दर्शाता है।
- भारत का दृष्टिकोण: भारत सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन निषेध और व्यापार एवं वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) (COTPA) अधिनियम 2003 के माध्यम से तंबाकू को नियंत्रित करता है, विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाता है, सचित्र चेतावनी अनिवार्य करता है और राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जागरूकता को बढ़ावा देता है।
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भारत–मिस्र रक्षा समिति बैठक
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भारत और मिस्र ने काहिरा (मिस्र) में आयोजित 11वीं संयुक्त रक्षा समिति बैठक में रक्षा संबंधों को मजबूत किया और गहन सैन्य सहयोग के लिए एक रोडमैप अपनाया।
भारत–मिस्र 11वीं संयुक्त रक्षा समिति बैठक के प्रमुख बिंदु
- रक्षा सहयोग रोडमैप (2026–27): दोनों देशों ने संरचित सैन्य सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार और द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों के मानदंड एवं जटिलता को बढ़ाने पर सहमति जताई।
- रक्षा औद्योगिक साझेदारी: रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन पर जोर दिया गया जिसमें भारत की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता और निर्यात संभावनाओं का लाभ उठाया जाएगा।
भारत–मिस्र संबंधों के बारे में
- परिचय: भारत–मिस्र संबंध ऐतिहासिक सभ्यतागत संबंधों पर आधारित हैं और समय के साथ रक्षा, व्यापार तथा भू-राजनीति तक विस्तृत बहुआयामी साझेदारी में विकसित हुए हैं।
- आधुनिक संबंधों को बांडुंग सम्मेलन के दौरान आकार मिला, जहाँ नेहरू और नासिर जैसे नेताओं ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की नींव रखी।
- रणनीतिक साझेदारी: वर्ष 2023 में संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया, जिससे राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग गहरा हुआ।
- व्यापार संबंध: वित्त वर्ष 2021–22 में कुल व्यापार 7 अरब डॉलर से अधिक रहा, जिसमें भारत को व्यापार अधिशेष प्राप्त है।
- भारत का स्वेज नहर आर्थिक क्षेत्र (Suez Canal Economic Zone) में वैश्विक बाजार तक पहुँच हेतु रणनीतिक हित है।
- नियमित संयुक्त अभ्यास: साइक्लोन (सेना), डेजर्ट वॉरियर (वायु सेना) तथा नौसैनिक अभ्यास।
मिस्र के बारे में
- मिस्र, आधिकारिक रूप से अरब गणराज्य मिस्र, एक अंतरमहाद्वीपीय देश है, जो अफ्रीका और एशिया को जोड़ता है और अपनी प्राचीन सभ्यता तथा रणनीतिक भू-राजनीतिक महत्त्व के लिए जाना जाता है।
- काहिरा इसकी राजधानी, सबसे बड़ा शहर और सांस्कृतिक केंद्र है, जो नील नदी के किनारे स्थित है।
- नई प्रशासनिक राजधानी: काहिरा के पूर्व में एक नई प्रशासनिक राजधानी विकसित की जा रही है (अभी नामित नहीं), ताकि भीड़भाड़ कम हो और शासन दक्षता बढ़े।
- स्थान: मिस्र उत्तर-पूर्वी अफ्रीका में स्थित है, जहाँ सिनाई प्रायद्वीप एशिया तक विस्तृत है, जिससे यह एक अंतरमहाद्वीपीय देश बनता है।
- सीमाएँ: उत्तर: भूमध्य सागर, पूर्व: लाल सागर, पश्चिम: लीबिया, दक्षिण: सूडान तथा उत्तर-पूर्व: इजरायल और फिलिस्तीन।
- भौगोलिक विशेषताएँ
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- नील नदी तंत्र: नील नदी उपजाऊ घाटी और डेल्टा बनाती है, जो मिस्र की अधिकांश जनसंख्या और कृषि का आधार है।
- रेगिस्तानी क्षेत्र: पश्चिमी रेगिस्तान देश के अधिकांश भाग को शामिल करता है, जबकि पूर्वी रेगिस्तान पर्वतीय और खनिज संपन्न है।
- सिनाई प्रायद्वीप: एशिया में स्थित त्रिकोणीय शुष्क क्षेत्र, जिसमें माउंट कैथरीन (मिस्र की सबसे ऊँची चोटी) स्थित है।
- विशिष्ट स्थलाकृति: कत्तारा डिप्रेशन (Qattara Depression) देश का सबसे निचला बिंदु है, जो इसकी भौतिक विविधता को दर्शाता है।
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