UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

डिजिटल सक्रियता बनाम जमीनी स्तर की राजनीतिक भागीदारी

डिजिटल सक्रियता बनाम जमीनी स्तर की राजनीतिक भागीदारी 30 May 2026

संदर्भ:

यह बहस इस बात पर केंद्रित है कि क्या सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से किया जाने वाला डिजिटल सक्रियतावाद वास्तविक लोकतांत्रिक भागीदारी तथा जमीनी स्तर के राजनीतिक लामबंदी (Grassroots Political Mobilisation) का विकल्प बन सकता है।

प्रमुख तर्क

  • डिजिटल युग में कोई मीम (Meme) कुछ ही घंटों में लाखों लोगों तक पहुँच सकता है और कोई हैशटैग (Hashtag) वैश्विक स्तर पर ट्रेंड कर सकता है, जिससे व्यापक राजनीतिक सहभागिता का आभास उत्पन्न होता है।
  • हालाँकि, सार्थक लोकतांत्रिक परिवर्तन अंततः जमीनी स्तर पर जन-संगठन, सामुदायिक सहभागिता, सामूहिक कार्रवाई और निरंतर जन-भागीदारी पर निर्भर करता है, जिन्हें केवल ऑनलाइन गतिविधियों द्वारा पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।

डिजिटल सक्रियता की शक्तियाँ (Strengths)

  • त्वरित जागरूकता निर्माण: सोशल मीडिया सूचना के तत्काल प्रसार को संभव बनाता है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को शीघ्रता से व्यापक दृश्यता और जन-ध्यान प्राप्त होता है।
  • व्यापक पहुँच: डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म भौगोलिक सीमाओं के पार नागरिकों को जोड़ते हैं, जिससे व्यापक जनसंचार और जन-संगठन (मोबिलाइज़ेशन) को बढ़ावा मिलता है।
  • भागीदारी की कम लागत: नागरिक न्यूनतम वित्तीय या व्यवस्थागत (लॉजिस्टिक) बाधाओं के साथ चर्चाओं, अभियानों और जन-पक्षधरता गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।
  • युवाओं की भागीदारी: सोशल मीडिया युवाओं के बीच राजनीतिक जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।

डिजिटल सक्रियता की सीमाएँ

  • क्लिक्टिविज़्म (Clicktivism): डिजिटल भागीदारी अक्सर केवल पोस्ट को लाइक करने, साझा करने, टिप्पणी करने या फॉलो करने तक सीमित रह जाती है, जो सार्थक नागरिक सहभागिता या सामूहिक कार्रवाई में परिवर्तित नहीं हो पाती।
  • एल्गोरिद्मिक नियंत्रण: सोशल मीडिया के एल्गोरिद्म प्रायः सहभागिता के मापदंडों के आधार पर सामग्री को बढ़ावा देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर निम्नलिखित प्रवृत्तियाँ को अधिक प्रसार मिलता है: 
    • भावनात्मकता (Emotion)
    • क्रोध (Anger)
    • ध्रुवीकरण (Polarisation)
    • सनसनीखेज़ी (Sensationalism)
    • परिणामस्वरूप, गंभीर नीतिगत मुद्दों की तुलना में भावनात्मक सामग्री को अधिक महत्व मिल जाता है।
  • डिजिटल विभाजन: समाज के कई वर्ग ऑनलाइन विमर्श में पर्याप्त स्तर पर शामिल नहीं पा पाते, जैसे:
    • ग्रामीण आबादी
    • प्रवासी श्रमिक
    • असंगठित क्षेत्र के श्रमिक
    • हाशिए पर स्थित समुदाय
    • इसलिए, सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाएँ व्यापक जनसंख्या की वास्तविक चिंताओं और प्राथमिकताओं का उचित प्रतिनिधित्व नहीं कर सकती हैं।

ज़मीनी स्तर पर लामबंदी का महत्व

  • सार्वजनिक बैठकें: प्रत्यक्ष संवाद नागरिकों को मुद्दों पर चर्चा करने, समाधानों पर विचार-विमर्श करने तथा सामूहिक समझ विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।
  • जागरूकता अभियान: जमीनी अभियान उन समुदायों तक सूचना पहुँचाने में सहायता करते हैं जिनकी डिजिटल पहुँच सीमित है।
  • सामुदायिक संगठन: स्थानीय संघ, स्वयं सहायता समूह (SHGs) और नागरिक संगठन लोकतांत्रिक भागीदारी तथा जवाबदेही को मजबूत करते हैं।
  • मुद्दा-आधारित आंदोलन: रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण तथा स्थानीय शासन से जुड़े आंदोलन अक्सर निरंतर भौतिक लामबंदी और जनसहभागिता की मांग करते हैं।

जमीनी स्तर पर जन-संगठन क्यों महत्वपूर्ण है?

  • जमीनी स्तर की भागीदारी लोगों के बीच गहरा विश्वास, मजबूत सामुदायिक संबंध तथा दीर्घकालिक राजनीतिक जागरूकता का निर्माण करती है।
  • डिजिटल रुझानों के विपरीत, जो अक्सर अस्थायी होते हैं, जमीनी स्तर के आंदोलन निरंतर सहभागिता के माध्यम से स्थायी सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन उत्पन्न करने में सक्षम होते हैं।

UPSC मुख्य परीक्षा हेतु प्रमुख अवधारणाएँ

  • क्लिक्टिविज़्म (Clicktivism): कम प्रयास वाली ऑनलाइन भागीदारी, जो बिना किसी ठोस वास्तविक दुनिया की कार्रवाई के सक्रियता (एक्टिविज़्म) का आभास उत्पन्न करती है।
  • डिजिटल विभाजन: विभिन्न सामाजिक और आर्थिक समूहों के बीच डिजिटल प्रौद्योगिकियों तथा इंटरनेट तक पहुँच में विद्यमान असमानता।
  • प्रतिध्वनि चैंबर (Echo Chambers): ऐसे ऑनलाइन वातावरण जहाँ व्यक्ति मुख्यतः उन्हीं विचारों और मतों के संपर्क में आते हैं जो उनके अपने विचारों से मिलते-जुलते होते हैं, जिससे उनकी पूर्व-स्थापित मान्यताएँ और अधिक मजबूत हो जाती हैं।
  • एल्गोरिद्मिक शासन (Algorithmic Governance): सार्वजनिक विमर्श को प्रभावित करने तथा यह निर्धारित करने में कि उपयोगकर्ता कौन-सी जानकारी देखेंगे और उपभोग करेंगे, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के एल्गोरिद्म की भूमिका और प्रभाव।
  • लोकतंत्र का निगमकरण (Corporatisation of Democracy): ऐसी स्थिति जिसमें निजी प्रौद्योगिकी कंपनियाँ राजनीतिक संचार और जनमत निर्माण को बढ़ते हुए स्तर पर प्रभावित करने लगती हैं।

निष्कर्ष

डिजिटल सक्रियता जागरूकता निर्माण और जनसंगठन का एक शक्तिशाली साधन है, किन्तु यह जमीनी स्तर की भागीदारी, सामुदायिक जुड़ाव और लोकतांत्रिक विचार-विमर्श का पूर्ण विकल्प नहीं बन सकती। एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ऑनलाइन सहभागिता और ऑफलाइन सामूहिक कार्रवाई दोनों का संतुलित संयोजन आवश्यक है, ताकि राजनीतिक भागीदारी समावेशी, प्रभावी और सार्थक बनी रहे।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न: सड़क-स्तरीय जन-संगठन (Street-level Mobilization) से डिजिटल सक्रियता (Digital Activism) की ओर हुए बदलाव ने राजनीतिक भागीदारी को मात्र दृश्यता (Visibility) तक सीमित कर दिया है। भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सोशल मीडिया एल्गोरिद्म के प्रभाव का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।

 (15 अंक, 250 शब्द)

डिजिटल सक्रियता बनाम जमीनी स्तर की राजनीतिक भागीदारी

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.