संदर्भ:
भारत ने वर्ष 1971 में बांग्लादेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, किंतु हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों—जिनमें 2024 के विरोध प्रदर्शन, शेख हसीना का भारत आगमन, मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन तथा बाद में तारिक रहमान का प्रधानमंत्री के रूप में उभरना शामिल हैं—ने भारत-बांग्लादेश संबंधों की प्रकृति एवं गतिशीलता को परिवर्तित कर दिया है।
वर्तमान चुनौती
विश्वास का संकट:
- भारत ने कूटनीतिक यात्राओं, आधिकारिक निमंत्रणों तथा महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भागीदारी के माध्यम से बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को सुदृढ़ करने का प्रयास किया है। तथापि, बांग्लादेश आपसी विश्वास को पुनर्स्थापित करने के लिए केवल प्रतीकात्मक कदमों के बजाय ठोस नीतिगत कार्रवाइयों और व्यावहारिक सहयोग की अपेक्षा करता है।
भारत–बांग्लादेश संबंधों से संबंधित प्रमुख मुद्दे
व्यापारिक प्रतिबंध
- भारत ने पूर्व में कुछ कदम उठाए थे, जैसे:
- कुछ बांग्लादेशी वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाना।
- कुछ वीज़ा सुविधाओं को निलंबित करना।
- बाज़ार तक पहुँच को सीमित करना।
- बांग्लादेश अब आर्थिक एवं कूटनीतिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए इन प्रतिबंधों को वापस लेने की अपेक्षा करता है।
शेख हसीना का मुद्दा
- पहले बांग्लादेश ने शेख हसीना को कानूनी कार्यवाही का सामना करने हेतु वापस भेजने की मांग की थी।
- नई सरकार ने इस मांग को जोरदार ढंग से आगे नहीं बढ़ाया है और भारत से अधिक सहयोग, सद्भावना तथा सकारात्मक सहभागिता की अपेक्षा रखी है।
चीन कारक
- बांग्लादेश आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने के लिए चीन और मलेशिया जैसे देशों के साथ अपनी सहभागिता को बढ़ावा दे रहा है।
- हालाँकि, साझा सीमाओं, संपर्क तथा नदी तंत्र के कारण भारत को भौगोलिक बढ़त प्राप्त है, जिससे वह बांग्लादेश का एक महत्वपूर्ण साझेदार बना हुआ है।
बांग्लादेश के लिए भारत का महत्व
- गंगा जल संधि: गंगा जल संधि की अवधि 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही है।
- महत्व:
- बांग्लादेश साझा नदी जल पर अत्यधिक निर्भर है।
- गंगा–कोबादक (Ganges-Kobadak) सिंचाई परियोजना जल उपलब्धता पर निर्भर करती है।
- चीन भारत की भौगोलिक भूमिका का विकल्प नहीं बन सकता।
आगे की राह
- दोनों देशों को व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए आपसी विश्वास का पुनर्निर्माण करना तथा क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना आवश्यक है, क्योंकि बांग्लादेश में स्थिरता बनाए रखना भारत की सुरक्षा एवं रणनीतिक हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न: भारत-बांग्लादेश संबंधों में उत्पन्न विश्वास का संकट रणनीतिक हितों और पड़ोसी देशों की संवेदनशीलताओं के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों को दर्शाता है। द्विपक्षीय संबंधों में हालिया तनाव के लिए उत्तरदायी कारकों की चर्चा कीजिए तथा आपसी विश्वास को पुनर्स्थापित करने के लिए आगे की राह सुझाइए।
(10 अंक, 250 शब्द)
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