संदर्भ
औद्योगिक दुर्घटनाओं को अक्सर आकस्मिक घटनाएँ माना जाता है, जबकि वास्तव में वे अनदेखी चेतावनियों की एक श्रृंखला का परिणाम होती हैं।
- हाल की त्रासदियाँ, जैसे सूरत में सेप्टिक टैंक में श्रमिकों की मृत्यु और विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में घातक विस्फोट, प्रणालीगत सुरक्षा विफलताओं को उजागर करती हैं।
मुख्य विचार
“दुर्घटनाएँ वास्तव में दुर्घटनाएँ नहीं होतीं; वे अनदेखी चेतावनियों की एक श्रृंखला होती हैं।”
औद्योगिक आपदाएँ प्रायः पूर्वानुमेय होती हैं और निम्न कारणों से घटित होती हैं:
- खराब सुरक्षा प्रथाएँ
- निगरानी एवं निरीक्षण की कमी
- मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) की अनदेखी
उदाहरण: सेप्टिक टैंक में मौतें
कारण:
मृत्यु विषैली गैसों के संपर्क में आने के कारण होती है, जैसे:
- हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S)
- मीथेन
सामान्य पैटर्न
- एक श्रमिक टैंक में प्रवेश करता है और बाहर नहीं लौटता।
- उसे बचाने के लिए अन्य श्रमिक बिना सुरक्षा उपकरणों के अंदर जाते हैं।
- परिणामस्वरूप कई लोगों की मृत्यु हो जाती है।
वर्तमान सुरक्षा नियम (SOPs)
मानक संचालन प्रक्रियाएँ
- मानव प्रवेश से पहले टैंक की यांत्रिक सफाई।
- श्वसन सुरक्षा उपकरणों का उपयोग।
- सुरक्षा रस्सियों और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग।
समस्या
- सुरक्षा दिशानिर्देशों के बावजूद, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) की अक्सर अनदेखी की जाती है, जिससे रोकी जा सकने वाली मौतें होती हैं।
मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला ढोना) की समस्या
कानून
- हाथ से मैला ढोने वालों के रूप में रोजगार का निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013
प्रतिबंध के बावजूद
- सीवर और सेप्टिक टैंक से होने वाली मौतें जारी हैं, जिसके प्रमुख कारण हैं:
- स्वच्छता कार्य से जुड़ा सामाजिक कलंक
- जाति-आधारित पेशागत पदानुक्रम
- आर्थिक मजबूरी के कारण श्रमिकों को जोखिमपूर्ण कार्य करने के लिए बाध्य होना पड़ता है।
नमस्ते योजना (NAMASTE), 2023
नेशनल एक्शन फॉर मेकेनाईज्ड सेनिटेशन इकोसिस्टम
उद्देश्य
- मैनुअल सफाई प्रथाओं को यांत्रिक स्वच्छता प्रणालियों से प्रतिस्थापित करना।
- खतरनाक स्थानों में मानव प्रवेश को कम करके सुरक्षित स्वच्छता कार्य सुनिश्चित करना।
औद्योगिक कारखाना दुर्घटनाएँ
उदाहरण: विशाखापट्टनम स्टील प्लांट दुर्घटना
कारण
- वित्तीय दबाव के कारण सुरक्षा उपायों और रखरखाव पर होने वाले खर्च में कमी।
- रखरखाव बजट में कमी के कारण मशीनरी के निवारक रखरखाव पर प्रभाव पड़ना।
- पुरानी और जर्जर मशीनरी के कारण औद्योगिक विफलताओं का जोखिम बढ़ना।
- पर्याप्त सुरक्षा तैयारी के बिना ठेका श्रमिकों पर बढ़ती निर्भरता।
ठेका श्रमिकों से संबंधित समस्याएँ
- पर्याप्त सुरक्षा प्रशिक्षण और तकनीकी कौशल का अभाव।
- स्थायी कर्मचारियों की तुलना में कम जवाबदेही।
- पर्याप्त तैयारी या सुरक्षा अभिमुखीकरण के बिना तत्काल कार्य पर तैनाती, जिससे कार्यस्थल पर जोखिम बढ़ जाता है।
आगे की राह
- व्यावसायिक सुरक्षा संहिता, 2020 का कार्यान्वयन: कार्यस्थल सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना तथा औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु तंत्र को मजबूत बनाना।
- सीमित एवं खतरनाक स्थानों में शून्य मानव प्रवेश: खतरनाक सीमित स्थानों में मानव प्रवेश से बचा जाना चाहिए। जैसे:
- मैनुअल स्कैवेंजिंग कानूनों का सुदृढ़ कार्यान्वयन: हाथ से मैला ढोने की प्रथा को समाप्त करने तथा सुरक्षित स्वच्छता प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए कानूनों का सख्त प्रवर्तन आवश्यक है।
- मुख्य नियोक्ताओं को भी श्रमिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन के लिए उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।
- सुरक्षा की मानसिकता में परिवर्तन: उद्योगों को “सुरक्षा से अधिक लागत” के दृष्टिकोण से “लागत से अधिक सुरक्षा” के दृष्टिकोण की ओर स्थानांतरित होना चाहिए, जहाँ श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिक प्राथमिकता दी जाए।
- संवैधानिक दृष्टिकोण: औद्योगिक मृत्यु और असुरक्षित कार्य परिस्थितियाँ अनुच्छेद 21—जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करती हैं, जिसमें गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार भी शामिल है।
- आर्थिक मजबूरी के कारण श्रमिकों को उचित सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण या संरक्षण के बिना खतरनाक कार्यस्थलों में प्रवेश करने के लिए बाध्य करना उनकी गरिमा, सुरक्षा तथा सुरक्षित जीवन के मौलिक अधिकार को कमजोर करता है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:
प्रश्न: भारत में औद्योगिक दुर्घटनाएँ तकनीकी विफलताओं की अपेक्षा संगठनात्मक व्यवस्थाओं की कमजोरियों तथा सामाजिक-आर्थिक संवेदनशीलताओं के संचय का अधिक परिणाम हैं। हाल की औद्योगिक दुर्घटनाओं के संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।
(15 अंक, 250 शब्द)
|