ईरान की नाभिकीय क्षमता: वाल्ट्ज-सेगन चर्चा और पश्चिम एशिया का भविष्य

ईरान की नाभिकीय क्षमता: वाल्ट्ज-सेगन चर्चा और पश्चिम एशिया का भविष्य 14 Mar 2026

संदर्भ

अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांत में केनेथ वाल्ट्ज (Kenneth Waltz) और स्कॉट डी. सेगन (Scott D. Sagan) के बीच एक पारंपरिक चर्चा इस बात का परीक्षण करती है, कि क्या नाभिकीय हथियार वैश्विक स्थिरता या विनाशकारी युद्ध के जोखिम को बढ़ाते हैं।

  • ईरान को नाभिकीय हथियार बनाने से रोकने के लिए इज़राइल और अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाइयों ने नाभिकीय निवारण (Nuclear Deterrence) पर इस चर्चा को पुनः जीवित कर दिया है।

नाभिकीय हथियारों पर चर्चा: सेगन बनाम वाल्ट्ज

  • स्कॉट सेगन: नाभिकीय प्रसार वैश्विक सुरक्षा को और अधिक गंभीर बनाता है
    • प्रणालीगत जोखिम में वृद्धि: जैसे-जैसे अधिकांश देश नाभिकीय हथियार प्राप्त करते हैं, नाभिकीय संघर्ष की संभावना बढ़ती जाती है।
    • तर्कहीन निर्णय लेने का जोखिम: संकट के दौरान नेता और राज्य हमेशा तर्कसंगत व्यवहार नहीं कर सकते हैं।
    • आकस्मिक या अनधिकृत उपयोग: तकनीकी खराबी, गलत संचार या संगठनात्मक विफलताएँ अनपेक्षित नाभिकीय हथियारों का कारण बन सकती हैं।
    • कमजोर संस्थागत नियंत्रण: नए नाभिकीय संपन्न देशों में मजबूत कमांड-एंड-कंट्रोल तंत्र की कमी हो सकती है।
  • केनेथ वाल्ट्ज: नाभिकीय हथियार स्थिरता बढ़ा सकते हैं
    • निवारण-आधारित स्थिरता: विनाशकारी प्रतिशोध का भय और पारस्परिक सुनिश्चित विनाश (Mutually Assured Destruction – MAD) राज्यों को नाभिकीय युद्ध शुरू करने से हतोत्साहित करता है।
    • विस्तार का भर (Fear of escalation): नेता उन संघर्षों से बचते हैं, जो नाभिकीय विनिमय में बदल सकते हैं।
    • शीत युद्ध का प्रमाण: तीव्र प्रतिद्वंद्विता के बावजूद, अमेरिका और सोवियत संघ ने प्रत्यक्ष युद्ध से इनकार किया।

नाभिकीय निवारण/अवरोध के लिए ऐतिहासिक प्रोत्साहन:

  • गैर-नाभिकीय राज्यों की सुभेद्यता: इराक और लीबिया जैसे देशों को नाभिकीय हथियारों के अभाव में पश्चिमी शक्तियों द्वारा सैन्य हस्तक्षेप तथा शासन परिवर्तन का सामना करना पड़ा, जो गैर-नाभिकीय राज्यों के लिए रणनीतिक जोखिमों को उजागर करता है।
  • उत्तर कोरिया मॉडल: 2017 में, डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर कोरिया को “आग और रोष” (fire and fury) की धमकी दी थी, लेकिन देश द्वारा नाभिकीय तथा अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) क्षमताओं का प्रदर्शन करने के बाद वे किम जोंग-उन के साथ राजनयिक संबंधों की ओर बढ़ गए। यह नाभिकीय हथियारों के निवारक मूल्य को दर्शाता है।
  • यूक्रेन की चेतावनी: यूक्रेन ने 1994 में बुडापेस्ट ज्ञापन के तहत सुरक्षा आश्वासनों के बदले में अपना नाभिकीय शस्त्रागार सौंप दिया था, फिर भी उसे 2014 में रूसी आक्रामकता और 2022 में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण का सामना करना पड़ा।
    • यथार्थवादी विद्वान जॉन मियरशाइमर (John Mearsheimer) ने 1993 में ही भविष्यवाणी की थी, कि केवल नाभिकीय हथियार ही रूस के खिलाफ यूक्रेन के लिए एक विश्वसनीय निवारक प्रदान करेंगे।

निष्कर्ष

ईरान को नाभिकीय हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका की कार्रवाइयाँ वास्तव में ईरान को उन्हें तेजी से हासिल करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं, क्योंकि नाभिकीय हथियारों को उसके अस्तित्व के लिए सबसे विश्वसनीय निवारक/अवरोध के रूप में देखा जाता है।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न

प्रश्न. नाभिकीय प्रसार को रोकने के उद्देश्य से किए गए निवारक युद्ध इसके बजाय इसे तीव्र कर सकते हैं। पश्चिम एशिया के समकालीन घटनाक्रमों के आलोक में इस तर्क का परीक्षण कीजिए।

(10 अंक, 150 शब्द)

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