प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2026

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2026 7 Apr 2026

संदर्भ

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2026 प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की रणनीति में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अपशिष्ट संग्रहण से हटकर पुनर्चक्रित सामग्रियों के उपयोग को अनिवार्य बनाने की ओर बढ़ रहे हैं।

पृष्ठभूमि

  • प्लास्टिक संकट: प्लास्टिक का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है क्योंकि यह वहनीय और लचीला है, लेकिन यह जैव-निम्नीकरणीय नहीं है तथा लंबे समय तक पर्यावरण में बना रह सकता है, जिससे एक महत्त्वपूर्ण पर्यावरणीय संकट उत्पन्न होता है।
  • विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR): प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 ने विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) की शुरुआत की, जिससे उत्पादकों को उनके द्वारा उत्पन्न प्लास्टिक अपशिष्ट को इकट्ठा करने के लिए उत्तरदायी बनाया गया।
  • लक्ष्य में कमी: 2016 के नियमों ने विशिष्ट वार्षिक संग्रह लक्ष्य निर्धारित किए, जो पूर्ण नहीं हुए:
    • 2021-22: 35% संग्रह लक्ष्य
    • 2022-23: 70% संग्रह लक्ष्य
    • 2024-25: 100% संग्रह लक्ष्य
  • वर्तमान वास्तविकता: कंपनियाँ वर्तमान में केवल 50-60% प्लास्टिक अपशिष्ट ही एकत्र करती हैं।

अतिरिक्त तथ्य

  • चक्रीय अर्थव्यवस्था: एक आर्थिक प्रणाली जिसमें संसाधनों का पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और पुनरुत्पादन किया जाता है, ताकि अपशिष्ट एक संसाधन बन जाए और सामग्रियों के लिए ‘जीवन के अंत’ की अवधारणा को न्यूनतम या समाप्त किया जा सके।
  • EPR क्रेडिट ट्रेडिंग: एक तंत्र जो उत्पादकों को आपस में अनुपालन प्रमाण पत्र खरीदने और बेचने की अनुमति देता है।
  • कठोर बनाम लचीली पैकेजिंग:
    • श्रेणी I – कठोर: बोतलें, कंटेनर
    • श्रेणी II – लचीली: पाउच, फिल्में, रैपर
  • प्रवर्तन अंतराल: कागज पर कानून जो निर्धारित करता है और वास्तविकता में लागू किया जाता है, उसके बीच का अंतर।

संशोधन-2026 : पुनर्चक्रित सामग्री को अनिवार्य बनाना

  • रणनीति में बदलाव: 31 मार्च, 2026 के बाद कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा, कि पैकेजिंग में उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक का एक निर्दिष्ट भाग पुनर्चक्रित सामग्री से बना हो, जिससे ध्यान संग्रह से हटकर पुनर्चक्रित सामग्री के उपयोग पर केंद्रित हो जाएगा।
  • विशिष्ट लक्ष्य:
    • 2026 जनादेश: नई पैकेजिंग में कम-से-कम 30% पुनर्चक्रित सामग्री होनी चाहिए।
    • 2028-29 जनादेश: यह आवश्यकता बढ़कर 60% पुनर्चक्रित सामग्री हो जाएगी।
  • पुन: प्रयोज्य (रीयूजेबल) पैकेजिंग: लक्ष्य कंपनियों को “उपयोग करो और फेंको” प्रारूपों से हटाकर ऐसी पैकेजिंग की ओर ले जाना है, जिसे कई बार पुन: उपयोग किया जा सके।

EPR प्रमाणपत्र ट्रेडिंग प्रणाली:

  • बाजार-आधारित तंत्र: यह प्रणाली पुनर्चक्रण लक्ष्यों को कुशलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए, कार्बन ट्रेडिंग के समान एक व्यापार योग्य प्रमाणपत्र ढाँचा प्रस्तुत करती है।
  • बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन: अनिवार्य पुनर्चक्रण स्तर से अधिक प्रदर्शन करने वाली कंपनियाँ EPR प्रमाणपत्र अर्जित करती हैं।
  • व्यापार प्रावधान: पुनर्चक्रण लक्ष्यों को पूरा करने में असमर्थ कंपनियाँ अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए, अधिशेष अनुपालन वाली कंपनियों से EPR प्रमाणपत्र खरीद सकती हैं।

अनुपालन लचीलापन और विस्तार:

  • घाटा विस्तार: 2025-26 में पुनर्चक्रण लक्ष्यों को पूर्ण करने में विफल रहने वाली कंपनियों को, घाटे को पूरा करने के लिए 3 वर्ष का विस्तार दिया गया है।
  • किस्त प्रावधान: शेष घाटे को तीन वर्ष की अवधि में एक-तिहाई की वार्षिक किस्तों के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है।
  • तथ्य की आलोचना: आलोचकों का तर्क है, कि यह प्रभावी रूप से चार वर्षों की अनुपालन खिड़की बनाता है, जिससे कंपनियों के लिए दायित्वों को तुरंत पूरा करने की तात्कालिकता कम हो जाती है।

संबंधित आलोचनाएँ और चुनौतियाँ:

  • बाजार-केंद्रित दृष्टिकोण: EPR प्रणाली प्लास्टिक अपशिष्ट की वास्तविक कमी और पुनर्चक्रण सुनिश्चित करने की बजाय प्रमाणपत्र व्यापार को प्राथमिकता दे सकती है।
  • प्रवर्तन अंतराल: पैकेजिंग संक्रमण (कठोर से लचीली) और पुनर्चक्रण लक्ष्यों के अनुपालन की कमजोर निगरानी नीति की प्रभावशीलता को कमजोर कर सकती है।

  • वैकल्पिक दृष्टिकोण: अपशिष्ट प्रबंधन का ‘इंदौर मॉडल’ अपशिष्ट प्रबंधन परिणामों को बेहतर बनाने में जन जागरूकता और कठोर स्रोत पृथक्करण की प्रभावशीलता पर प्रकाश डालता है।
    • सुदृढ़ नागरिक भागीदारी और व्यवहार परिवर्तन, अपशिष्ट पृथक्करण तथा पुनर्चक्रण को बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
    • कठोर निगरानी, घर-घर जाकर संग्रहण, और पृथक्करण न करने पर दंड प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करते हैं।

निष्कर्ष

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2026 की सफलता न केवल EPR ट्रेडिंग जैसे बाजार-आधारित तंत्रों पर बल्कि कठोर प्रवर्तन, स्रोत पृथक्करण और सक्रिय नागरिक भागीदारी पर भी निर्भर करेगी।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न

प्रश्न. प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 में पेश किया गया लचीलापन आर्थिक सुगमता और पर्यावरण संरक्षण के मध्य एक समझौते को दर्शाता है। आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

(15 अंक, 250 शब्द)

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