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Lokesh Pal
July 02, 2026 05:30
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तीव्र शहरीकरण और बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए बड़े भूखंडों की आवश्यकता होती है। पारंपरिक भूमि अधिग्रहण के कारण अक्सर विरोध-प्रदर्शन, मुकदमेबाजी और परियोजनाओं में देरी होती है। ऐसे में ‘लैंड पूलिंग’ (Land Pooling) एक अधिक भागीदारीपूर्ण विकल्प के रूप में उभरा है।
लैंड पूलिंग विकास लाभों को साझा करके किसानों, सरकारों तथा शहरी नियोजकों के हितों को एक साथ जोड़ती है, जिससे बुनियादी ढाँचे का विस्तार अधिक न्यायसंगत, सतत एवं संधारणीय बनता है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न. भारत में बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण एक बड़ीबाधा बना हुआ है। परीक्षण कीजिए, कि लैंड पूलिंग किस प्रकार समावेशी शहरी तथा ग्रामीण विकास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकती है। (15 अंक, 250 शब्द) |
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