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Lokesh Pal
July 07, 2026 05:30
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हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने फुटपाथों पर सुरक्षित रूप से यात्रा के अधिकार (राइट टू वॉक) को अनुच्छेद 19(1)(d) और अनुच्छेद 21 का एक अभिन्न अंग माना है, तथा इस बात की पुष्टि की है कि पैदल यात्रियों के अधिकार संवैधानिक स्वतंत्रता, शहरी शासन और एक समावेशी सार्वजनिक क्षेत्र के लिए केंद्रीय हैं।
अर्थात समावेशी, सुरक्षित और निवास योग्य शहरों के निर्माण के लिए यात्रा के अधिकार की रक्षा करना आवश्यक है, जहाँ संवैधानिक स्वतंत्रता, मानव गरिमा और संधारणीय शहरी विकास एक दूसरे को मजबूत करते हैं।
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