Q. तेहरान और जकार्ता के उदाहरण देते हुए, भारतीय महानगरों में बढ़ते 'जीरो-डे' जल संकट के खतरे पर चर्चा कीजिए। इस तरह के संकट को रोकने के लिए किन तत्काल नीतिगत हस्तक्षेपों की आवश्यकता है? (15 अंक, 250 शब्द)

प्रश्न की मुख्य माँग

  • भारतीय शहरों में ‘जीरो-डे’ परिदृश्यों के बढ़ते खतरों की चर्चा कीजिए।
  • तत्काल आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेपों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर

विश्व के विभिन्न शहरी केंद्र तेजी से ‘जीरो-डे’ (Zero-Day) जल परिदृश्यों के खतरे का सामना कर रहे हैं, जहाँ शहरों का उपयोग-योग्य जल पूरी तरह से समाप्त हो गया है। तेहरान और जकार्ता के हालिया अनुभव उन भारतीय महानगरों के लिए चेतावनी हैं, जो पहले से ही तीव्र जल तनाव का सामना कर रहे हैं।

मुख्य भाग

भारतीय शहरों में ‘जीरो-डे’ परिदृश्यों का बढ़ता खतरा

  • जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों में गिरावट: तापमान वृद्धि और अनियमित मौसम प्रतिरूप हिमावरण में कमी और जल विज्ञान चक्र (hydrological cycles) को बदल रहे हैं, जिससे शहरों के पारंपरिक जल स्रोत कमजोर हो रहे हैं।
    • उदाहरण: ईरान के अल्बोर्ज पहाड़ों में कम बर्फबारी ने तेहरान की जल आपूर्ति को समाप्त कर दिया है।
  • भूजल का अत्यधिक दोहन: शहरी माँग को पूरा करने के लिए अत्यधिक और अनियंत्रित भूजल निकासी से जलभृत (aquifer) समाप्त हो रहे हैं, और भूमि धँसने या भू-स्खलन जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
    • उदाहरण: भूजल पर जकार्ता की निर्भरता के कारण शहर वार्षिक रूप से 15 सेमी. तक भूमि में नीचे (धँस) रहा है।
  • जल-संवेदनशील योजना के बिना तीव्र शहरी विस्तार: अनियोजित शहरी विकास जल बुनियादी ढाँचे में आनुपातिक वृद्धि के बिना माँग को बढ़ाता है।
    • उदाहरण: भारतीय महानगरों का अनियंत्रित विस्तार हुआ है, जिससे सीमित जल संसाधनों पर अस्थिर दबाव पड़ रहा है।
  • सतही जल निकायों का प्रदूषण: नदियों और झीलों के दूषित होने से उपयोग योग्य स्वच्छ जल की उपलब्धता कम हो जाती है, जिससे शहर महंगे विकल्पों पर निर्भर होने हेतु बाध्य हो जाते हैं।
    • उदाहरण: यमुना में अमोनिया का उच्च स्तर इसके पानी को उपभोग के लिए अनुपयुक्त बनाता है, जिससे दिल्ली में पानी के टैंकरों पर निर्भरता बढ़ जाती है।
  • अंतर-राज्यीय निर्भरता और शासन की संवेदनशीलता: बाह्य जल स्रोतों पर निर्भर शहर राजनीतिक और जलवायु संबंधी व्यवधानों के प्रति संवेदनशील बने रहते हैं।
    • उदाहरण: हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर दिल्ली की निर्भरता इसे आपूर्ति  अनिश्चितताओं के प्रति संवेदनशील बनाती है।

तत्काल आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेप

  • भूजल विनियमन और निगरानी: अटल भूजल योजना जैसी योजनाओं को लागू करने योग्य निष्कर्षण सीमाओं के साथ सुदृढ़ और विस्तारित किया जाना चाहिए।
  • शहरी वर्षा जल संचयन और पुनर्भरण: इमारतों में वर्षा जल संचयन अनिवार्य किया जाए, विशेष रूप से चेन्नई जैसे जल-तनाव वाले शहरों में।
  • अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग: उद्योगों और शहरी सेवाओं के लिए उपचारित अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग का बड़े पैमाने पर विस्तार, जैसा- कुछ चुनिंदा शहरों में शुरू किया गया है।
  • डिजिटल जल शासन: वास्तविक समय निगरानी और नागरिक जागरूकता सक्षम करने के लिए पाइजोमीटर (piezometers) और डिजिटल वाटर ग्रिड का उपयोग किया जाए।
  • जलवायु-अनुकूल शहरी योजना: शहरी मास्टर प्लान में जल सुरक्षा को एकीकृत किया जाए तथा इंडोनेशिया में ‘राजधानी स्थानांतरण’ जैसे अल्पकालिक समाधानों से बचा जाए।

निष्कर्ष

तेहरान और जकार्ता के अनुभव बताते हैं कि ‘जीरो-डे’ जल संकट जलवायु परिवर्तन द्वारा विस्तारित शासन संबंधी विफलताओं का परिणाम है। भारत के लिए, इस तरह के शहरी संकट को रोकने हेतु पूर्वानुमानित, एकीकृत और जलवायु-संवेदनशील जल प्रबंधन की आवश्यकता है ताकि संकट के समय की जाने वाली प्रतिक्रियात्मक कार्रवाइयों के स्थान पर दीर्घकालिक शहरी जल सुरक्षा की ओर बढ़ा जा सके।

To get PDF version, Please click on "Print PDF" button.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.