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उत्तर:
दृष्टिकोण:
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परिचय:
अंतः करण की आवाज हमारे दिमाग का वह हिस्सा है जो हमें बताता है कि हम जो कर रहे हैं वह नैतिक रूप से सही है या गलत। इसे आंतरिक आवाज़ भी कहा जाता है जिसे हम अपने भीतर से सुनते हैं, विशेषकर तब जब हम कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रहे हों जो अनुचित या अनैतिक हो।
ऐसा संकट के समय होता है जब व्यक्ति दुविधा में पड़ जाता है। ऐसे में उसका विवेक उसे गलत रास्ते पर जाने की इजाजत नहीं देता। वह अपने मूल्यों को बनाए रखता है और अपने विवेक के आधार पर किसी के व्यवहार को निर्देशित करता है। यह एक जटिल प्रक्रिया है जो भावनात्मक संघर्ष के समय घटित होती है।
मुख्य विषयवस्तु:
अंतः करण की आवाज सही निर्णय लेने में कैसे मदद करती है?
उदाहरण: एक साक्षात्कार में दुर्घटना पीड़ितों को अपने तरीके से समर्थन देना।
निष्कर्ष:
सही और गलत की भावना की आवाज जो पुराने जमाने की (स्कूली शिक्षा और अनुभव से बनी) और अच्छी तरह से जानकार (रिकॉर्ड, सबूत आदि के बारे में जागरूक) है, हमें खुद को और अपनी दुनिया को जानने और उसके अनुसार कार्य करने में सक्षम बनाती है। इसी कारण से, सही और गलत के निर्णय की आवाज नैतिक चयन के स्रोत के रूप में कार्य करती है।
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