ताइवान जलडमरूमध्य तनाव

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ताइवान की मुख्य विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग (KMT) की चेंग ली-वुन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में हुई हालिया बैठक, चीन की नवीन राजनीतिक सक्रियता को दर्शाती है।
बैठक का महत्त्व
- नीति पुनर्मूल्यांकन और संवाद: चीन ने यह समझा है कि उसकी कठोर नीतियों ने ताइवान में स्वायत्तता समर्थक भावना को बढ़ाया, जिससे डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी को लाभ मिला; इसलिए वह KMT के माध्यम से दोनों के मध्य संबंधों को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है।
- चुनावी और एकीकरण संकेत: यह संकेत देता है कि वर्ष 2028 के चुनावों में केएमटी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण पुनःएकीकरण की संभावना अधिक है।
- वैश्विक छवि निर्माण: बढ़ते तनाव के मध्य चीन स्वयं को शांति और सुलह का समर्थक दिखाने का प्रयास कर रहा है।
- रणनीतिक समय और अमेरिका कारक: डोनाल्ड ट्रंप के साथ संभावित शिखर वार्ता से पहले यह कदम अमेरिकी प्रभाव की सीमाओं को दर्शाते हुए चीन के रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाता है।
ताइवान के विपक्ष के प्रति चीन की पहल से जुड़ी चिंताएँ
- चयनात्मक संवाद की समस्या: सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी से संवाद न करना शांतिपूर्ण वार्ता की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
- स्थिति की अस्पष्टता का खतरा: इस प्रकार की बातचीत से ताइवान की संप्रभु स्थिति पर भ्रम उत्पन्न हो सकता है।
- राजनीतिक ध्रुवीकरण: यह कदम डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी और कुओमिनतांग के मध्य आंतरिक विभाजन को बढ़ाता है।
- केएमटी के भीतर धारणा: पार्टी के भीतर यह आशंका बढ़ती है कि उसे चीन के समर्थक के रूप में देखा जा सकता है।
ताइवान के बारे में
- स्थान: ताइवान पूर्वी एशिया में स्थित एक द्वीप है, जो पश्चिमी प्रशांत महासागर में पूर्वी चीन सागर और दक्षिण चीन सागर के बीच स्थित है, तथा चीन, जापान एवं फिलीपींस के निकट है।
- ताइवान जलडमरूमध्य: यह जलडमरूमध्य ताइवान को मुख्यभूमि चीन से अलग करता है और दक्षिण चीन सागर का हिस्सा है।
- राजनीतिक स्थिति: चीन एक-चीन नीति के तहत ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और भविष्य में इसके पुनःएकीकरण का लक्ष्य रखता है।
- हालाँकि, ताइवान व्यावहारिक रूप से एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक इकाई की तरह कार्य करता है, जिसके पास अपनी सरकार, संविधान और सेना है।
- भारत का दृष्टिकोण: भारत पारंपरिक रूप से एक-चीन नीति का समर्थन करता रहा है, जिसके अनुसार ताइवान को चीन का हिस्सा माना जाता है।
- इसके साथ ही, भारत ताइवान के साथ आर्थिक, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक संबंधों पर केंद्रित सहयोग बनाए रखता है।
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थल सेना प्रमुख यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के इंटरनेशनल ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल

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भारतीय थल सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी को अमेरिका के पेंसिलवेनिया स्थित यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है।
संबंधित तथ्य
- यह सम्मान उन अंतरराष्ट्रीय सैन्य पूर्व छात्रों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी सेनाओं या समकक्ष पदों पर शीर्ष नेतृत्व पदों तक पहुँच बनाई हो।
प्रमुख विशेषताएँ
- सम्मान: वे यह सम्मान प्राप्त करने वाले तीसरे भारतीय थल सेना प्रमुख हैं, उनसे पहले वी. के. सिंह और बिक्रम सिंह को यह सम्मान मिल चुका है।
- वैश्विक सैन्य प्रतिष्ठा का प्रतीक: यह सम्मान भारतीय सैन्य नेतृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता की वैश्विक मान्यता को दर्शाता है।
- शैक्षणिक सहभागिता: उन्होंने पैनल चर्चाओं, शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लिया और स्कॉलर्स प्रोग्राम के अंतर्गत अनुसंधान कार्यों का अवलोकन किया।
- शैक्षिक पृष्ठभूमि: वे यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के पूर्व छात्र भी हैं।
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सेबास्टियन सावे

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केन्या के सेबास्टियन सावे ने लंदन मैराथन (2026) जीतते हुए आधिकारिक प्रतिस्पर्द्धा में दो घंटे से कम समय में मैराथन पूरा करने वाले पहले धावक बनकर इतिहास रच दिया।
प्रमुख बिंदु
- ऐतिहासिक उपलब्धि: सावे ने 1 घंटा 59 मिनट 30 सेकंड में दौड़ पूरी की, जिससे वे प्रतिस्पर्द्धी परिस्थितियों में 2 घंटे की सीमा तोड़ने वाले पहले खिलाड़ी बने।
- विश्व रिकॉर्ड: उन्होंने वर्ष 2023 शिकागो मैराथन में केल्विन किप्टुम द्वारा बनाए गए 2:00:35 के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
मैराथन दौड़ के बारे में
- दूरी: मैराथन एक लंबी दूरी की दौड़ है, जिसकी मानक दूरी 42.195 किलोमीटर (26.2 मील) होती है।
- नियामक संस्था: इसका अंतरराष्ट्रीय संचालन वर्ल्ड एथलेटिक्स द्वारा किया जाता है।
- प्रकृति: यह एक सहनशक्ति-आधारित प्रतियोगिता है, जिसमें उच्च स्तर की एरोबिक क्षमता और ऊर्जा प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
- मार्ग की विशेषताएँ: दौड़ का मार्ग मोड़ों, ऊँचाई में बदलाव और विभिन्न मौसम परिस्थितियों को शामिल कर सकता है।
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भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द
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भारतीय रिजर्व बैंक ने नियामकीय अनुपालन में विफलता के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है, जबकि पहले भी इस पर कई प्रतिबंध लगाए गए थे।
प्रमुख बिंदु
- पूर्व कार्रवाई: मार्च 2022 में नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई गई थी और वर्ष 2024 में जमा, क्रेडिट और टॉप-अप पर प्रतिबंध लगाए गए थे।
- अनुपालन में विफलता: लगातार नियमों का पालन न करने के कारण प्रतिबंधों से बढ़कर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई करनी पड़ी।
- ग्राहक सुरक्षा: भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि बैंक के पास पर्याप्त तरलता है, जिससे समापन प्रक्रिया के दौरान सभी जमाकर्ताओं को भुगतान किया जा सके।
भारत में पेमेंट्स बैंक के बारे में
- परिभाषा: पेमेंट्स बैंक ऐसे विशेषीकृत बैंक हैं, जिन्हें वंचित वर्गों को मूलभूत बैंकिंग और भुगतान सेवाएँ प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है।
- उत्पत्ति: इनकी सिफारिश नचिकेत मोर समिति (वित्तीय समावेशन) द्वारा की गई थी।
- उद्देश्य: सुरक्षित बचत, धन प्रेषण और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करना, बिना पूर्ण बैंकिंग सेवाएँ प्रदान किए।
- बैंकिंग कार्य: ये प्रति ग्राहक ₹2 लाख तक जमा स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन ऋण या क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकते।
- डिजिटल एवं कम लागत मॉडल: मुख्यतः मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग और एजेंट नेटवर्क के माध्यम से संचालित होते हैं, जिससे लागत कम रहती है।
- निवेश मानदंड: कुल जमा का 75% सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करना अनिवार्य है, जिससे सुरक्षा और तरलता सुनिश्चित होती है।
- नियमन: इनका नियमन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किया जाता है।
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सुरक्षित यात्रा का अधिकार
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सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि सड़क दुर्घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा और राजमार्गों पर सुरक्षित यात्रा का अधिकार, संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा है।
सड़क सुरक्षा पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश
- सड़क दुर्घटना आँकड़े: राष्ट्रीय राजमार्ग कुल सड़क लंबाई का केवल लगभग 2% हैं, लेकिन इनमें लगभग 30% सड़क मृत्यु होती हैं, जो गंभीर सुरक्षा कमी को दर्शाती है।
- राजमार्ग सुरक्षा संबंधी निर्देश: राष्ट्रीय राजमार्ग के ‘राइट ऑफ’ वे के भीतर किसी भी नए ढाबे, भोजनालय या वाणिज्यिक संरचना के निर्माण या संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- राजमार्गों पर भारी वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित स्थानों पर ही अनुमति होगी।
- अवैध संरचनाओं का हटाना: जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे 60 दिनों के भीतर अनधिकृत निर्माणों को हटाएँ, ताकि दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो सके।
- संस्थागत तंत्र: पूरे भारत में निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिला राजमार्ग सुरक्षा कार्यबल के गठन का आदेश दिया गया है।
सुरक्षित यात्रा अधिकार के बारे में
- राज्य का सकारात्मक दायित्व: राज्य का दायित्व केवल जीवन की अवैध हानि से बचाना नहीं, बल्कि सुरक्षित सड़कें, अवसंरचना और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करना भी है।
- सुरक्षित अवसंरचना का दायित्व: इसमें ब्लैकस्पॉट, गड्ढों, अवैध अतिक्रमण और असुरक्षित सड़क किनारे गतिविधियों को हटाना शामिल है।
- राजमार्गों का नियमन: पार्किंग, सड़क किनारे प्रतिष्ठानों और राजमार्ग डिजाइन मानकों पर कड़ा नियंत्रण आवश्यक है।
- जवाबदेही और शासन: NHAI, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन जैसे प्राधिकरण रोकी जा सकने वाली दुर्घटनाओं के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी हैं।
- टाले जा सकने वाले जोखिमों से सुरक्षा: नागरिकों को अवैध पार्किंग, खराब योजना और प्रशासनिक चूक जैसे मानव-निर्मित खतरों से सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
जीवन के अधिकार (अनुच्छेद-21) का विस्तारित दायरा
- अनुच्छेद-21 के अनुसार, “कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अलावा किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जाएगा।”
- भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद-21 की व्याख्या करते हुए इसमें कई व्युत्पन्न अधिकारों को शामिल किया है, जिससे यह मानवाधिकारों का एक व्यापक भंडार बन गया है।
- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद-21 में शामिल अधिकार:
- व्यक्तिगत अधिकार: गरिमा, निजता (के. एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ), निष्पक्ष सुनवाई
- सामाजिक-आर्थिक अधिकार: आजीविका (ओल्गा टेलिस बनाम बॉम्बे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन), स्वास्थ्य, शिक्षा।
- पर्यावरणीय अधिकार: स्वच्छ वायु और जल का अधिकार
- अन्य अधिकार: गरिमामय मृत्यु, सीमित इंटरनेट प्रयोग का अधिकार आदि।
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