संदर्भ:
हाल ही में एक 2 मई, 2026 को सुबह 11:40 बजे, नए ‘सचेत’ (Sachet) सिस्टम का परीक्षण करने के लिए पूरे भारत में मोबाइल फोन पर एक आपातकालीन अलर्ट परीक्षण आयोजित किया गया था।
सचेत (SACHET) क्या है?
- सचेत सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक पर आधारित भारत की राष्ट्रीय आपातकालीन अलर्ट प्रणाली है। इसे दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत सी-डॉट (C-DOT – सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) द्वारा विकसित किया गया है।
सचेत — मुख्य विशेषताएँ (किसी व्यक्तिगत डेटा की आवश्यकता नहीं):
- किसी ऐप डाउनलोड या सब्सक्रिप्शन की आवश्यकता नहीं है।
- फोन का बस ‘ऑन’ (ON) होना और सेटिंग्स में ‘वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट’ सक्षम होना आवश्यक है।
- कोई व्यक्तिगत डेटा एकत्र नहीं किया जाता — शून्य गोपनीयता चिंताएँ।
- पर्यटकों और आगंतुकों को स्वचालित रूप से कवर करता है (स्थान के आधार पर कार्य करता है)।
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक — प्रमुख बिन्दु
- यह एक ऐसी विधि है, जहाँ एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ एक छोटा संदेश भेजा जाता है — व्यक्तिगत फोन नंबरों का उपयोग किए बिना।
- इतिहास और उत्पत्ति: 1990 के दशक की शुरुआत में यूरोपीय दूरसंचार मानक संस्थान (ETSI) द्वारा विकसित।
- SMS बनाम सेल ब्रॉडकास्टिंग: पारंपरिक SMS एक ‘वन-टू-वन’ (one-to-one) प्रणाली है, जो अक्सर आपदाओं के दौरान देरी से पहुँचती है। सेल ब्रॉडकास्टिंग एक ‘वन-टू-मेनी’ (one-to-many) प्रणाली है जो नेटवर्क की भीड़ या उपयोगकर्ता का नंबर ज्ञात होने की चिंता किए बिना, टावर की रेंज में प्रत्येक फोन पर तुरंत संदेश भेजती है।
- प्रमुख तकनीकी तथ्य (ITU):
- एक साथ लाखों उपयोगकर्ताओं को कवर कर सकता है।
- इसे एक छोटे भौगोलिक क्षेत्र तक भी लक्षित किया जा सकता है।
- वर्तमान में 30+ देशों द्वारा अपनाया गया है।
सेल ब्रॉडकास्ट कैसे कार्य करता है?
- सामान्य फोन-टावर संचार: प्रत्येक मोबाइल फोन जुड़े रहने के लिए निकटतम टावर के साथ लगातार संचार करता है। यह एक शांत, एकतरफा बैकग्राउंड प्रक्रिया है, जिसे उपयोगकर्ता कभी नोटिस नहीं करते हैं।
- अलर्ट तंत्र (चरण-दर-चरण):
- चरण 1: सरकार/प्राधिकरण किसी खतरे का पता लगाता है और प्रणाली को सक्रिय करता है।
- चरण 2: प्रभावित भौगोलिक क्षेत्र के टावरों को एक एकल कमांड भेजी जाती है।
- चरण 3: प्रत्येक टावर अपनी रेंज के हर फोन पर एक साथ चेतावनी संदेश प्रसारित करता है — एक पुश, लाखों अलर्ट।
- चरण 4: फोन एक अलग ध्वनि और कंपन के साथ बजता है; संदेश स्क्रीन पर तब तक रहता है जब तक उपयोगकर्ता ओके (OK) नहीं दबाता।
- स्वदेशी तकनीक: दूरसंचार विभाग के तहत सी-डॉट द्वारा विकसित, इस प्रणाली के लिए किसी ऐप डाउनलोड की आवश्यकता नहीं है और यह स्वीकार किए जाने तक तेज आवाज के साथ साइलेंट मोड को भी ओवरराइड कर देती है।
- कार्यप्रणाली: यह विशिष्ट क्षेत्र के सभी आगंतुकों और निवासियों को अलर्ट भेजने के लिए सेल टावरों और मोबाइल फोन के बीच निरंतर मूक संचार का उपयोग करता है।
निष्कर्ष
प्रभावी होने के लिए, अधिकारियों को ‘अलर्ट थकान’ (Alert Fatigue) से बचना चाहिए, इसके लिए सिस्टम का उपयोग केवल वास्तविक आपदाओं के लिए करना चाहिए ताकि जनता भविष्य की चेतावनियों को अनदेखा न करे।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: प्रभावी प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियाँ सक्रिय आपदा प्रबंधन की धुरी हैं। भारत में सचेत (SACHET) सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम के हालिया परीक्षण के आलोक में विश्लेषण कीजिए, कि SMS से सेल ब्रॉडकास्टिंग की ओर यह तकनीकी परिवर्तन भारत के आपदा लचीलापन को किस प्रकार बढ़ाता है और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ किस प्रकार समान है।
(15 अंक, 250 शब्द)
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