संदर्भ
नीति आयोग और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (United Nations Children’s Fund- UNICEF) भारत ने मातृ और बाल पोषण के परिणामों में सुधार के लिए सहयोग करने हेतु एक ‘स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट’ (SOI) पर हस्ताक्षर किए हैं।
नीति आयोग–यूनिसेफ भारत साझेदारी के बारे में
- फोकस क्षेत्र: यह पहल आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों पर केंद्रित है, जो अपेक्षाकृत अविकसित क्षेत्र हैं तथा जिन्हें लक्षित नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है।
- उद्देश्य: पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए दोनों संस्थानों की क्षमताओं का उपयोग करना।
- हस्तक्षेप के प्रमुख क्षेत्र: यह साझेदारी निम्नलिखित क्षेत्रों में समर्थन प्रदान करेगी:
- आंगनवाड़ी अवसंरचना को मजबूत करना ताकि बाल विकास सेवाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।
- समुदायों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना।
- एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के उपयोग और पहुँच में सुधार करना।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों जैसे अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की क्षमता का निर्माण करना।
- इंपैक्ट4न्यूट्रिशन (IMPAct4Nutrition- I4N): इंपैक्ट4न्यूट्रिशन एक ऐसा मंच होगा जो आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में पोषण संबंधी पहलों के साथ व्यवसायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योग संघों को जोड़ने का कार्य करेगा।
इंपैक्ट4न्यूट्रिशन (IMPAct4Nutrition- I4N) प्लेटफॉर्म के बारे में
- इंपैक्ट4न्यूट्रिशन (I4N) यूनिसेफ इंडिया द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से शुरू किया गया एक राष्ट्रीय मंच है।
- उद्देश्य: भारत में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए निजी क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और नागरिक समाज को सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से एकजुट करना।
- मुख्य विशेषताएँ
- बहु-हितधारक मंच: पोषण पर सामूहिक रूप से कार्य करने के लिए व्यवसायों, विकास भागीदारों, सरकारी एजेंसियों और नागरिक समाज संगठनों को एक साथ लाता है।
- CSR जुटाना: कंपनियों को पोषण-केंद्रित कार्यक्रमों में CSR निधि निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करता है, विशेष रूप से कम सुविधा प्राप्त और विकास की आकांक्षा रखने वाले क्षेत्रों में।
- तकनीकी सहायता और ज्ञान साझाकरण: पोषण हस्तक्षेपों में सुधार के लिए तकनीकी विशेषज्ञता, सर्वोत्तम प्रथाओं और साक्ष्य-आधारित समाधान प्रदान करता है।
- व्यवहार परिवर्तन अभियान: स्वस्थ आहार, स्तनपान, सूक्ष्म पोषक तत्त्वों के सेवन और संतुलित पोषण पर पहलों को बढ़ावा देता है।
- सरकारी कार्यक्रमों को समर्थन: पोषण अभियान और एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) जैसी सरकारी योजनाओं का पूरक है।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम
- प्रारंभ एवं दायरा: भारत भर के 112 वंचित और दूरस्थ जिलों के तीव्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए नीति आयोग द्वारा वर्ष 2018 में आरंभ किया गया।
- विषयगत फोकस: यह पाँच प्रमुख विषयों (स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास, और अवसंरचना) पर कार्य करता है।
- प्रदर्शन निगरानी: प्रगति का मूल्यांकन 49 विकास संकेतकों के माध्यम से किया जाता है।
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम
- प्रारंभ एवं दायरा: वर्ष 2023 में आरंभ किया गया, शुरुआत में 500 ब्लॉकों को शामिल किया गया, बाद में वर्ष 2025 में इसका विस्तार 513 ब्लॉकों तक किया गया।
- मुख्य उद्देश्य: ब्लॉक स्तर पर आवश्यक सरकारी सेवाओं की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- विषयगत क्षेत्र: यह पाँच विषयों पर केंद्रित है: स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, बुनियादी ढाँचा और सामाजिक विकास।
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