पंचायत उन्नति सूचकांक ने NAeG, 2026 में स्वर्ण पुरस्कार जीता
पंचायत उन्नयन सूचकांक (PAI) को राष्ट्रीय ई-शासन पुरस्कार (NAeG) 2026 में स्वर्ण पुरस्कार प्राप्त हुआ, श्रेणी VII: डेटा विश्लेषण के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन के अंतर्गत।
राष्ट्रीय ई-शासन पुरस्कार (NAeG)
उद्देश्य:राष्ट्रीय ई-शासन पुरस्कार देशभर में ई-शासन पहलों के सफल कार्यान्वयन को मान्यता देने और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष प्रदान किए जाते हैं।
प्रदान करने वाली संस्था:प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG)।
आरंभ वर्ष: यह वर्ष 2003 में शुरू किए गए थे, जिसका उद्देश्य नवाचार, पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देना है।
पुरस्कार घटक
स्वर्ण पुरस्कार: ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र तथा ₹10 लाख की प्रोत्साहन राशि।
रजत पुरस्कार: ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र तथा ₹5 लाख की प्रोत्साहन राशि।
उद्देश्य: सफल ई-शासन मॉडलों की पुनरावृत्ति को प्रोत्साहित करना तथा प्रौद्योगिकी के माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार करना।
राष्ट्रीय ई-शासन पुरस्कार (NAeG) 2026 के विजेता
NAeG 2026 पुरस्कार
कुल 7 पुरस्कार श्रेणियों में 17 परियोजनाएँ चयनित की गईं।
पुरस्कारों में 10 स्वर्ण पुरस्कार, 6 रजत पुरस्कार तथा 1 जूरी पुरस्कार शामिल हैं।
मुख्य पुरस्कार विजेता पहलें
पंचायत उन्नयन सूचकांक (PAI): पंचायती राज मंत्रालय।
एग्री स्टैक (Agri Stack): कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय।
ई-जागृति (e-Jagriti): उपभोक्ता मामले मंत्रालय।
महाकुंभ 2025 डिजिटल प्रबंधन: प्रयागराज मेला प्राधिकरण।
एआई-सक्षम ई-संजीवनी क्लिनिकल निर्णय सहायता प्रणाली: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय।
एकीकृत साइबर सुरक्षा ढाँचा: बैंक ऑफ बड़ौदा।
जूरी पुरस्कार:सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा CORS नेटवर्क के माध्यम से वास्तविक समय सटीक स्थिति निर्धारण सेवाएँ।
पंचायत उन्नयन सूचकांक (PAI)
पंचायत उन्नयन सूचकांक (PAI) भारत का पहला व्यापक, डेटा-आधारित ढाँचा है, जो ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन और रैंकिंग करने के लिए बनाया गया है।
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर आधारित मूल्यांकन: यह स्थानीयकृत सतत् विकास लक्ष्यों (LSDGs) के अंतर्गत 9 विषयगत क्षेत्रों में प्रगति को मापता है।
आवरण एवं संकेतक:पंचायत उन्नयन सूचकांक (PAI 2.0) 2.6 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन 150 संकेतकों और 230 डेटा बिंदुओं के आधार पर करता है।
प्रदर्शन वर्गीकरण: समग्र अंकों के आधार पर ग्राम पंचायतों को पाँच प्रदर्शन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है, जिससे साक्ष्य-आधारित योजना और शासन को बढ़ावा मिलता है।
विकासितकर्ता: यह ढाँचा पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य डेटा-आधारित ग्रामीण शासन और विकसित भारत के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है।
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