संक्षेप में समाचार

16 Jun 2026

ब्रिक्स इंदौर उदघोषणा

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भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत इंदौर में आयोजित 16वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में सर्वसम्मति से इंदौर घोषणा को अपनाया गया।

इंदौर घोषणा के बारे में

  • इंदौर घोषणा एक किसान-केंद्रित वैश्विक घोषणा-पत्र है, जो खाद्य सुरक्षा, सतत् कृषि और ग्रामीण समृद्धि के लिए ब्रिक्स देशों की साझा दृष्टि को प्रस्तुत करता है।
  • उद्देश्य: खाद्य सुरक्षा, पोषण, किसानों की आजीविका, कृषि व्यापार, नवाचार, निवेश और जलवायु-लचीली कृषि को बढ़ावा देना, जिसमें नीति-निर्माण के केंद्र में किसानों को रखा गया है।
  • बैठक की प्राथमिकताएँ
    • खाद्य सुरक्षा, पोषण और आजीविका
    • कृषि व्यापार और सहयोग
    • पुनर्योजी कृषि, जलवायु-लचीली और सतत् कृषि
    • कृषि और खाद्य प्रणाली को भविष्य के नवाचार और निवेश के लिए साझेदारी को सुदृढ़ करना।
  • घोषणा के प्रमुख घटक
    • किसान-केंद्रित विकास: घोषणा किसानों को वैश्विक खाद्य प्रणालियों की आधारशिला के रूप में मान्यता देती है और उनके कल्याण, आय सुरक्षा और लचीलापन को प्राथमिकता देती है।
    • जलवायु अनुकूल कृषि: ब्रिक्स देश पुनर्योजी, सतत् और जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना किया जा सके।
    • कृषि सहयोग और व्यापार: सदस्य देशों ने कृषि व्यापार, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग और खाद्य प्रणालियों में निवेश को सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की।
  • चार नई पहलें प्रारंभ
    • कृषि-पारिस्थितिकी और पुनर्योजी कृषि पर उत्कृष्टता केंद्रों का ब्रिक्स नेटवर्क: सतत् कृषि पद्धतियों पर अनुसंधान, क्षमता निर्माण और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देने के लिए एक सहयोगात्मक मंच स्थापित किया गया।
    • डिजिटल कृषि पर ब्रिक्स नेटवर्क: यह नेटवर्क कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और परिशुद्ध कृषि प्रौद्योगिकियों में सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।
    • बीज प्रणालियों में किसानों के अधिकारों पर वैश्विक मंच: इस मंच का उद्देश्य स्वदेशी बीजों, किसानों के बीज अधिकारों और पारंपरिक कृषि ज्ञान की सुरक्षा करना है।
    • ब्रिक्स AgriN (Agro Inputs, Genetic Resources and Information Network): यह पहल कृषि आदानों, आनुवंशिक संसाधनों और सूचना आदान-प्रदान में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करेगी।
  • कार्यक्रम की अन्य प्रमुख विशेषताएँ 
    • ज्ञान से क्रियान्वयन केंद्र: ब्रिक्स सदस्य देशों ने कृषि अनुसंधान मंच को सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की, ताकि नवाचार प्रयोगशालाओं से किसानों के खेतों तक प्रभावी रूप से पहुँच सकें।
    • ब्रिक्स वाटिका: सभी ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने “एक पेड़ माँ के नाम” पहल के तहत इंदौर में वृक्षारोपण किया और ब्रिक्स वाटिका की स्थापना की।
    • छोटे किसानों पर विशेष ध्यान: लघु और सीमांत किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु ऋण, आदान, बाजार और प्रौद्योगिकी तक बेहतर पहुँच पर विशेष जोर दिया गया।
    • युवा और महिला सशक्तीकरण: घोषणा में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कृषि स्टार्ट-अप, नवाचार और कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहित किया गया।

महत्त्व

इंदौर घोषणा दक्षिण-दक्षिण सहयोग को सुदृढ़ करती है और ब्रिक्स देशों में खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन तथा सतत् कृषि विकास को प्राप्त करने के लिए एक समग्र मार्गदर्शिका प्रदान करती है।

डेंगीऑल (DengiAll) वैक्सीन

ब्राजील ने अपनी डेंगू टीकाकरण अभियान को निलंबित कर दिया, जब बुटांटन (Butantan)-DV वैक्सीन [जो भारत के आगामी डेंगीऑल (DengiAll) वैक्सीन के समान है] ग्रहण करने वालों में दो मौतें और 42 गंभीर प्रतिकूल प्रभाव दर्ज किए गए।

डेंगीऑल वैक्सीन के बारे में

  • डेंगीऑल भारत का एक स्वदेशी टेट्रावैलेंट डेंगू वैक्सीन है, जिसे ‘पैनासिया बायोटेक’ द्वारा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
  • वैक्सीन का प्रकार: यह एक लाइव एटेन्यूएटेड वैक्सीन है, जिसे डेंगू वायरस के सभी चार प्रकारों (DENV-1, 2, 3 और 4) के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
    • इसे डेंगू संक्रमण के विरुद्ध व्यापक सुरक्षा हेतु एकल-खुराक वैक्सीन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • प्रौद्योगिकी: यह नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH-U.S.A.) के डेंगू वैक्सीन प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जो ब्राजील के बुटांटन (Butantan)-DV वैक्सीन के समान है।
  • क्लिनिकल परीक्षण: चरण-III क्लिनिकल परीक्षण में भारत भर में 10,335 स्वयंसेवकों को शामिल किया गया; प्रतिभागियों का दो वर्षों तक अनुवर्ती अध्ययन जारी है।
  • महत्त्व: यदि इसे स्वीकृति मिलती है, तो यह भारत का पहला स्वदेशी डेंगू वैक्सीन बन सकता है, जो देश की जन स्वास्थ्य प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करेगा।
  • चिंता: प्रमुख चिंता ‘एंटीबॉडी-डिपेंडेंट एन्हांसमेंट’ (ADE) का जोखिम है, जो आंशिक प्रतिरक्षा की स्थिति में रोग की गंभीरता को बढ़ा सकता है।
    • ADE वह स्थिति है, जिसमें पहले से मौजूद डेंगू एंटीबॉडी किसी अन्य डेंगू प्रकार को निष्क्रिय करने में असफल रहती हैं और इसके बजाय वायरस को कोशिकाओं में प्रवेश करने में सहायता करती हैं, जिससे गंभीर और संभावित रूप से घातक डेंगू संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।

प्रस्तुत करने से पहले सुझाए गए सुरक्षा उपाय

  • प्रस्तुति-पूर्व मूल्यांकन: यह सुनिश्चित किया जाए कि वैक्सीन सभी चार डेंगू सेरोटाइप्स के विरुद्ध प्रभावी एंटीबॉडी उत्पन्न करके संतुलित प्रतिरक्षा प्रदान करती है।
  • ‘एंटीबॉडी-डिपेंडेंट एन्हांसमेंट’ (ADE) के जोखिम का आकलन: विस्तृत क्लिनिकल ट्रायल डेटा विश्लेषण के माध्यम से ADE के जोखिम की पहचान और उसे पूरी तरह समाप्त किया जाए।
  • प्रस्तुति के बाद निगरानी: वैक्सीन प्राप्त करने वालों में दुर्लभ या विलंबित प्रतिकूल प्रभावों की पहचान के लिए मजबूत फार्माकोविजिलेंस प्रणाली के तहत दीर्घकालिक निगरानी लागू की जाए।

ड्रॉप शिपिंग (Drop Shipping)

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इंस्टाग्राम-आधारित खरीदारी और एआई-आधारित ई-कॉमर्स की बढ़ती लोकप्रियता ने ड्रॉप शिपिंग (Drop Shipping) के जोखिमों और प्रभावों की ओर बढ़ते ध्यान को आकर्षित किया है।

ड्रॉप शिपिंग के बारे में

  • परिभाषा: ड्रॉप शिपिंग एक खुदरा व्यापार मॉडल है, जिसमें एक विक्रेता बिना किसी इन्वेंट्री (भंडार) को बनाए ग्राहक के ऑर्डर स्वीकार करता है और डिलीवरी पूरी करने के लिए एक तृतीय-पक्ष आपूर्तिकर्ता पर निर्भर रहता है।
    • ड्रॉप शिपर ग्राहक और वास्तविक निर्माता, थोक विक्रेता या खुदरा विक्रेता के बीच एक मध्यस्थ (Intermediary) के रूप में कार्य करता है और मूल्य-वृद्धि (Price mark-ups) के माध्यम से लाभ अर्जित करता है।
  • ड्रॉप शिपिंग की कार्यप्रणाली
    • चरण 1: उत्पाद सूचीकरण
      • ड्रॉप शिपर उत्पादों का विज्ञापन वेबसाइटों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों या ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस पर करता है, बिना किसी इन्वेंट्री के स्वामित्व के।
    • चरण 2: ग्राहक द्वारा ऑर्डर देना
      • ग्राहक विक्रेता के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पाद खरीदते हैं और भुगतान करते हैं।
    • चरण 3: ऑर्डर अग्रेषण
      • विक्रेता ऑर्डर का विवरण उस निर्माता, थोक विक्रेता या आपूर्तिकर्ता को भेजता है, जिसके पास वास्तव में वह उत्पाद उपलब्ध होता है।
    • चरण 4: प्रत्यक्ष डिलीवरी
      • आपूर्तिकर्ता उत्पाद को सीधे ग्राहक तक भेजता है, जबकि विक्रेता अपना लाभ मार्जिन रखता है।
  • केस उदाहरण: एक विक्रेता ₹500 में एक मोबाइल फोन केस ऑनलाइन विज्ञापित करता है, बिना किसी स्टॉक के। ऑर्डर प्राप्त होने के बाद, विक्रेता वही वस्तु ₹300 में एक आपूर्तिकर्ता से खरीदता है, जो उसे सीधे ग्राहक तक पहुँचा देता है, जिससे विक्रेता को ₹200 का लाभ प्राप्त होता है।

ड्रॉप शिपिंग के प्रभाव

  • व्यवसायों के लिए लाभ: ड्रॉप शिपिंग इन्वेंट्री, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करता है, जिससे यह छोटे उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स के लिए एक आकर्षक व्यापार मॉडल बन जाता है।
  • उपभोक्ता जोखिम: ग्राहकों को अधिक मूल्य, नकली उत्पाद , निम्न गुणवत्ता वाले सामान, विलंबित डिलीवरी तथा रिफंड या शिकायत निवारण प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
  • डेटा गोपनीयता और पारदर्शिता संबंधी चिंताएँ: अनेक मध्यस्थों के कारण ग्राहक डेटा तक कई पक्षों की पहुँच हो सकती है, जबकि खरीदार अक्सर उत्पादों के वास्तविक स्रोत और आपूर्ति शृंखला से अनजान रहते हैं।
  • नियामक चुनौतियाँ: AI-जनित स्टोरफ्रंट्स और सोशल मीडिया मार्केटिंग के बढ़ते उपयोग से वास्तविक विक्रेताओं और मध्यस्थों के बीच अंतर धुँधला हो सकता है, जिससे उपभोक्ता संरक्षण और अनुपालन संबंधी चिंताएँ उत्पन्न होती हैं।
  • धोखाधड़ी की संभावना: असामाजिक तत्व ड्रॉप शिपिंग का दुरुपयोग फिशिंग, नकली उत्पाद प्रचार, भ्रामक विज्ञापन और पिरामिड-शैली की भर्ती योजनाओं के लिए कर सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 का राष्ट्रीय आयोजन 21 जून, 2026 को कोलकाता में ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 

  • वैश्विक अवलोकन: संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में भारत के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया, जिसे 175 सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त हुआ।
    • 21 जून को इसलिए चुना गया क्योंकि यह उत्तरी गोलार्द्ध में वर्ष के सबसे लंबे दिन, अर्थात् ग्रीष्म अयनांत के साथ संरेखित है।
  • अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के समन्वय में 210 से अधिक भारतीय मिशन विदेशों में कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
    • लगभग 2,500 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
  • विरासत-स्थल समारोह: संस्कृति मंत्रालय भारत के 100 प्रतिष्ठित और विरासत स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा।
    • इस पहल का उद्देश्य योग को भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना है।
  • व्यापक संदर्भ मार्गदर्शिका: आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के समर्थन हेतु IDY हैंडबुक 2026 को एक व्यापक बहुभाषी संसाधन के रूप में जारी किया है।
    • यह अंग्रेजी, हिंदी और 21 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है।
    • इसका उद्देश्य पूरे भारत में लोगों को प्रामाणिक योग संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना है।
    • यह एक व्यावहारिक डिजिटल संसाधन के रूप में कार्य करता है।
    • इसमें क्यूआर कोड तथा निर्देशात्मक सामग्री और कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) वीडियो के लिंक शामिल हैं।

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