संदर्भ
उत्तर प्रदेश में मानसून-पूर्व तड़ित झंझावात के कारण उत्पन्न तीव्र पवनों, आकाशीय बिजली गिरने और बुनियादी ढाँचों के व्यापक विनाश से 100 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई।
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तड़ित झंझावात का पूर्वानुमान तो लगाया था, लेकिन कुछ स्थानों पर पवन की चरम तीव्रता का सटीक आकलन करने में त्रुटि हुई।
तड़ित झंझावात (Thunderstorm) के बारे में
- तड़ित झंझावात एक चरम मौसमी परिघटना है, जिसमें आकाशीय बिजली (तड़ित), मेघगर्जन, तीव्र पवनें, भारी वर्षा और कभी-कभी ओलावृष्टि की घटना शामिल होती है।
- प्रमुख विशेषताएँ
- तीव्र संवहनीय गतिविधियाँ: गर्म और आर्द्र वायु के तीव्रता से ऊपर उठने (संवहन धाराओं) के कारण तड़ित झंझावात का निर्माण होता है।
- तड़ित और मेघगर्जन: बादलों के भीतर तड़ित के कारण आकाशीय बिजली उत्पन्न होती है और इससे उत्पन्न ध्वनि को मेघगर्जन कहा जाता है।
- तीव्र पवनें: गंभीर तड़ित झंझावात के कारण अत्यंत शक्तिशाली पवनें उत्पन्न होती हैं जो बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचाने में सक्षम होती हैं।
- अल्पावधि लेकिन उच्च तीव्रता: यद्यपि तड़ित झंझावात सामान्यतः कम समय के लिए ही सक्रिय रहते हैं, तथापि ये स्थानीय स्तर पर व्यापक विनाश का कारण बन सकते हैं।
तड़ित झंझावात के लिए उत्तरदायी विभिन्न कारक
- अत्यधिक सतही तापन: मानसून पूर्व के उच्च तापमान के कारण धरातल के समीप स्थित वायु अत्यधिक गर्म हो जाती है, जो संवहन धाराओं के रूप में तीव्रता से ऊपर की ओर उठती है।
- आर्द्रता का संचरण: बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त पवनें बादलों के निर्माण और तूफान के विकास के लिए आवश्यक ऊर्जा (संघनन की गुप्त ऊष्मा) प्रदान करती हैं।
- पश्चिमी विक्षोभ: पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में ठंडी और शुष्क वायु का आरोहण करते हैं, जो वायुमंडलीय अस्थिरता को और बढ़ा देते हैं।
- वायुमंडलीय अस्थिरता: निचले स्तर पर मौजूद गर्म एवं आर्द्र वायु तथा ऊपरी स्तर पर मौजूद ठंडी एवं शुष्क वायु की परस्पर क्रिया, गंभीर तड़ित झंझावात के विकास के लिए अत्यधिक अनुकूल परिस्थितियाँ उत्पन्न करती है।
तड़ित झंझावात के प्रभाव
- जनहानि: आकाशीय बिजली गिरने, इमारतों के ढहने और मलबे के कारण मृत्यु और गंभीर चोटें आती हैं।
- बुनियादी ढाँचे की क्षति: तीव्र पवनें बिजली के खंभों, सड़कों, इमारतों और संचार प्रणालियों को व्यापक नुकसान पहुँचाती हैं।
- कृषि को नुकसान: अत्यधिक वर्षा, ओलावृष्टि और तीव्र गति से चलने वाली पवनें खड़ी फसलों और बागों को नष्ट कर देती हैं।
- परिवहन और विद्युत आपूर्ति में व्यवधान: तड़ित झंझावात के कारण सड़क परिवहन, रेलवे, उड्डयन सेवाओं और विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है।
तड़ित झंझावात के संबंध में NDMA के दिशा-निर्देश
तड़ित झंझावात से पूर्व की स्थिति
- मौसम चेतावनी की निगरानी: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का नियमित रूप से पालन करना।
- आपातकालीन आपूर्ति सुनिश्चित करना: टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, आवश्यक दवाएँ, सुरक्षित पेयजल तथा आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखना।
तड़ित झंझावात के दौरान स्थिति
- सुरक्षित आश्रय लेना: किसी मजबूत/पक्की इमारत के भीतर ही रहें तथा खुले मैदानों, वृक्षों और जल निकायों के समीप जाने से बचना।
- विद्युत उपकरणों के उपयोग से बचना: सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विद्युत संपर्क विच्छेद कर देना (प्लग निकाल देना) तथा तार-युक्त संचार उपकरणों के उपयोग से पूर्णतः बचें।
- तड़ित सुरक्षा नियमों का पालन करना: किसी भी एकल वृक्ष के नीचे आश्रय लेने से बचना तथा धातु से बनी वस्तुओं से पर्याप्त दूरी बनाए रखना।
तड़ित झंझावात के पश्चात् स्थिति
- चोट एवं क्षति का आकलन: घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान करना और हताहतों तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे के बारे में आपातकालीन प्राधिकारियों को त्वरित सूचना प्रदान करना।
- क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों से बचाव: विद्युत करंट लगने से बचने के लिए टूटे हुए विद्युत के खंभों और खुले तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना।
- सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना: सक्षम प्राधिकारियों द्वारा मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों को पूर्णतः सुरक्षित घोषित किए जाने के उपरांत ही यात्रा करना।
निष्कर्ष
तड़ित झंझावातों की बढ़ती आवृत्ति, आपदा जोखिम न्यूनीकरण हेतु सटीक पूर्वानुमान, आपदा-रोधी अवसंरचना और व्यापक जन जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।