संदर्भ
हाल ही में मेजर अभिलाषा बराक को यू.एन. मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड प्रदान किया गया है। वह भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट भी हैं।
यू.एन. मिलिट्री जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड के बारे में
- यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड (UN Military Gender Advocate Award) एक वार्षिक संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार है, जो संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और ‘महिला, शांति और सुरक्षा‘ एजेंडे को लागू करने में शांति सैनिकों (Military peacekeeper) द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रयासों को मान्यता देता है।

- उद्देश्य: यह पुरस्कार शांति स्थापना अभियानों में लैंगिक दृष्टिकोण के एकीकरण को प्रोत्साहित करता है और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं तथा लड़कियों के साथ सार्थक भागीदारी को बढ़ावा देता है।
- चयन प्रक्रिया: पुरस्कार विजेताओं का चयन दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के फोर्स कमांडरों और मिशन प्रमुखों द्वारा नामांकित उम्मीदवारों में से किया जाता है।
- प्रमुख विशेषताएँ
- यह पुरस्कार संवेदनशील आबादी की रक्षा करने और शांति स्थापना में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने में शांति सैनिकों की भूमिका पर प्रकाश डालता है।
- मेजर अभिलाषा बराक को लेबनान में सेवा देने के दौरान महिलाओं और लड़कियों के साथ उनके आउटरीच अभियानों के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।
- हाल के पुरस्कार प्राप्तकर्ता
- वर्ष 2025: मेजर अभिलाषा बराक (भारत), यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स इन लेबनान (UNIFIL) में सेवा करने के दौरान महिलाओं और लड़कियों के साथ उनके आउटरीच प्रयासों और सामुदायिक जुड़ाव के लिए मान्यता प्राप्त।
- वर्ष 2023: मेजर राधिका सेन (भारत), कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र मिशन (MONUSCO) के साथ उनकी सेवा के लिए मान्यता प्राप्त।
यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स इन लेबनान (UNIFIL) के बारे में
- UNIFIL लेबनान-इजरायल सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दक्षिणी लेबनान में तैनात एक संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशन (UN peacekeeping mission) है।
- उत्पत्ति: दक्षिणी लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियानों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 425 और 426 के माध्यम से वर्ष 1978 में स्थापित किया गया।
- उद्देश्य
- संघर्ष की समाप्ति की निगरानी करना।
- दक्षिणी लेबनान से इजरायली वापसी की पुष्टि करना।
- इस क्षेत्र में प्रभावी अधिकार बहाल करने में लेबनान सरकार की सहायता करना।
- मानवीय पहुँच और नागरिक सुरक्षा का समर्थन करना।
- प्रमुख योगदानकर्ता (2026): UNIFIL के बल में 48 सैनिक-योगदानकर्ता देशों के 7,538 शांति सैनिक शामिल हैं, जिसमें भारत के 642 कर्मी शामिल हैं, जो इटली (784), इंडोनेशिया (756) और स्पेन (660) के बाद चौथी सबसे अधिक संख्या है।
- UNIFIL में भारत का योगदान: भारत एक इन्फैंट्री बटालियन समूह, स्टाफ अधिकारियों और फीमेल एंगेजमेंट टीम्स (Female Engagement Teams- FETs) को तैनात करता है।
- भारतीय शांति सैनिकों को चिकित्सा सहायता, सामुदायिक पहुँच और मानवीय गतिविधियों के लिए मान्यता प्राप्त है।
संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा अभियानों में भारत
- दीर्घकालिक योगदानकर्ता: भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में सबसे बड़े और सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले योगदानकर्ताओं में से एक है, जिसने वर्ष 1953 से अब तक 2,90,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया है।
- व्यापक मिशन भागीदारी: भारतीय कर्मियों ने 50 से अधिक संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में सेवाएँ दी है, जिसमें सैनिकों, पुलिस इकाइयों, सैन्य पर्यवेक्षकों तथा चिकित्सा टीमों का योगदान शामिल है।
- नेतृत्वकारी भूमिका: भारत नियमित रूप से संयुक्त राष्ट्र के अभियानों में फोर्स कमांडर, सैन्य सलाहकार और वरिष्ठ मिशन नेतृत्व प्रदान करता है।
- शांति स्थापना में महिलाएँ: भारत महिला शांति सैनिकों को तैनात करने में अग्रणी रहा है, जिसमें महिला एंगेजमेंट टीमें (Female Engagement Teams) और पूरी तरह से महिला पुलिस इकाइयाँ शामिल हैं।
- वैश्विक मान्यता: भारतीय शांति सैनिकों को डैग हैमरस्कजॉल्ड मेडल (Dag Hammarskjöld Medal) और यू.एन. मिलिट्री जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड सहित कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं।
सक्रिय संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशनों में भारत की भागीदारी
| संयुक्त राष्ट्र मिशन (पूर्ण रूप) |
स्थान |
भारत का योगदान |
| यूनाइटेड नेशंस डिसइंगेजमेंट ऑब्जर्वर फोर्स (UNDOF- United Nations Disengagement Observer Force) |
गोलन हाइट्स |
लॉजिस्टिक्स बटालियन और सहायता कर्मी |
| यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स इन लेबनान (UNIFIL- United Nations Interim Force in Lebanon) |
लेबनान |
इन्फैंट्री बटालियन समूह, स्टाफ अधिकारी और महिला एंगेजमेंट टीमें (FETs)। |
| संयुक्त राष्ट्र ट्रूस सुपरविजन ऑर्गनाइजेशन (UNTSO- United Nations Truce Supervision Organization) |
मध्य-पूर्व |
सैन्य पर्यवेक्षक। |
| साइप्रस में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UNFICYP- United Nations Peacekeeping Force in Cyprus) |
साइप्रस |
स्टाफ अधिकारी और सैन्य पर्यवेक्षक |
| कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन (MONUSCO – United Nations Organization Stabilization Mission in the Democratic Republic of the Congo) |
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य |
इन्फैंट्री बटालियन, चिकित्सा इकाइयाँ और सहायता कर्मी |
| दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS – United Nations Mission in South Sudan) |
दक्षिण सूडान |
इन्फैंट्री बटालियन, चिकित्सा कर्मी और इंजीनियरिंग इकाइयाँ |
| अबेई के लिए संयुक्त राष्ट्र अंतरिम सुरक्षा बल (UNISFA – United Nations Interim Security Force for Abyei) |
अबेई |
सैन्य पर्यवेक्षक और स्टाफ अधिकारी |
| मध्य अफ्रीकी गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र बहुआयामी एकीकृत स्थिरीकरण मिशन (MINUSCA – United Nations Multidimensional Integrated Stabilization Mission in the Central African Republic) |
मध्य-अफ्रीकी गणराज्य |
फॉर्म्ड पुलिस यूनिट्स (FPUs) और सैन्य पर्यवेक्षक |
| पश्चिमी सहारा में जनमत संग्रह के लिए संयुक्त राष्ट्र मिशन (MINURSO – United Nations Mission for the Referendum in Western Sahara) |
पश्चिमी सहारा |
सैन्य पर्यवेक्षक |
निष्कर्ष
संयुक्त राष्ट्र शांति-रक्षा अभियानों में भारत का निरंतर योगदान अंतरराष्ट्रीय शांति, बहुपक्षवाद और उत्तरदायी वैश्विक नेतृत्व के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।