| आयाम |
अमेरिकी व्यापार अधिनियम 1974 की सेक्शन 301 |
विश्व व्यापार संगठन (WTO) विवाद निपटान तंत्र |
| प्रकृति |
घरेलू अमेरिकी व्यापार प्रवर्तन कानून। |
विश्व व्यापार संगठन (WTO) के तहत बहुपक्षीय व्यापार विवाद निपटान प्रणाली। |
| प्राधिकरण |
यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) द्वारा प्रशासित। |
विश्व व्यापार संगठन के विवाद निपटान निकाय (DSB) के माध्यम से प्रशासित। |
| कार्रवाई कौन शुरू करता है? |
अमेरिका एकतरफा रूप से जाँच शुरू कर सकता है। |
एक WTO सदस्य देश दूसरे सदस्य देश के विरूद्ध शिकायत दर्ज करता है। |
| कानूनी आधार |
अमेरिकी राष्ट्रीय कानून: वर्ष 1974 का व्यापार अधिनियम। |
WTO समझौते जैसे कि GATT, GATS, TRIPS, SCM समझौता आदि। |
| निर्णय लेना |
यू.एस. ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) यह जाँच करता है और निर्धारित करता है कि किसी विदेशी देश की नीति, कार्यवाही या प्रथा अमेरिकी व्यापार के लिए अनुचित, अविवेकपूर्ण, भेदभावपूर्ण अथवा बोझिल है या नहीं। |
स्वतंत्र WTO पैनल और अपीलीय निकाय/अपील मध्यस्थता यह आकलन करते हैं कि WTO नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। |
| उपचार/समाधान |
अमेरिका टैरिफ, कर, आयात प्रतिबंध या अन्य प्रतिशोधात्मक उपाय लागू कर सकता है। |
विश्व व्यापार संगठन (WTO) प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की अनुमति केवल तब देता है, जब विवाद का विधिवत निपटारा हो जाए और हारने वाला पक्ष निर्णय का पालन करने में विफल रहे। |
| दृष्टिकोण |
एकतरफा: एक देश अपने घरेलू कानून के आधार पर कार्य करता है। |
बहुपक्षीय/नियम-आधारित: निर्णय सहमत अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों पर आधारित होते हैं। |
| गति |
तुलनात्मक रूप से तेज और राजनीतिक रूप से अधिक लचीला। |
परामर्श, पैनल की कार्यवाही, अपीलों और अनुपालन चरणों के कारण धीमा। |
| जोखिम |
व्यापारिक तनाव और संरक्षणवाद के आरोपों को जन्म दे सकता है। |
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक वैध, लेकिन वर्तमान में अपीलीय निकाय के संकट के कारण कमजोर। |
| उदाहरण |
जबरन श्रम (बंधुआ मजदूरी) से बने सामानों के आयात-प्रतिबंध की चिंताओं पर सेक्शन 301 के तहत भारत के खिलाफ अतिरिक्त शुल्क कार्रवाई का अमेरिकी प्रस्ताव। |
यदि व्यापार प्रतिबंध WTO के दायित्वों का उल्लंघन करते हैं, तो भारत या कोई अन्य देश उन्हें WTO में चुनौती दे सकता है। |