संदर्भ
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री ने डिजिटल एकीकरण के माध्यम से सीमा व्यापार और यात्रियों की आवाजाही को आधुनिक बनाने के लिए लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (Land Port Management System- LPMS) का शुभारंभ किया।
लैंड पोर्ट्स के बारे में
- लैंड पोर्ट (Land Ports) भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं पर स्थित निर्दिष्ट बिंदु हैं, जो एकीकृत नियामक और लॉजिस्टिक बुनियादी ढाँचे के माध्यम से यात्रियों और माल (कार्गो) की आवाजाही को सुगम बनाते हैं।
- भारत में प्रमुख लैंड पोर्ट: भारत की बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और म्याँमार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर 15 ‘ऑपरेशनल लैंड पोर्ट’ विस्तृत हैं।
- भारत-बांग्लादेश सीमा: पेट्रापोल (पश्चिम बंगाल), अगरतला (त्रिपुरा), डावकी (मेघालय), सुतारकांडी (असम), श्रीमंतपुर (त्रिपुरा), सबरूम (त्रिपुरा), मनकाचर (असम) और गोलाकगंज (असम)।
- पेट्रापोल (पश्चिम बंगाल) दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा लैंड पोर्ट है और बांग्लादेश के साथ भारत के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय आव्रजन और व्यापार मार्गों में से एक है।
- भारत-नेपाल सीमा: रक्सौल (बिहार), जोगबनी (बिहार), रुपैडिहा (उत्तर प्रदेश)।
- भारत-पाकिस्तान सीमा: अटारी (पंजाब) और डेरा बाबा नानक (पंजाब) में पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग (PTB)।
- भारत-भूटान सीमा: दर्रांगा (असम)।
- भारत-म्याँमार सीमा: मोरेह (मणिपुर)
‘लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ (LPMS) के बारे में
- LPMS एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत के लैंड पोर्ट्स के संचालन को एक एकीकृत, तकनीक-सक्षम प्रणाली में जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है।
- प्रमुख विशेषताएँ
- एंड-टू-एंड डिजिटल प्रोसेसिंग: यह कार्गो और यात्रियों की प्रोसेसिंग के लिए डिजिटल वर्कफ़्लो को सक्षम बनाता है, जिसमें दस्तावेजीकरण, मंजूरी और ट्रैकिंग शामिल है।
- सिंगल-विंडो क्लीयरेंस: एक एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीमा शुल्क, आव्रजन, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य हितधारकों के मध्य निर्बाध समन्वय की सुविधा प्रदान करता है।
- एकीकृत डिजिटल सेवाएँ: यह स्लॉट बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, रियल-टाइम कार्गो ट्रैकिंग और लॉजिस्टिक्स व नियामक जानकारी के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है।
- महत्त्व: LPMS तकनीक-संचालित सीमा प्रबंधन के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए सीमा पार व्यापार में दक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाता है।
भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI) के बारे में
- भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (Land Ports Authority of India- LPAI) एक सांविधिक निकाय है, जिसका गठन भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत किया गया है।
- नोडल मंत्रालय: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA)।
- प्रमुख भूमिकाएँ
- सीमा बुनियादी ढाँचे का विकास: यह एकीकृत जाँच चौकियों (ICPs) और संबंधित सीमा बुनियादी ढाँचे का विकास और उन्नयन करता है।
- एकीकृत जाँच चौकियों (ICPs) का प्रबंधन: अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं पर यात्रियों और कार्गो की सुचारू आवाजाही के लिए सुविधाओं का प्रबंधन करता है।
- व्यापार सुगमीकरण: सीमा चौकियों पर एकीकृत नियामक सेवाएँ प्रदान करके लेन-देन लागत और लगने वाले समय को कम करता है।
- सीमा सुरक्षा और समन्वय: सीमा शुल्क, आव्रजन, क्वारंटाइन और सुरक्षा एजेंसियों के सुरक्षित, व्यवस्थित और समन्वित कामकाज को सुनिश्चित करता है।
निष्कर्ष
‘लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ (LPMS) और ‘भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण’ (LPAI) के माध्यम से लैंड पोर्ट्स का आधुनिकीकरण सीमा कनेक्टिविटी, व्यापार सुगमीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के ‘विकसित भारत @2047′ के विजन को मजबूत करता है।