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ड्वार्फ गैलेक्सी में ब्लैक होल

17 Apr 2026

संदर्भ

हाल ही में भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान के एक अध्ययन में यह परीक्षण किया गया कि क्या ‘ड्वार्फ गैलेक्सीज’ (Dwarf Galaxies) ब्लैक होल को धारण कर सकती हैं, जिससे आकाशगंगा विकास सिद्धांतों को नई दिशा मिली है।

‘ड्वार्फ गैलेक्सीज’ से संबंधित प्रमुख निष्कर्ष  

  • ब्लैक होल की संभावित उपस्थिति: ड्वार्फ स्फेरॉइडल (Dwarf spheroidal) आकाशगंगाओं में मध्यम-द्रव्यमान ब्लैक होल पाए जा सकते हैं, यद्यपि आवश्यक नहीं कि वे अति-विशाल (Supermassive) हों।
  • ब्लैक होल द्रव्यमान की उच्च सीमा: प्रेक्षणों के अनुसार, ब्लैक होल का द्रव्यमान सामान्यतः ~10 लाख सौर द्रव्यमान से कम होता है, और कई मामलों में इससे भी कम पाया गया है।
  • एकीकृत ‘स्केलिंग’ संबंध: अध्ययन में विभिन्न आकार की आकाशगंगाओं में ब्लैक होल द्रव्यमान–तारकीय वेग प्रसरण (Stellar velocity dispersion) के बीच एक निरंतर संबंध स्थापित किया गया है।
  • विकास तंत्र की पहचान: प्रमुख तंत्रों में गैस अभिवृद्धि (Gas accretion), तारकीय अधिग्रहण (Stellar capture) तथा ज्वारीय अलगाव (Tidal stripping) शामिल हैं।
  • अनिवार्य उपस्थिति का अभाव: आँकड़े संकेत देते हैं कि सभी ‘ड्वार्फ गैलेक्सीज’ में ब्लैक होल का होना अनिवार्य नहीं है।

‘ड्वार्फ गैलेक्सीज’ (Dwarf Galaxies) के बारे में 

  • ‘ड्वार्फ गैलेक्सीज’ छोटी एवं कम दीप्ति वाली आकाशगंगाएँ होती हैं, जिनमें हजारों से लेकर अरबों तक तारे पाए जाते हैं।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • कम द्रव्यमान एवं कम दीप्ति: ये मिल्की वे (Milky Way) जैसी बड़ी आकाशगंगाओं की तुलना में बहुत छोटी और धुँधली होती हैं।
    • डार्क मैटर का प्रभुत्व: इनमें विशेषकर अति-क्षीण ‘ड्वार्फ गैलेक्सीज’ में डार्क मैटर का अत्यधिक प्रभुत्व होता है।
    • उपग्रह प्रकृति: ये प्रायः मिल्की वे जैसी बड़ी आकाशगंगाओं की परिक्रमा करती हैं।
    • आकृतिक प्रकार: इनमें ड्वार्फ अनियमित (गैस-समृद्ध) तथा ड्वार्फ स्फेरॉइडल (गैस  रहित) प्रकार सम्मिलित होते हैं।
  • उदाहरण: मिल्की वे के आस-पास स्थित ड्वार्फ स्फेरॉइडल आकाशगंगाएँ।
    • एंड्रोमेडा आकाशगंगा (Andromeda Galaxy) की उपग्रह प्रणालियाँ।

ब्लैक होल (Black Holes) के बारे में

  • ब्लैक होल अंतरिक्ष का वह क्षेत्र होता है, जहाँ गुरुत्वाकर्षण इतना प्रबल होता है कि प्रकाश तक उससे बाहर नहीं निकल सकता है।
  • उदाहरण
    • सैजिटेरियस A*: मिल्की वे के केंद्र में स्थित ब्लैक होल, जो पृथ्वी से लगभग 26,000–27,000 प्रकाश-वर्ष दूर है।
    • सिग्नस (Cygnus) X-1: तारकीय-द्रव्यमान (Stellar-mass) ब्लैक होल।
    • M87*: प्रथम प्रत्यक्ष रूप से चित्रित ब्लैक होल।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • इवेंट होराइजन (Event Horizon): वह सीमा जिसके पार कुछ भी बाहर नहीं निकल सकता है।
    • सिंगुलैरिटी (Singularity): केंद्र का वह बिंदु, जहाँ अनंत घनत्व होता है और भौतिकी के ज्ञात नियम विफल हो जाते हैं।
    • अक्रेशन डिस्क (Accretion Disk): ब्लैक होल के चारों ओर स्थित उष्ण गैस का चक्र, जो समाहित होने से पूर्व एक्स-रे उत्सर्जित करता है।
  • गुरुत्वीय समय प्रसारण: तीव्र गुरुत्वाकर्षण के कारण ब्लैक होल के निकट समय धीमा हो जाता है

खोज का महत्त्व

  • प्रारंभिक ब्रह्मांड की समझ: यह प्रथम ब्लैक होल के निर्माण तथा आकाशगंगा विकास को समझाने में सहायक है।
  • सैद्धांतिक उन्नति: यह सभी आकार की आकाशगंगाओं में ब्लैक होल वृद्धि के एकीकृत मॉडल का समर्थन करता है।
  • भविष्य के प्रेक्षण: यह अगली पीढ़ी के दूरबीनों जैसे ELT (Extremely Large Telescope) एवं NLOT के लिए पूर्वानुमानों के परीक्षण हेतु एक रूपरेखा प्रदान करता है।
ड्वार्फ गैलेक्सी में ब्लैक होल

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