क्राइम इन इंडिया, 2024 रिपोर्ट

7 May 2026

संदर्भ

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम क्राइम इन इंडिया 2024′ रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि भारत भर में अपराध दरों में समग्र गिरावट के बावजूद, साइबर अपराध और ड्रग ओवरडोज (नशीली दवाओं की अत्यधिक मात्रा) से होने वाली मौतों में वृद्धि हुई है।

NCRB रिपोर्ट 2024 के मुख्य निष्कर्ष

  • साइबर अपराध के मामलों में अत्यधिक वृद्धि: भारत में वर्ष 2024 में साइबर अपराध के 1,01,928 मामले दर्ज किए गए, जो वर्ष 2023 के 86,420 मामलों से 17% अधिक है। इसका मुख्य कारण ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी है।
  • धोखाधड़ी प्रमुख साइबर अपराध: साइबर अपराध के लगभग 72.6% मामले धोखाधड़ी से संबंधित थे, जबकि यौन शोषण और जबरन वसूली (Extortion) के मामले क्रमशः 3.1% और 2.5% रहे।
  • कुल अपराध दर में गिरावट: देश में वर्ष 2024 में 58.86 लाख संज्ञेय अपराध (Cognisable crimes) दर्ज किए गए, जो वर्ष 2023 की तुलना में 6% की गिरावट दर्शाते हैं।

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  • राज्य के विरुद्ध अपराधों में वृद्धि: “राज्य के विरुद्ध” अपराधों से संबंधित मामले 6.6% बढ़कर 5,194 हो गए, जिनमें से अधिकांश सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act) के तहत दर्ज किए गए।
  • अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के विरुद्ध अपराधों में कमी: अनुसूचित जातियों के विरुद्ध मामलों में 3.6% की गिरावट आई और ये 55,698 रहे, जबकि अनुसूचित जनजातियों के विरुद्ध अपराधों में 23.1% की भारी गिरावट आई और ये 9,966 दर्ज किए गए।
  • ड्रग ओवरडोज से होने वाली मौतों में चिंताजनक वृद्धि: नशीली दवाओं की अत्यधिक मात्रा (ड्रग ओवरडोज) के कारण होने वाली मौतें वर्ष 2023 में 650 से लगभग 50% बढ़कर वर्ष 2024 में 978 हो गईं, जिसमें तमिलनाडु में सबसे अधिक मौतें दर्ज की गईं।
  • आत्महत्याओं में सामाजिक-आर्थिक संकट की झलक: भारत में वर्ष 2024 में आत्महत्या के 1,70,746 मामले दर्ज किए गए, जिनमें दिहाड़ी मजदूर, किसान, बेरोजगार व्यक्ति, छात्र और गृहणियाँ प्रमुख संवेदनशील समूहों में शामिल थे।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के बारे में

  • NCRB अपराध और अपराधियों के डेटा को एकत्र करने, उनका विश्लेषण करने और उन्हें प्रसारित करने वाली भारत की केंद्रीय एजेंसी है।
  • उत्पत्ति और स्थापना: NCRB की स्थापना वर्ष 1986 में टंडन समिति, राष्ट्रीय पुलिस आयोग और गृह मंत्रालय (MHA) टास्क फोर्स (1985) की सिफारिशों के आधार पर की गई थी।
  • नोडल मंत्रालय: गृह मंत्रालय।
  • NCRB की प्रमुख भूमिकाएँ
    • राष्ट्रीय अपराध डेटा भंडार: NCRB कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता के लिए अपराधियों, लापता व्यक्तियों और फिंगरप्रिंट्स पर राष्ट्रव्यापी डेटाबेस बनाए रखता है।
    • अपराध आंकड़ों का प्रकाशन: यह वार्षिक रूप सेक्राइम इन इंडिया’ (Crime in India), एक्सिडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया (ADSI) रिपोर्ट (ADSI) और प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया’ (Prison Statistics India) जैसी प्रमुख रिपोर्ट प्रकाशित करता है।
    • CCTNS का कार्यान्वयन: NCRB पूरे भारत में पुलिस स्टेशनों के डिजिटल एकीकरण के लिएक्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स’ (CCTNS) का समन्वय करता है।
    • आपराधिक जाँच में सहायता: ब्यूरो अपराध की जाँच, अंतर-राज्यीय समन्वय और बार-बार अपराध करने वालों की पहचान के लिए तकनीकी और विश्लेषणात्मक सहायता प्रदान करता है।
    • पुलिसिंग में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा: NCRB भारत में पुलिसिंग और आपराधिक न्याय प्रणालियों के आधुनिकीकरण, डिजिटलीकरण और अंतर-संचालनीयता (Interoperability) की सुविधा प्रदान करता है।

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