संदर्भ
केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने अद्यतन आधार वर्ष 2024 पर आधारित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) शृंखला के नए आँकड़े जारी किए हैं।
संबंधित तथ्य
- पिछली शृंखला का आधार वर्ष 2012 था और यह वर्ष 2011-12 के उपभोग पैटर्न पर आधारित थी।
- नई शृंखला को वर्ष 2023-24 के घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) के परिणामों के आधार पर उपभोग बास्केट पर पुनर्गठित किया गया है।
घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) के बारे में
- इसका उद्देश्य परिवारों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं पर किए गए उपभोग और व्यय की जानकारी एकत्र करना है।
- यह परिवारों के उपभोग और व्यय के पैटर्न, जीवन स्तर तथा खुशहाल जीवन-स्तर को समझने में सहायक है।
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नई CPI शृंखला की विशेषताएँ
- खाद्य एवं पेय पदार्थों का भार घटाया गया: समग्र सीपीआई में खाद्य एवं पेय पदार्थों का भार 45.86% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है।
- बेहतर प्रतिनिधित्व: संशोधित सीपीआई बास्केट में अधिक वस्तुओं और सेवाओं को शामिल किया गया है, जिससे सूचकांक वर्तमान उपभोग पैटर्न को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करता है।

- व्यापक बाजार कवरेज: यह नई शृंखला देश भर के बाजारों से मूल्य शृंखला का विस्तार करती है।
- ऑनलाइन बाजारों का समावेश: पहली बार, 12 ऑनलाइन बाजारों के मूल्यों को सीपीआई गणना में शामिल किया गया है।
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप: संशोधित सीपीआई शृंखला COICOP 2018 (उद्देश्य के अनुसार व्यक्तिगत उपभोग का वर्गीकरण) ढाँचे का अनुसरण करती है, जिसमें वैश्विक प्रथाओं के अनुरूप 12 उपभोग श्रेणियों को शामिल किया गया है।
- अधिक विस्तृत विश्लेषण और वैश्विक तुलनीयता: पहले के 6 व्यापक समूहों से 12 विस्तृत विभाजनों में परिवर्तन वर्गीकरण की गहराई को बढ़ाता है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रास्फीति मानकों के साथ तुलनीयता में सुधार करता है।
- नई सीपीआई बास्केट: नई सीपीआई बास्केट में 358 वस्तुएँ और सेवाएँ शामिल हैं, जबकि पिछली बास्केट में 299 वस्तुएँ और सेवाएँ थीं।
- हटाए गए आइटम: VCR/VCD/DVD प्लेयर, टेप रिकॉर्डर, रेडियो, CD/DVD कैसेट, पुराने कपड़े, नारियल का रेशा/रस्सी।
- नए आइटम जोड़े गए
- ग्रामीण आवास किराया (पहली बार प्रस्तुत किया गया)
- ऑनलाइन मीडिया और स्ट्रीमिंग सेवाएँ
- मूल्यवर्द्धित दुग्ध उत्पाद
- जौ और संबंधित उत्पाद
- पेन ड्राइव, बाहरी हार्ड डिस्क
- अटेंडेंट और बेबीसिटर सेवाएँ
- व्यायाम उपकरण
- स्वच्छ ईंधन (CNG/PNG)।
संशोधन की आवश्यकता
- पुराने आधार वर्ष और सर्वेक्षण डेटा: पुरानी CPI शृंखला वर्ष 2012 के आधार वर्ष और वर्ष 2011-12 के सर्वेक्षण के उपभोग पैटर्न पर आधारित थी, जो अब वर्तमान आर्थिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती है।
- उदाहरण के लिए: अब 80 करोड़ परिवारों को मुफ्त अनाज मिलता है, जिससे स्वाभाविक रूप से भोजन पर उनका व्यय कम हो जाता है।
- साथ ही, ओवर-द-टॉप (OTT) वीडियो स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन मार्केटप्लेस जैसी कई नई सेवाएँ सामने आई हैं। नई शृंखला इन परिवर्तनों को ध्यान में रखने का प्रयास करती है।
- समकालीन मुद्रास्फीति माप की आवश्यकता: पिछले एक दशक में भारत के उपभोग व्यवहार में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन आया है, जिसके कारण अधिक समकालीन मुद्रास्फीति माप की आवश्यकता है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के बारे में
- CPI समय के साथ परिवारों द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की एक बास्केट की खुदरा कीमतों में परिवर्तन को मापता है।
- प्रकाशक: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO)।
- आवृत्ति: CPI मासिक रूप से जारी किया जाता है।
- आधार वर्ष: 2024।
- प्रकार
- औद्योगिक कामगारों के लिए CPI (CPI-IW): श्रम ब्यूरो द्वारा संकलित।
- कृषि कामगारों के लिए CPI (CPI-AL): श्रम ब्यूरो द्वारा संकलित।
- ग्रामीण कामगारों के लिए CPI (CPI-RL): श्रम ब्यूरो द्वारा संकलित, यह विशेष रूप से ग्रामीण कामगारों के लिए मूल्य परिवर्तनों को दर्शाता है।
- संयुक्त CPI: NSO द्वारा संकलित।
CPI का महत्त्व
- प्राथमिक मुद्रास्फीति मापक: यह भारत में खुदरा मुद्रास्फीति का मुख्य मापक है, जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता कीमतों में होने वाले परिवर्तनों को दर्शाता है।
- मौद्रिक नीति आधार: यह RBI के मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढाँचे (4% ± 2%) के लिए नाममात्र आधार का कार्य करता है, जो ब्याज दर संबंधी निर्णयों का मार्गदर्शन करता है।
- सूचकांक उपकरण: इसका उपयोग सरकारी कर्मचारियों के महँगाई भत्ता (DA) और विभिन्न सामाजिक क्षेत्र हस्तांतरणों जैसे मदों के सूचकांकीकरण के लिए किया जाता है।
- वास्तविक क्षेत्र विश्लेषण: यह वास्तविक जीडीपी और अन्य वास्तविक आर्थिक संकेतकों को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय खातों को अपस्फीत करने में सहायक होता है।
CPI बनाम WPI
| पहलू |
WPI |
CPI |
| मानक |
थोक/उत्पादक स्तर पर कीमतों में परिवर्तन |
खुदरा/उपभोक्ता स्तर पर कीमतों में परिवर्तन |
| दायरा |
मुख्यतः वस्तुएँ (प्राथमिक वस्तुएँ, निर्मित वस्तुएँ, ईंधन) |
घरों द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुएँ और सेवाएँ |
| उद्देश्य |
उत्पादक मुद्रास्फीति, औद्योगिक और व्यापार नीति पर नजर रखता है। |
उपभोक्ता मुद्रास्फीति, जीवन यापन की लागत और मौद्रिक नीति पर नजर रखता है। |
| प्रभाव |
औद्योगिक मूल्य निर्धारण, व्यापार और अनुबंधों को प्रभावित करता है। |
RBI की नीति, सब्सिडी और मजदूरी को प्रभावित करता है। |