UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

डिजिटल टोकन

16 Apr 2026

संदर्भ

जैसे-जैसे वैश्विक वित्त प्रणाली, ‘प्रोग्रामेबल सिस्टम’ की ओर बढ़ रही है, भारत में विश्वास और नियामक स्थिरता को बनाए रखते हुए बैंकिंग प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए डिपॉजिट टोकन और एसेट टोकनाइजेशन की संभावनाओं विचार किया जा रहा है।

डिजिटल टोकन के बारे में

  • डिजिटल टोकन, अनुमत ब्लॉकचेन नेटवर्क पर जारी किए गए बैंक जमाओं के डिजिटल प्रतिनिधित्व हैं।
    • यह पूरी तरह से पारंपरिक जमा राशि द्वारा समर्थित है और विनियमन के अधीन है, जो विनियमित बैंकों द्वारा मंजूरी दी गई ब्लॉकचेन पर जारी किए जाने वाले वास्तविक समय के निपटान, प्रोग्रामेबिलिटी और बिना किसी अतिरिक्त क्रेडिट जोखिम को सक्षम बनाता है।
  • प्रोग्राम करने योग्य और त्वरित निपटान: अंतरबैंक और कॉरपोरेट भुगतानों में विलंबित बैच-आधारित प्रणालियों को प्रतिस्थापित करते हुए, 24×7 वास्तविक समय लेनदेन (T+0) को सक्षम बनाता है।
  • एसेट टोकनाइजेशन: वास्तविक दुनिया की संपत्तियों (अचल संपत्ति, सोना, बॉण्ड) को डिजिटल टोकन में परिवर्तित करना, जिससे आसान हस्तांतरण, तरलता और आंशिक स्वामित्व प्राप्त होता है।
  • एटॉमिक सेटेलमेंट (DvP): संपत्तियों और धन का एक साथ आदान-प्रदान प्रतिपक्ष जोखिम को कम करता है और दक्षता में सुधार करता है।
  • RBI की भूमिका: थोक CBDC को ‘सेटलमेंट लेयर’ के रूप में उपयोग करने वाले पायलट प्रोजेक्ट्स (जैसे- टोकनाइज्ड सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट)।

RBI की CBDC

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC), जिसे डिजिटल रुपी (e₹) के नाम से जाना जाता है, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की गई वैध मुद्रा का डिजिटल रूप है।
  • यह RBI पर एक प्रत्यक्ष दायित्व है, जो नकदी का एक सुरक्षित और कुशल विकल्प प्रदान करता है और इसमें एक-से-एक परिवर्तनीयता की सुविधा है।
  • e₹ मोबाइल वॉलेट के माध्यम से 24/7, पीयर-टू-पीयर (P2P) या पीयर-टू-मर्चेंट (P2M) लेन-देन को सक्षम बनाता है, जिसमें ऑफ़लाइन कार्यक्षमता और प्रोग्रामेबल भुगतान की सुविधा है।

भारत के लिए महत्त्व

  • बैंकिंग में विश्वास बनाए रखना: क्रिप्टोकरेंसी के विपरीत, डिपॉजिट टोकन विनियमित ढाँचे के भीतर काम करते हैं, जिससे स्थिरता सुनिश्चित होती है।
  • दक्षता बढ़ाना: घरेलू और सीमा पार भुगतानों में लेन-देन का समय, लागत और मिलान में होने वाली देरी को कम करता है।
  • तरलता बढ़ाना: टोकनाइजेशन से गैर-तरल परिसंपत्तियों का विखंडन संभव होता है, जिससे ऋण तक पहुँच और संपार्श्विक का उपयोग बेहतर होता है।
  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का लाभ उठाना: UPI और आधार जैसी प्रणालियों पर आधारित होकर फिनटेक में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करता है।
  • रणनीतिक वैश्विक स्थिति: भारत को विनियमित, प्रोग्रामेबल डिजिटल वित्त के लिए मानक तय करने में मदद करता है।

टोकनाइजेशन को अपनाने में चुनौतियाँ

  • नियामक अनिश्चितता: विदेशी मुद्रा कानूनों, मनी लॉण्ड्रिंग रोधी और ग्राहक को जानें (KYC) मानदंडों तथा सीमा पार अनुपालन ढाँचों में स्पष्टता का अभाव।
  • सैंडबॉक्स की सीमाएँ: अधिकांश पहलें पायलट चरणों तक ही सीमित हैं, जिससे विस्तार सीमित हो जाता है।
  • साइबर सुरक्षा और तकनीकी जोखिम: ब्लॉकचेन अवसंरचना को प्रणालीगत कमजोरियों से सुरक्षित होना चाहिए।
  • अंतरसंचालनीयता संबंधी समस्याएँ: मौजूदा बैंकिंग प्रणालियों और वैश्विक प्लेटफॉर्मों के साथ एकीकरण जटिल बना हुआ है।

आगे की राह

  • स्पष्ट नियामक ढाँचा: टोकेनाइज्ड परिसंपत्तियों और डिपॉजिट टोकन की कानूनी स्थिति परिभाषित करना।
  • RBI पायलट प्रोजेक्ट का विस्तार करना: व्यापार वित्त, अंतरबैंक निपटान और पूँजी बाजारों में उपयोग के मामलों को बढ़ाना।
  • वैश्विक समन्वय: सीमा पार टोकनाइज्ड वित्त के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ तालमेल बिठाना।
  • डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करना: मजबूत, सुरक्षित और अंतरसंचालनीय ब्लॉकचेन पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करना।

निष्कर्ष

डिपॉजिट टोकन और एसेट टोकनाइजेशन बैंकिंग का एक स्वाभाविक विकास है, जो नवाचार को विनियमन के साथ जोड़ता है और भारत को वैश्विक वित्तीय संरचना के अगले चरण में नेतृत्व करने के लिए तैयार करता है।

डिजिटल टोकन

Explore UPSC Foundation Batches

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.