संदर्भ
एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) ने पश्चिम एशिया संघर्ष और ऊर्जा व्यवधानों से प्रभावित सदस्य देशों की सहायता के लिए 10 अरब अमेरिकी डॉलर की सुविधा शुरू की है।
एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) के प्रमुख हस्तक्षेप
- ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक सुविधा: AIIB ने एक समय-सीमित USD 10 अरब वित्तपोषण पैकेज शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों में ऊर्जा संकट, खाद्य असुरक्षा और आर्थिक अस्थिरता का समाधान करना है।
- आपातकालीन वित्तीय सहायता: यह सुविधा त्वरित रूप से वितरित होने वाले बजटीय समर्थन, आवश्यक वस्तुओं के आयात के लिए वित्तपोषण तथा प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं एवं अवसंरचना कंपनियों के लिए तरलता सहायता प्रदान करती है।
- वैश्विक वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय: AIIB, बहुपक्षीय विकास बैंकों (MDBs), अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) तथा अन्य विकास साझेदारों के साथ सहयोग कर रहा है ताकि वैश्विक स्तर पर संकट-प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया जा सके।
एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) के बारे में
- AIIB एक बहुपक्षीय विकास बैंक है, जो एशिया और उसके बाहर सतत् अवसंरचना और क्षेत्रीय संपर्क के वित्तपोषण पर केंद्रित है।
- मुख्यालय: बीजिंग, चीन।
- स्थापना: AIIB की स्थापना AIIB के ‘आर्टिकल्स ऑफ एग्रीमेंट’ के माध्यम से की गई, जो वर्ष 2015 में 25 दिसंबर को प्रभावी हुआ।
- इस पहल का प्रारंभिक प्रस्ताव वर्ष 2013 में चीन द्वारा रखा गया था।
- बैंक ने आधिकारिक रूप से वर्ष 2016 के जनवरी में कार्य शुरू किया।
- मुख्य उद्देश्य
- अवसंरचना वित्तपोषण: AIIB सतत् अवसंरचना, परिवहन, ऊर्जा और उत्पादक क्षेत्रों में वित्तपोषण करता है, ताकि दीर्घकालिक आर्थिक विकास को समर्थन मिल सके।
- क्षेत्रीय सहयोग: यह सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है और बहुपक्षीय एवं द्विपक्षीय विकास संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करता है।
- संपर्क और सतत् विकास: AIIB का उद्देश्य क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार एकीकरण और सतत आर्थिक लचीलेपन को बढ़ाना है।
- सदस्य: इसके 111 स्वीकृत सदस्य देश हैं।
- सदस्यता विश्व बैंक या एशियाई विकास बैंक के सभी सदस्यों के लिए खुली है और इसे क्षेत्रीय तथा गैर-क्षेत्रीय सदस्यों में विभाजित किया गया है।
- पूँजी आधारित मतदान प्रणाली: मतदान शक्ति मुख्यतः पूँजी योगदान पर आधारित होती है, जिसमें बेसिक वोट, शेयर वोट और क्षेत्रीय सदस्य प्रतिनिधित्व शामिल है।
- चीन सबसे बड़ा शेयरधारक है, जिसकी मतदान हिस्सेदारी लगभग 26.5% है, इसके बाद भारत, रूस और जर्मनी आते हैं।
- भारत दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है, जिसकी मतदान शक्ति लगभग 7.6% है।
हालिया हस्तक्षेप का महत्त्व
- वैश्विक आर्थिक स्थिरता को मजबूत करना: यह सुविधा ऊर्जा व्यवधानों, मुद्रास्फीति और संघर्ष-प्रेरित आपूर्ति शृंखला अस्थिरता से उत्पन्न बाहरी तनावों का प्रबंधन करने में देशों की सहायता करती है।
- ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को समर्थन: AIIB की सहायता बढ़ती ईंधन कीमतों, उर्वरक की कमी और व्यापार मार्गों में बाधाओं से उत्पन्न आर्थिक कमजोरियों को कम कर सकती है।
- भारत और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए प्रासंगिकता: यह हस्तक्षेप भारत जैसे ऊर्जा-आयातक देशों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक तेल बाजारों में होने वाले व्यवधानों के प्रति संवेदनशील हैं।