संदर्भ
भारत ने अपने BRICS अध्यक्षता के तहत 25 मई, 2026 को BRICS 2026 पर्यटन कार्य समूह (TWG) की उद्घाटन बैठक की अध्यक्षता आभासी माध्यम से की।
संबंधित तथ्य
- भारत ने अपने BRICS अध्यक्षता वर्ष के दौरान पर्यटन सहयोग के लिए अपनी विषयगत प्राथमिकताएँ प्रस्तुत कीं।
- इस बैठक ने वर्ष 2026 में होने वाली भविष्य की मंत्रिस्तरीय और कार्य समूह बैठकों की आधारशिला रखी।
BRICS पर्यटन कार्य समूह बैठक के बारे में
- BRICS पर्यटन कार्य समूह बैठक ने भारत की वर्ष 2026 अध्यक्षता के दौरान BRICS देशों के बीच पर्यटन सहयोग पहलों की औपचारिक शुरुआत को चिह्नित किया।
- उद्देश्य: BRICS सदस्य देशों के बीच पर्यटन सहयोग को सुदृढ़ करना और एक समन्वित पर्यटन एजेंडा विकसित करना।
- थीम: “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी”।
- भारत के प्रमुख फोकस क्षेत्र (BRICS, 2026 अध्यक्षता के तहत)
- पर्यटन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: भारत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर बल दिया, ताकि पर्यटन सेवाओं, डिजिटल अनुभव, गंतव्य प्रबंधन और डेटा-आधारित नीति निर्माण में सुधार किया जा सके।
- स्थिरता और उत्तरदायी पर्यटन: भारत ने पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक संरक्षण और संतुलित पर्यटन विकास पर केंद्रित सतत् पर्यटन प्रथाओं को रेखांकित किया।
- पर्यटन कौशल विकास और क्षमता निर्माण: भारत ने कौशल विकास, कार्यबल प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता निर्माण के महत्त्व पर बल दिया, ताकि पर्यटन क्षेत्र की प्रतिस्पर्द्धात्मकता बढ़ाई जा सके।
- पर्यटन आदान-प्रदान और सहज यात्रा सुविधा: भारत ने लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने और सरल यात्रा तंत्र विकसित करने का समर्थन किया, ताकि BRICS देशों के बीच पर्यटन प्रवाह को बढ़ावा मिल सके।
- महत्त्व: यह पहल भारत के बहुपक्षीय पर्यटन सहयोग को सुदृढ़ करने, नवाचार-आधारित पर्यटन विकास को बढ़ावा देने और BRICS देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के प्रयास को दर्शाती है।
BRICS के बारे में
- उत्पत्ति: BRIC शब्द का प्रयोग वर्ष 2001 में ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ’नील द्वारा ब्राजील, रूस, भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए किया गया।
- विकास
- वर्ष 2006: BRICS की विदेश मंत्री स्तर पर पहली बैठक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आयोजित हुई।
- वर्ष 2009: पहला BRICS शिखर सम्मेलन (राष्ट्राध्यक्ष स्तर) रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित हुआ।
- वर्ष 2010: दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने से समूह BRICS बना और पाँचवाँ सदस्य जुड़ा।
- वर्ष 2023: जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन में BRICS का दूसरा विस्तार हुआ, जिसमें छह नए सदस्य शामिल किए गए।
- उद्देश्य: BRICS का मुख्य उद्देश्य वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार करना और IMF, विश्व बैंक तथा UNSC जैसी पश्चिम-प्रभुत्व वाली संस्थाओं के विकल्प प्रस्तुत करना है।
- अध्यक्षता: BRICS एक अनौपचारिक समन्वय तंत्र है, जिसकी अध्यक्षता प्रति वर्ष सदस्यों के बीच घूर्णन के आधार पर बदलती रहती है।
- सहयोग के स्तंभ: BRICS के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) के अनुसार सहयोग तीन स्तंभों पर आधारित है:
- राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग
- आर्थिक और वित्तीय सहयोग
- सांस्कृतिक एवं लोगों के बीच संपर्क (P2P)।
- BRICS के अंतर्गत वार्षिक शिखर सम्मेलन, मंत्रिस्तरीय बैठकें तथा कार्य-स्तरीय बैठकें आयोजित की जाती हैं।
- सदस्य (11)
- प्रारंभिक सदस्य (BRICS): ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका।
- नए सदस्य (BRICS+): मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात।
- अन्य सहभागिता तंत्र
- ब्रिक्स आउटरीच (BRICS Outreach): वर्ष 2013 में दक्षिण अफ्रीका द्वारा शुरू किया गया, जिसमें वर्तमान अध्यक्ष देश की अन्य देशों के साथ बैठकें होती हैं।
- ब्रिक्स प्लस (BRICS Plus): वर्ष 2017 में चीन द्वारा शुरू, जिसमें BRICS देशों और आमंत्रित गैर-क्षेत्रीय देशों के बीच बैठकें होती हैं।
- BRICS का महत्त्व
- वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी: वैश्विक GDP में लगभग 40% योगदान।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार: कुल वैश्विक व्यापार में लगभग 26% हिस्सेदारी।
- जनसंख्या: विश्व की लगभग 49.5% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व।
- भौगोलिक क्षेत्र: विश्व के कुल क्षेत्रफल का लगभग 36%।
- संसाधन नियंत्रण
- विश्व के दुर्लभ खनिज भंडार का 72% BRICS के पास है।
- वैश्विक तेल उत्पादन का लगभग 43%।
- विश्व के प्राकृतिक गैस उत्पादन का 36%।
- वैश्विक कोयला उत्पादन का 78.2%।