जनसांख्यिकीय परिवर्तन एवं अवैध प्रवासन पर उच्च स्तरीय समिति

28 May 2026

संदर्भ

हाल ही में केंद्र सरकार ने एक पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसका उद्देश्य अवैध घुसपैठ से उत्पन्न अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करना तथा उनके राष्ट्रीय सुरक्षा एवं जनजातीय समाजों पर प्रभाव का आकलन करना है।

image2

समिति के प्रमुख बिंदु

यह समिति स्थानीय स्तर पर जनसंख्या परिवर्तनों का आकलन करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सामाजिक एकता की रक्षा हेतु एक रणनीतिक रोडमैप तैयार करने के लिए गठित की गई है।

  • मुख्य अधिदेश: समिति अवैध प्रवासन एवं अन्य अस्वाभाविक कारणों से उत्पन्न जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का व्यापक राष्ट्रीय स्तर पर आकलन करेगी।
  • सूक्ष्म डेटा विश्लेषण: समिति धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या वृद्धि एवं परिवर्तित जनसंख्या पैटर्न का विश्लेषण करेगी।
  • कार्यान्वयन योग्य समाधान: समिति को इन असंतुलनों को कम करने तथा सीमावर्ती एवं आंतरिक क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय संरचना को सुरक्षित करने हेतु नियोजित एवं समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
  • बहुआयामी चुनौतियाँ: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रेखांकित किया कि अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय परिवर्तन निम्नलिखित क्षेत्रों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं:
    • राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संप्रभुता: विशेष रूप से संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा ढाँचे को प्रभावित करता है।
    • कानून एवं व्यवस्था: स्थानीय सामाजिक-आर्थिक तनाव एवं प्रशासनिक दबाव उत्पन्न करता है।
    • सामाजिक संरचना: पारंपरिक सामुदायिक संरचनाओं एवं सामाजिक गतिशीलता में परिवर्तन लाता है।
    • जनजातीय समाज का संरक्षण: स्वदेशी एवं जनजातीय समुदायों के विशिष्ट सांस्कृतिक, भाषायी एवं भू-अधिकारों के लिए खतरा उत्पन्न करता है।

जनसांख्यिकी एवं संवैधानिक ढाँचे के बारे में

  • संवैधानिक क्षेत्राधिकार
    • जनगणना एवं जनसांख्यिकी: “जनगणना” का विषय भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की संघ सूची की प्रविष्टि 69 के अंतर्गत आता है।
    • नागरिकता एवं प्रवासन: नागरिकता, देशीयकरण एवं विदेशी नागरिकों से संबंधित विषय संसद के विशेष अधिकार क्षेत्र में आते हैं। (संघ सूची की प्रविष्टि 17 एवं 19)।
  • घुसपैठ से संबंधित प्रमुख कानून: विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवेश एवं अवैध रूप से ठहरने को निम्नलिखित घरेलू कानूनों द्वारा विनियमित किया जाता है, जैसे: विदेशी अधिनियम, 1946, विदेशियों का पंजीकरण अधिनियम, 1939 और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920।
  • जनजातीय क्षेत्रों पर प्रभाव: संविधान की पाँचवीं एवं छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में अनियंत्रित जनसांख्यिकीय परिवर्तन स्थानीय स्वशासन, जनजातीय भूमि संरक्षण प्रावधानों तथा स्वायत्त जिला परिषदों की संरचना को प्रभावित कर सकते हैं।
जनसांख्यिकीय परिवर्तन एवं अवैध प्रवासन पर उच्च स्तरीय समिति

Explore UPSC Foundation Course

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.