संदर्भ
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) के माध्यम से, सभी पंजीकृत अंग प्रत्यारोपण अस्पतालों को अपनी वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ (होम पेज) पर प्रत्यारोपण के बाद जीवित रहने (Post-Transplant Survival) संबंधी आँकड़े प्रकाशित करने का निर्देश दिया है।
संबंधित तथ्य
- इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही, रोगियों द्वारा सूचित निर्णय (Informed Patient Choice) तथा अंग प्रत्यारोपण के परिणामों की निगरानी को पूरे भारत में सुदृढ़ करना है।
नए दिशा-निर्देशों की प्रमुख विशेषताएँ
- अनिवार्य प्रकटीकरण: पंजीकृत अंग प्रत्यारोपण अस्पतालों को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर प्रत्यारोपण के बाद जीवित रहने संबंधी परिणामों का सार्वजनिक प्रकटीकरण करना होगा।
- परिणामों की निगरानी: अस्पतालों को प्रत्यारोपण के बाद 6 माह, 1 वर्ष, 3 वर्ष तथा 5 वर्ष तक जीवित रहने वाले प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं की संख्या की रिपोर्ट देनी होगी।
- व्यापक कवरेज: यह पहल गुर्दा, यकृत, हृदय तथा फेफड़े सहित प्रमुख ठोस अंग प्रत्यारोपण (Solid Organ Transplants) को शामिल करती है।

- सूचित सहमति (Informed Consent): अस्पतालों को सूचित सहमति संबंधी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा तथा प्रत्यारोपण के लाभों, जोखिमों, जटिलताओं एवं अपेक्षित परिणामों की स्पष्ट जानकारी रोगियों तथा उनके परिजनों को देनी होगी।
- राष्ट्रीय रिपोर्टिंग: इन आँकड़ों को NOTTO द्वारा संचालित राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण रजिस्ट्री के साथ एकीकृत किया जाएगा, ताकि दीर्घकालिक निगरानी एवं नीति-निर्माण को सुदृढ़ किया जा सके।
महत्त्व
- अधिक पारदर्शिता: प्रत्यारोपण परिणामों के सार्वजनिक प्रकटीकरण से स्वास्थ्य प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ती है।
- रोगियों द्वारा सूचित निर्णय (Informed Patient Choice): जीवित रहने संबंधी आँकड़े रोगियों को प्रत्यारोपण केंद्र के चयन में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सहायता करते हैं।
- गुणवत्ता में सुधार: विभिन्न अस्पतालों के प्रत्यारोपण परिणामों की तुलना से चिकित्सीय मानकों तथा प्रत्यारोपण के बाद की देखभाल में सुधार के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
- साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण: दीर्घकालिक जीवित रहने संबंधी आँकड़े योजना-निर्माण, अनुसंधान तथा अंग प्रत्यारोपण नीतियों के निर्माण को अधिक प्रभावी बनाते हैं।
- जवाबदेही में वृद्धि: नियमित रिपोर्टिंग से संस्थागत जवाबदेही सुदृढ़ होती है तथा निरंतर कार्य-निष्पादन मूल्यांकन को बढ़ावा मिलता है।
राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO)
- नोडल मंत्रालय: यह स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अधीन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है।
- प्रभाग
- राष्ट्रीय मानव अंग एवं ऊतक निष्कासन एवं भंडारण नेटवर्क: इसका कार्य अंगों एवं ऊतकों की प्राप्ति, वितरण तथा अंग एवं ऊतक दान एवं प्रत्यारोपण की राष्ट्रीय रजिस्ट्री का समन्वय एवं संचालन करना है।
- राष्ट्रीय जैव-पदार्थ केंद्र (राष्ट्रीय ऊतक बैंक): इसकी स्थापना ऊतक प्रत्यारोपण की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु ऊतकों की प्राप्ति, भंडारण एवं वितरण के लिए की गई है।
- इसमें अस्थि एवं अस्थि उत्पाद, त्वचा प्रत्यारोपण (Skin Graft), कॉर्निया तथा हृदय वाल्व एवं रक्त वाहिकाएँ शामिल हैं।
- कार्य
- नीति-निर्धारण: विभिन्न कार्यों के लिए नीति-निर्देश एवं प्रोटोकॉल निर्धारित करना।
- राष्ट्रीय प्रत्यारोपण रजिस्ट्री: राष्ट्रीय प्रत्यारोपण रजिस्ट्री की स्थापना एवं अनुरक्षण करना, जो अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण गतिविधियों की निगरानी के लिए आवश्यक है।
- जन-जागरूकता: अंगदान एवं प्रत्यारोपण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा इन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना।
- सूचना का प्रसार: संबंधित संगठनों, अस्पतालों एवं व्यक्तियों तक आवश्यक जानकारी का प्रसार करना।
- निगरानी: क्षेत्रीय एवं राज्य स्तर पर प्रत्यारोपण गतिविधियों की निगरानी करना तथा इस संबंध में डेटा बैंक का अनुरक्षण करना।
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