संदर्भ
यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (US FDA) ने ESR1 उत्परिवर्तित (ESR1-mutated), एस्ट्रोजन रिसेप्टर (ER)-पॉजिटिव तथा ह्यूमन एपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर-2 (HER2)-नेगेटिव एडवांस ब्रेस्ट कैंसर के उपचार हेतु विश्व की पहली प्रोटियोलिसिस-टार्गेटिंग काइमेरा (PROTAC)-आधारित चिकित्सा वेपडेगेस्ट्रेंट (Vepdegestrant) को स्वीकृति प्रदान की है।

वेपडेगेस्ट्रेंट के बारे में
- यह प्रोटियोलिसिस-टार्गेटिंग काइमेरा (PROTAC) प्रौद्योगिकी पर आधारित प्रथम-श्रेणी की प्रतिदिन एक बार ली जाने वाली ओरल टार्गेटेड एंटी कैंसर ड्रग (Oral Targeted Anti-cancer Drug) है, जो केवल रोग उत्पन्न करने वाले प्रोटीनों की गतिविधि को अवरुद्ध करने के बजाय उन्हें नष्ट करती है।
- विकसितकर्ता: इस औषधि का संयुक्त रूप से विकास आर्विनास इंक. (Arvinas, Inc.), जो नैदानिक प्रोटियोलिसिस-टार्गेटिंग काइमेरा (PROTAC) विकास की अग्रणी कंपनी है, तथा फाइजर (Pfizer) द्वारा किया गया है। यह प्रिसीजन ऑन्कोलॉजी (Precision Oncology) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सहयोग का प्रतिनिधित्व करता है।
- स्वीकृत उपयोग: इसे ESR1 उत्परिवर्तित (ESR1-mutated), एस्ट्रोजन रिसेप्टर (ER)-पॉजिटिव तथा ह्यूमन एपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर-2 (HER2)-नेगेटिव एडवांस अथवा मेटास्टेटिक ब्रेस्ट कैंसर के उन रोगियों के उपचार के लिए स्वीकृत किया गया है, जिनमें एंडोक्राइन थेरेपी (Endocrine Therapy) तथा CDK4/6 अवरोधकों (CDK4/6 Inhibitors) के बाद भी रोग की प्रगति हुई हो।
- कार्यविधि: पारंपरिक उपचारों के विपरीत, जो केवल एस्ट्रोजन रिसेप्टर को अवरुद्ध करते हैं, वेपडेगेस्ट्रेंट कोशिका की प्राकृतिक प्रोटीन निपटान प्रणाली का उपयोग करके एस्ट्रोजन रिसेप्टर का पूर्ण अपघटन करता है, जिससे हार्मोन थेरेपी प्रतिरोध पर प्रभावी रूप से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
प्रोटियोलिसिस-टार्गेटिंग काइमेरा (PROTAC) प्रौद्योगिकी कैसे कार्य करती है?
- प्रोटियोलिसिस-टार्गेटिंग काइमेरा (PROTAC) अणु के दो कार्यात्मक भाग होते हैं- एक टार्गेटेड प्रोटीन से जुड़ता है, जबकि दूसरा E3 यूबिक्विटिन लाइगेज से जुड़ता है, जो कोशिका में प्रोटीन अपघटन से संबंधित एंजाइम है।
- टर्नरी कॉम्प्लेक्स का निर्माण: PROTAC एक साथ टार्गेटेड प्रोटीन तथा E3 यूबिक्विटिन लाइगेज़ से जुड़कर एक अस्थायी टर्नरी कॉम्प्लेक्स बनाता है, जो प्रोटीन अपघटन की प्रक्रिया प्रारंभ करता है।
- यूबिक्विटिनेशन: E3 यूबिक्विटिन लाइगेज़ लक्षित प्रोटीन पर अनेक यूबिक्विटिन अणु जोड़ता है, जिससे वह प्रोटीन स्थायी रूप से विनाश के लिए चिह्नित हो जाता है।
- प्रोटीओसोमल अपघटन: यूबिक्विटिन-चिह्नित प्रोटीन को कोशिका की प्रोटीन पुनर्चक्रण प्रणाली अर्थात प्रोटीओसोम पहचानकर नष्ट कर देता है, जबकि PROTAC अणु अक्षुण्ण रहता है और पुनः अन्य लक्षित प्रोटीनों का अपघटन करने में सक्षम होता है।
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वेपडेगेस्ट्रेंट की प्रमुख विशेषताएँ
- प्रथम स्वीकृत PROTAC चिकित्सा: यह प्रोटियोलिसिस-टार्गेटिंग काइमेरा (PROTAC) प्रौद्योगिकी पर आधारित विश्व की पहली US FDA-स्वीकृत औषधि है, जो दो दशकों में विकसित इस उपचारात्मक दृष्टिकोण को मान्यता प्रदान करती है।
- प्रोटीन अवरोधन के बजाय प्रोटीन अपघटन: पारंपरिक औषधियों के विपरीत, जो केवल प्रोटीन की गतिविधि को अवरुद्ध करती हैं, वेपडेगेस्ट्रेंट एस्ट्रोजन रिसेप्टर को पूर्णतः नष्ट कर उसके सभी कैंसर-प्रोमोटिंग कार्यों को समाप्त कर देता है।
- उत्प्रेरकीय दक्षता: वेपडेगेस्ट्रेंट का एक ही अणु लक्षित प्रोटीन की अनेक प्रतियों का बार-बार अपघटन कर सकता है, जिससे अपेक्षाकृत कम मात्रा में प्रभावी उपचार संभव होता है।
- सुविधाजनक ‘ओरल थेरेपी’: इसे प्रतिदिन एक बार ओरल टैबलेट के रूप में दिया जाता है, जिससे फुल्वेस्ट्रेंट (Fulvestrant) जैसी औषधियों के लिए आवश्यक मासिक ‘इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन’ की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
- सिद्ध नैदानिक लाभ: 624 रोगियों पर किए गए चरण-III नैदानिक परीक्षण में इस औषधि ने ESR1 उत्परिवर्तित ट्यूमर वाले रोगियों में मध्य प्रगति-मुक्त जीवित रहने की अवधि को 5 माह तक बढ़ाया, जबकि फुल्वेस्ट्रेंट के साथ यह अवधि 2.1 माह रही।
- अनुकूल सुरक्षा प्रोफ़ाइल: इसके अधिकांश दुष्प्रभाव हल्के से मध्यम पाए गए, जिनमें थकान, मतली, मांसपेशीय एवं अस्थि-दर्द, कब्ज, भूख में कमी तथा यकृत एंजाइमों एवं इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) में अस्थायी परिवर्तन शामिल हैं।

महत्त्व
- नई उपचारात्मक अवधारणा: इस स्वीकृति ने लक्षित प्रोटीन अपघटन को एक चिकित्सकीय रूप से व्यवहार्य उपचार रणनीति के रूप में स्थापित किया है, जो पारंपरिक प्रोटीन अवरोधन पद्धतियों का प्रभावी पूरक है।
- औषधि प्रतिरोध पर सफलता: उत्परिवर्तित एस्ट्रोजन रिसेप्टर का अपघटन करके यह औषधि उन्नत स्तन कैंसर में हार्मोन थेरेपी प्रतिरोध के प्रमुख कारणों में से एक का समाधान करती है।
- ‘अनड्रगेबल’ प्रोटीनों को लक्षित करना: प्रोटियोलिसिस-टार्गेटिंग काइमेरा (PROTAC) प्रौद्योगिकी उन प्रोटीनों को भी लक्षित कर सकती है, जिनमें पारंपरिक औषधियों के लिए उपयुक्त बाइंडिंग साइट्स उपलब्ध नहीं होते, जिससे औषधि खोज का दायरा उल्लेखनीय रूप से विस्तृत होता है।
- व्यापक उपचारात्मक क्षमता: वर्तमान में 200 से अधिक प्रोटीनों को लक्षित करने वाले 40 से अधिक PROTAC मरीज कैंसर, तंत्रिका-अपक्षयी विकार, सूजन संबंधी रोग तथा मांसपेशीय विकारों के उपचार हेतु नैदानिक परीक्षणों से गुजर रहे हैं।
- भविष्य की औषधि नवाचार को गति: इस स्वीकृति से प्रोटीन अपघटन-आधारित उपचारों पर अनुसंधान को गति मिलने की संभावना है, जिससे परिशुद्ध चिकित्सा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण प्रगति होगी।
निष्कर्ष
वेपडेगेस्ट्रेंट को यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (US FDA) द्वारा दी गई स्वीकृति प्रिसीजन ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण है, जिसने लक्षित प्रोटीन अपघटन को एक परिवर्तनकारी उपचार रणनीति के रूप में स्थापित किया है। प्रोटियोलिसिस-टार्गेटिंग काइमेरा (PROTAC) प्रौद्योगिकी, पहले ‘अनड्रगेबल’ माने जाने वाले प्रोटीनों का भी अपघटन करने में सक्षम बनाकर, कैंसर सहित अनेक जटिल रोगों के उपचार की दिशा को पुनर्परिभाषित करने की क्षमता रखती है।