संदर्भ
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने “00” (डबल-जीरो) सरसों की एक नई किस्म (GSC-7) विकसित की है, जिसमें इरुसिक एसिड (Erucic Acid) और ग्लूकोसिनोलेट की मात्रा कम है, जिससे सरसों का तेल अधिक सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य बनता है।
संबंधित तथ्य
- यद्यपि मानव स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को लेकर बहस जारी है, फिर भी अमेरिका जैसे देशों ने निवारक दृष्टिकोण अपनाते हुए उच्च इरुसिक एसिड (Erucic Acid) वाले खाद्य तेलों पर प्रतिबंध लगाया है।
वैश्विक कैनोला-गुणवत्ता मानक
- ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत रासायनिक मानदंड हैं, जो खाद्य योग्य कैनोला (कम विषाक्तता वाले रेपसीड) को पारंपरिक रेपसीड से अलग करते हैं।
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“00” (डबल-जीरो) गोभी सरसों किस्म के बारे में
- यह ब्रैसिका नैपस प्रजाति पर आधारित है, जिसे सामान्यतः गोभी सरसों कहा जाता है और इसका उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य तेल के उत्पादन में किया जाता है।
मुख्य विशेषताएँ
- इरुसिक एसिड (Erucic Acid) में कमी: नई विकसित किस्म में इरुसिक एसिड (Erucic Acid) 2% से कम है, जो खाद्य तेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।
- कम ग्लूकोसिनोलेट: इसमें ग्लूकोसिनोलेट की मात्रा 30 माइक्रोमोल प्रति ग्राम से कम है, जिससे पोषण गुणवत्ता और सुरक्षा बेहतर होती है।
- वैश्विक मानकों के अनुरूप: यह किस्म वैश्विक कैनोला गुणवत्ता मानकों को पूरा करती है, जिससे यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए उपयुक्त है।
- गैर-जीएम प्रकृति: यह आनुवंशिक रूप से संशोधित नहीं है, जिससे नियामकीय स्वीकृति और उपभोक्ता विश्वास दोनों में वृद्धि होती है।
महत्त्व
- फसल विविधीकरण: कृषि दृष्टिकोण से यह किस्म पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देती है, जहाँ किसान मुख्यतः गेहूँ–धान चक्र पर निर्भर हैं।
- उपभोग के लिए अधिक सुरक्षित: बेहतर रासायनिक संरचना के कारण GSC-7 पारंपरिक सरसों के तेल की तुलना में अधिक सुरक्षित है।
- हृदय के स्वास्थ्य में सुधार: यह हृदय स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने में सहायक है, क्योंकि इरुसिक एसिड (Erucic Acid) का स्तर कम होने से हृदय संबंधी जोखिम कम होते हैं।
- कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन में सहायक: यह कोलेस्ट्रॉल स्तर को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे यह अधिक स्वस्थ पाक विकल्प बनता है।
- यूरिक एसिड से जुड़ी भ्रांतियों का समाधान: यह सरसों के तेल के सेवन से जुड़े यूरिक एसिड बढ़ने संबंधी मिथकों को दूर करने में सहायक है।
- आधुनिक खाना पकाने की पद्धतियों के लिए उपयुक्त: इसका धुआँ बिंदु उच्च होता है, जिसका अर्थ है कि बार-बार तलने के बाद भी यह स्थिर रहता है।
- यह इसे आधुनिक खाना पकाने की पद्धतियों के लिए अधिक उपयुक्त बनाता है, जहाँ तेलों का अक्सर उच्च तापमान पर पुन: उपयोग किया जाता है।
- बेहतर तेल उत्पादन: पारंपरिक सरसों से लगभग 32 प्रतिशत तेल प्राप्त होता है, जबकि नई किस्म से 40 प्रतिशत तक तेल प्राप्त होता है, जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिलता है।