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ड्रोन क्रांति और आधुनिक युद्ध

16 Jun 2026

संदर्भ

हाल के यूक्रेन, लेबनान और पश्चिम एशिया के संघर्षों ने आधुनिक युद्ध में ड्रोन की परिवर्तनकारी भूमिका को प्रदर्शित किया है। सस्ते, बड़े पैमाने पर उत्पादित और तेजी से अनुकूलित किए जा सकने वाली मानवरहित प्रणालियाँ अब तेजी से सैन्य शक्ति, युद्धक्षेत्र रणनीति और रक्षा नीतियों को पुनर्परिभाषित कर रही हैं।

ड्रोन क्या है? (UPSC CSE Prelims 2025)

  • ड्रोन, जिसे मानवरहित हवाई वाहन भी कहा जाता है, एक ऐसा विमान है, जो बिना किसी मानव पायलट के संचालित होता है और इसे दूरस्थ नियंत्रण या स्वायत्त प्रणालियों के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है।
  • विस्तृत प्रणाली: जब ड्रोन को भूमि नियंत्रण स्टेशन, संचार, सेंसर और सहायक अवसंरचना के साथ जोड़ा जाता है, तो इसे मानवरहित हवाई प्रणाली कहा जाता है।
  • मुख्य कार्य: ड्रोन का उपयोग खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही, लक्ष्य निर्धारण, सटीक हमले, लॉजिस्टिक सहायता, मानचित्रण, आपदा प्रबंधन तथा नागरिक उपयोगों में किया जाता है।
  • ड्रोन के प्रकार: सामान्य श्रेणियों में निगरानी ड्रोन, युद्धक ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन, FPV ड्रोन और कार्गो ड्रोन शामिल हैं।

ड्रोन स्वार्म क्या है? (UPSC CSE Prelims 2026)

  • परिभाषा: ‘ड्रोन स्वार्म’ ड्रोन का एक समन्वित समूह होता है, जो स्वार्म इंटेलिजेंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और परस्पर संचार का उपयोग करके एक एकीकृत प्रणाली के रूप में सामूहिक रूप से कार्य करता है।
  • संचार तंत्र: स्वार्म के भीतर प्रत्येक ड्रोन ‘मेश नेटवर्क’ के माध्यम से एक-दूसरे से संपर्क स्थापित करता है, जिससे वास्तविक समय समन्वय, सूचना साझा करना और सामूहिक निर्णय-निर्माण संभव होता है।
  • स्वायत्त संचालन: ड्रोन स्वार्म  युद्धक्षेत्र परिस्थितियों के अनुसार, स्वयं को अनुकूलित कर सकते हैं, कार्यों का पुनर्वितरण कर सकते हैं और कुछ ड्रोन के नष्ट या निष्क्रिय होने पर भी संचालन जारी रख सकते हैं।
  • बल गुणक प्रभाव: बड़ी संख्या में कार्य करते हुए, ड्रोन स्वार्म पारंपरिक वायु रक्षा प्रणालियों में वृद्धि कर सकते हैं तथा निगरानी और हमले अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाते हैं।
  • उपयोग: ड्रोन स्वार्म का उपयोग बढ़ते हुए टोही, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, लक्ष्य निर्धारण, सटीक हमले, वायु रक्षा और खोज एवं बचाव अभियानों में किया जा रहा है।
  • लाभ: ये अतिरिक्तता, विस्तार क्षमता, लागत-प्रभावशीलता और अधिक परिचालन लचीलापन प्रदान करते हैं, जो एकल ड्रोन प्रणालियों की तुलना में अधिक प्रभावी है।
  • प्रतिरोध उपाय: सामान्य प्रतिरोध तकनीकों में इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग, GPS स्पूफिंग, निर्देशित ऊर्जा हथियार, गतिज अवरोधक और विशेष ‘काउंटर-यूएएस’ प्रणालियाँ शामिल हैं।

ड्रोन क्रांति क्या है?

  • परिभाषा: ड्रोन क्रांति युद्ध और सुरक्षा अभियानों में उस तीव्र परिवर्तन को दर्शाती है, जो कम लागत, बड़े पैमाने पर निर्मित और तकनीकी रूप से उन्नत मानवरहित प्रणालियों के व्यापक उपयोग से उत्पन्न हुई है।
  • सैन्य शक्ति में परिवर्तन: यह महँगे पारंपरिक प्लेटफॉर्म जैसे लड़ाकू विमान, टैंक और मिसाइलों पर निर्भरता से हटकर विस्तार योग्य और अनुकूलनीय ड्रोन-आधारित क्षमताओं की ओर परिवर्तन को दर्शाती है।
  • युद्धक्षेत्र की बदलती प्रकृति: ड्रोन ने आधुनिक युद्धक्षेत्र को निरंतर निगरानी, सटीक लक्ष्य निर्धारण, त्वरित हमले और वास्तविक समय खुफिया जानकारी के माध्यम से परिवर्तित कर दिया है।
  • युद्ध का लोकतंत्रीकरण: अपेक्षाकृत सस्ते ड्रोन की उपलब्धता ने छोटी सेनाओं और गैर-राज्यीय तत्त्वों को भी पारंपरिक रूप से शक्तिशाली बलों को चुनौती देने में सक्षम बनाया है।
  • औद्योगिक और तकनीकी प्रतिस्पर्द्धा: अब सैन्य प्रभावशीलता किसी देश में ड्रोन का बड़े पैमाने पर निर्माण, तैनाती, नवाचार और प्रतिरोध करने की क्षमता पर निर्भर होती जा रही है।
  • उभरती प्रौद्योगिकियाँ: ड्रोन क्रांति को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियाँ, स्वार्म प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और उच्च-सटीकता सेंसर जैसी उन्नत तकनीकों द्वारा संचालित किया जा रहा है।

ड्रोन क्रांति को संचालित करने वाले कारक

  • कम लागत वाली सटीक युद्ध क्षमता: कम लागत वाले ड्रोन भी लाखों डॉलर मूल्य की उच्च-मूल्य सैन्य परिसंपत्तियों को नष्ट कर सकते हैं, जिससे युद्ध की आर्थिक संरचना मूल रूप से बदल रही है।
  • तीव्र तकनीकी अनुकूलन: व्यावसायिक रूप से उपलब्ध ड्रोन को शीघ्रता से टोही, निगरानी, लक्ष्य निर्धारण, लॉजिस्टिक सहायता और हमले अभियानों के लिए संशोधित किया जा सकता है।
  • बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता: ड्रोन का बड़े पैमाने पर निर्माण और तैनाती की क्षमता सैन्य प्रभावशीलता का एक महत्त्वपूर्ण निर्धारक बनती जा रही है।
  • निरंतर युद्धक्षेत्र दृश्यता: ड्रोन द्वारा लगातार निगरानी और लक्ष्य ट्रैकिंग के कारण आधुनिक युद्धक्षेत्र में छिपने की संभावना लगातार कम होती जा रही है।

ड्रोन ने आधुनिक युद्ध को कैसे बदला है?

  • सहायक प्रणालियों से युद्धक साधनों तक: ड्रोन खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही के उपकरणों से विकसित होकर अब सैन्य अभियानों के केंद्रीय साधन बन चुके हैं।
  • निरंतर युद्धक्षेत्र का निर्माण: ड्रोन के व्यापक उपयोग ने निरंतर निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया वाला वातावरण निर्मित कर दिया है, जहाँ अग्रिम मोर्चे और पश्च क्षेत्र दोनों ही संवेदनशील बने रहते हैं।
  • सैन्य शक्ति का लोकतंत्रीकरण: कम लागत वाली मानवरहित प्रणालियाँ छोटी सेनाओं और गैर-राज्यीय तत्त्वों को भी पारंपरिक रूप से शक्तिशाली बलों को चुनौती देने में सक्षम बनाती हैं।
  • सैन्य सिद्धांत में परिवर्तन: अब युद्धक्षेत्र की सफलता केवल महँगे पारंपरिक प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं है, बल्कि ड्रोन प्रणालियों का निर्माण, तैनाती, अनुकूलन और प्रतिरोध करने की क्षमता पर अधिक निर्भर होती जा रही है।

युद्ध को परिवर्तित करने वाली प्रमुख ड्रोन प्रौद्योगिकियाँ

  • ‘फर्स्ट-पर्सन व्यू’ ड्रोन: FPV ड्रोन वास्तविक समय वीडियो फीड का उपयोग करते हैं, जिससे संचालकों को अत्यधिक सटीकता प्राप्त होती है और ये अभियानों के लिए अत्यंत प्रभावी होते हैं।
  • लोइटरिंग म्यूनिशन: ये प्रणालियाँ लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर हवा में दीर्घावधि तक बनी रह सकती हैं और अवसर मिलने पर सटीक हमला कर सकती हैं।
  • बॉम्बर ड्रोन: संशोधित व्यावसायिक ड्रोन हथियारों को ले जाने और गिराने में सक्षम होते हैं तथा इन्हें कई अभियानों के लिए पुनः उपयोग किया जा सकता है।
  • लंबी-दूरी की प्रहार क्षमता आधारित ड्रोन: ये प्लेटफॉर्म अग्रिम स्थान से बहुत दूर स्थित लॉजिस्टिक केंद्रों, हवाई अड्डों और रणनीतिक अवसंरचना पर हमले करने में सक्षम होते हैं।
  • फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन: ये ड्रोन रेडियो-फ्रीक्वेंसी लिंक के स्थान पर फाइबर-ऑप्टिक केबल का उपयोग करते हैं, जिससे ये इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और हस्तक्षेप के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी बन जाते हैं।

ड्रोन युद्ध में उभरती प्रवृत्तियाँ

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण: कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ड्रोन का उपयोग बढ़ते हुए स्वायत्त नेविगेशन, लक्ष्य पहचान और युद्धक्षेत्र निर्णय-निर्माण के लिए किया जा रहा है।
  • काउंटर-ड्रोन प्रणालियों का विस्तार: सेनाएँ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों, विशेष रडार और ड्रोन अवरोधकों में निवेश कर रही हैं, ताकि शत्रु ड्रोन को निष्क्रिय किया जा सके।
  • ड्रोन स्वार्म युद्ध: भविष्य के संघर्षों में समन्वित ड्रोन स्वार्म की तैनाती देखने को मिल सकती है, जो पारंपरिक वायु-रक्षा प्रणालियों को समृद्ध कर सकते हैं।
  • मानवरहित पारिस्थितिकी तंत्र का विकास: आधुनिक सेनाएँ हवाई, स्थलीय और समुद्री मानवरहित प्लेटफॉर्मों को एकीकृत परस्पर जुड़े परिचालन नेटवर्क में जोड़ रही हैं।

भारत के लिए निहितार्थ

  • स्वदेशी निर्माण को सुदृढ़ करना: भारत को आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत ड्रोन और ‘काउंटर-ड्रोन’ प्रणालियों के घरेलू उत्पादन का विस्तार करना चाहिए।
  • सीमा और अवसंरचना सुरक्षा को सुदृढ़ करना: सैन्य प्रतिष्ठानों, महत्त्वपूर्ण अवसंरचना और सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सशक्त ‘काउंटर-ड्रोन’ क्षमताएँ अत्यंत आवश्यक हैं।
  • सैन्य सिद्धांत का आधुनिकीकरण: सशस्त्र बलों को निगरानी, खुफिया, लॉजिस्टिक और युद्ध अभियानों में मानवरहित प्रणालियों को एकीकृत करना आवश्यक है।
  • उन्नत अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना: भविष्य की तैयारी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियाँ, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और स्वार्म प्रौद्योगिकियों में अधिक निवेश आवश्यक होगा।

मुख्य शब्दावली

  • मानवरहित हवाई प्रणाली: इसमें ड्रोन, भूमि नियंत्रण स्टेशन, संचार लिंक, सेंसर और सहायक अवसंरचना शामिल होते हैं।
  • खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही: यह सैन्य अभियानों के समर्थन हेतु सूचना के संग्रह, विश्लेषण और प्रसार को दर्शाता है।
  • ‘फर्स्ट-पर्सन व्यू’ ड्रोन: यह ड्रोन लाइव वीडियो फीड के माध्यम से संचालित होता है, जिससे सटीक नेविगेशन और लक्ष्य निर्धारण संभव होता है।
  • लोइटरिंग म्यूनिशन: यह लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर हवा में बना रह सकता है और उपयुक्त अवसर मिलने पर सटीक हमला करता है।
  • इलेक्ट्रॉनिक युद्ध: इसमें विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम को नियंत्रित या बाधित करके शत्रु की क्षमताओं को कमजोर किया जाता है।

निष्कर्ष

ड्रोन क्रांति आधुनिक युद्ध को मूल रूप से परिवर्तित कर रही है, जहाँ ध्यान महँगे पारंपरिक प्लेटफॉर्म से हटकर कम लागत, विस्तार योग्य और तकनीकी रूप से अनुकूलनीय मानवरहित प्रणालियों पर केंद्रित हो रहा है। उभरते युद्धक्षेत्र में सफलता अब बढ़ते हुए इस बात पर निर्भर करेगी कि कोई राष्ट्र ड्रोन प्रौद्योगिकियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन, तैनाती, नवाचार और प्रतिरोध करने में कितना सक्षम है।

ड्रोन क्रांति और आधुनिक युद्ध

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