भारत–न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA)

28 Apr 2026

संदर्भ

भारत और न्यूजीलैंड ने अप्रैल 2026 में व्यापार, निवेश और गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए एक त्वरित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए; यह लागू होने से पहले अनुमोदन हेतु लंबित है।

भारत–न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के प्रमुख प्रावधान

  • शुल्क उदारीकरण: न्यूजीलैंड भारतीय निर्यातों को 100% शुल्क-मुक्त पहुँच प्रदान करता है, जबकि भारत लगभग 95% आयातों का उदारीकरण करता है, परंतु डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को बाहर रखता है।

2 27

  • निवेश सहयोग: इस समझौते में 15 वर्षों में $20 बिलियन निवेश प्रतिबद्धता शामिल है, जो अवसंरचना, विनिर्माण, स्टार्ट-अप्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को लक्षित करती है, साथ ही जवाबदेही संबंधी प्रावधान भी शामिल हैं।
  • सेवाएँ एवं गतिशीलता: भारत को 118 सेवा क्षेत्रों में पहुँच, प्रति वर्ष 5,000 कार्यशील वीजा और 3–4 वर्ष तक विस्तारित अध्ययन उपरांत कार्य अधिकार प्राप्त होते हैं।
  • कृषि सुरक्षा उपाय: TRQs, MIP सुरक्षा उपाय और एक संयुक्त कृषि उत्पादकता परिषद सीमित बाजार पहुँच तथा घरेलू किसानों के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हैं।
  • व्यापार सुगमता: तीव्र ‘कस्टम’ प्रक्रिया (24–48 घंटे), स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता उपाय (SPS)/व्यापार में तकनीकी अवरोध (TBT) में सहजता और स्रोत संबंधी कठोर नियम अधिक सुचारू, पारदर्शी और सुरक्षित व्यापार प्रवाह सुनिश्चित करते हैं।

मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) के बारे में

  • मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) दो या दो से अधिक देशों के बीच ऐसे संधि समझौते होते हैं, जिनका उद्देश्य व्यापार में मौजूद शुल्क, कोटा और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना या समाप्त करना होता है।
  • ये समझौते बाजार तक आसान पहुँच, आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन, बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं और प्रायः निवेश से संबंधित प्रावधान भी शामिल करते हैं।
  • उदाहरण: संयुक्त राज्य अमेरिका के पास 20 देशों के साथ 14 FTAs हैं, जिनमें कनाडा, मैक्सिको, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के साथ समझौते शामिल हैं।

FTAs के प्रमुख पहलू

  • उद्देश्य: व्यापार को सुगम बनाना, सीमा शुल्क को हटाना तथा गैर-शुल्क बाधाओं (जैसे- तकनीकी विनियम) को कम करना।
  • कवरेज: प्रायः इसमें वस्तुएँ (औद्योगिक/कृषि), सेवाएँ (बैंकिंग, दूरसंचार), निवेश और बौद्धिक संपदा अधिकार शामिल होते हैं।
  • उत्पत्ति के नियम: FTAs में विशिष्ट नियम होते हैं, जो यह निर्धारित करते हैं कि कौन-से उत्पाद प्राथमिकता प्राप्त व्यापार लाभ के योग्य हैं, ताकि लाभ केवल सदस्य देशों तक सीमित रहे।
  • प्रकार: द्विपक्षीय- दो देशों के बीच एवं बहुपक्षीय/क्षेत्रीय- कई देशों के मध्य।

भारत–न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का महत्त्व

  • निर्यात एवं MSMEs को बढ़ावा: शून्य-शुल्क पहुँच वस्त्र, चमड़ा, इंजीनियरिंग वस्तुओं में प्रतिस्पर्द्धात्मकता बढ़ाती है।
    • श्रम-प्रधान क्षेत्रों और रोजगार सृजन को सुदृढ़ करती है।
  • रणनीतिक इंडो-पैसिफिक सहभागिता: ओशिनिया क्षेत्र की एक विकसित अर्थव्यवस्था के साथ संबंधों को गहरा करती है।
    • वैश्विक अनिश्चितता के बीच नियम-आधारित व्यापार का समर्थन करती है।
  • वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में एकीकरण: सस्ते माध्यम (जैसे- कोकिंग कोल, लकड़ी) उत्पादन लागत को कम करते हैं।
    • भारत की विनिर्माण और आपूर्ति शृंखलाओं में भूमिका को बढ़ाते हैं।
  • जन-से-जन एवं ज्ञान संबंध: छात्र गतिशीलता, कुशल प्रवासन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करती है।
    • आयुष और पारंपरिक ज्ञान के वैश्विक विस्तार को बढ़ाती है।

भारत के प्रमुख FTA/CEPA देश एवं समूह

  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE): व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) मई 2022 में हस्ताक्षरित।
  • ऑस्ट्रेलिया: आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ECTA) दिसंबर 2022 में हस्ताक्षरित।
  • यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) देश (आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड): व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) मार्च 2024 में हस्ताक्षरित, अक्टूबर 2025 में लागू हुआ।
  • यूनाइटेड किंगडम (UK): व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित।
  • ओमान: व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित।
  • न्यूजीलैंड: हाल ही में हस्ताक्षरित, जिससे प्रत्यक्ष व्यापार समझौता स्थापित हुआ।
  • मॉरीशस: व्यापक आर्थिक सहयोग एवं साझेदारी समझौता (CECPA) वर्ष 2021 में हस्ताक्षरित।
  • ASEAN सदस्य देश: ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्याँमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम।
  • जापान: व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA)।
  • दक्षिण कोरिया: व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA)।
  • सिंगापुर: व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA)।
  • श्रीलंका: भारत-श्रीलंका मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 1 मार्च, 2000 को लागू हुआ (भारत का प्रथम FTA)।

निष्कर्ष

FTA भारत की संतुलित व्यापार रणनीति को दर्शाता है, जिसमें बाजार पहुँच, घरेलू संरक्षण और वैश्विक एकीकरण के बीच विशेषकर विकसित भारत 2047 विजन के अंतर्गत संतुलन स्थापित करते हुए विकास को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.