संदर्भ
जून 2026 में भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ (Comprehensive Partnership) के स्तर तक पहुँचा दिया, जो दोनों देशों के बीच सहयोग का सर्वोच्च स्तर है।
संबंधित तथ्य
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस, फर्स्ट क्लास’ से सम्मानित किया।
- वर्ष 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है।

भारत और स्लोवाकिया के बीच प्रमुख समझौते
- रक्षा सहयोग: भारत और स्लोवाकिया ने रक्षा प्रौद्योगिकियों, औद्योगिक सहयोग, क्षमता निर्माण और रक्षा अनुसंधान एवं विकास में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए।
- डिजिटल और उभरती प्रौद्योगिकियाँ: दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, स्टार्ट-अप, 5G, 6G, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में सहयोग बढ़ाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
- श्रम गतिशीलता और सामाजिक सुरक्षा: कुशल पेशेवरों की गतिशीलता को सुगम बनाने के लिए श्रम प्रवासन पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जबकि दोनों पक्ष एक सामाजिक सुरक्षा समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमत हुए।
- शिक्षा और अनुसंधान सहयोग: शैक्षणिक संबंधों को बढ़ावा देने और छात्रों, शोधकर्ताओं तथा संकाय सदस्यों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा और अनुसंधान पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
- आतंकवाद विरोधी सहयोग: दोनों देश आतंकवाद पर एक संयुक्त कार्य समूह स्थापित करने पर सहमत हुए और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक अभिसमय (CCIT) के लिए अपना समर्थन दोहराया।
भारत-स्लोवाकिया संबंधों के बारे में
- भारत और स्लोवाकिया ने चेकोस्लोवाकिया से स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे।
- स्लोवाकिया, यूरोपीय संघ (EU), शेंगेन क्षेत्र और नाटो (NATO) का एक प्रमुख सदस्य है।
- यह विसेग्राड समूह (V4) के भीतर भी एक मुख्य भागीदार है, जो चार मध्य यूरोपीय देशों (चेक गणराज्य, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया) का एक राजनीतिक और सांस्कृतिक गठबंधन है।
- संबंधों को मजबूत करने से भारत को मध्य यूरोप में अपने राजनयिक बढ़त तथा आपूर्ति-शृंखला में विविधता लाने में मदद मिलेगी।
- राजनीतिक संबंध: स्लोवाकिया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार कर भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का लगातार समर्थन करता है और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत की सदस्यता के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है।
- आर्थिक संबंध: विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग सामान और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग से प्रेरित होकर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ा है, जो वर्ष 2024 में 1.28 बिलियन यूरो को पार कर गया।

- प्रमुख सहयोग क्षेत्र: दोनों देश रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, रेलवे, उन्नत विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों में सहयोग करते हैं।
- भारत-यूरोपीय संघ (EU) आयाम: स्लोवाकिया, भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत जुड़ाव का समर्थन करता है तथा भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को भविष्य के आर्थिक सहयोग के लिए एक प्रमुख उत्प्रेरक के रूप में देखता है।
- जन संबंध: शैक्षिक आदान-प्रदान, सांस्कृतिक सहयोग, पर्यटन, श्रम गतिशीलता और बढ़ता हुआ भारतीय प्रवासी समुदाय दोनों देशों के बीच मजबूत सामाजिक संबंधों में योगदान देते हैं।
- रणनीतिक महत्त्व: मध्य यूरोप में स्लोवाकिया की भौगोलिक स्थिति और यूरोपीय संघ तथा नाटो में इसकी सदस्यता, इसे यूरोप के साथ भारत के जुड़ाव के लिए एक महत्त्वपूर्ण प्रवेश द्वार बनाती है।
निष्कर्ष
भारत-स्लोवाकिया संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाना रक्षा, तकनीक, व्यापार और बहुपक्षीय कूटनीति जैसे क्षेत्रों में सहयोग के एक नए दौर की शुरुआत है।