संदर्भ
हाल ही में शोधकर्ताओं ने एक स्वदेशी प्लेसेंटा-ऑन-चिप (Placenta-on-Chip) प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो मानव प्लेसेंटा के प्रमुख कार्यों का पुनर्निर्माण करता है।
प्लेसेंटा-ऑन-चिप (Placenta-on-Chip) के बारे में
- प्लेसेंटा-ऑन-चिप (Placenta-on-Chip) एक ‘ऑर्गन-ऑन-चिप’ प्लेटफॉर्म है, जो मातृ–भ्रूण अंतरापृष्ठ का प्रतिरूप तैयार करता है तथा मानव प्लेसेंटा के प्रमुख शारीरिक कार्यों का नियंत्रित प्रयोगशाला परिस्थितियों में अनुकरण करता है।

- उद्देश्य: यह मानव-प्रासंगिक प्रायोगिक मॉडल उपलब्ध कराता है, जिसके माध्यम से प्लेसेंटा जीवविज्ञान, गर्भावस्था-संबंधी विकारों, औषधियों के परिवहन तथा भ्रूणीय विकास का अध्ययन, गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा का प्रत्यक्ष अध्ययन किए बिना किया जा सकता है।
- विकसितकर्ता: इसका संयुक्त रूप से विकास आईसीएमआर–राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (ICMR-NIRWoH), मुंबई तथा आईआईटी बॉम्बे द्वारा किया गया है।
मानव प्लेसेंटा के बारे में
- प्लेसेंटा गर्भावस्था के दौरान निर्मित होने वाला एक अस्थायी अंग है, जो माता एवं विकासशील भ्रूण के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है।

- प्रमुख कार्य
- भ्रूण को ऑक्सीजन एवं पोषक तत्त्वों की आपूर्ति करता है।
- कार्बन डाइऑक्साइड तथा उपापचयी अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है।
- गर्भावस्था को बनाए रखने हेतु आवश्यक गर्भावस्था हार्मोन का उत्पादन करता है।
- एक चयनात्मक जैविक अवरोध के रूप में कार्य करते हुए पोषक तत्त्वों, औषधियों तथा हानिकारक पदार्थों के स्थानांतरण को विनियमित करता है।
- भ्रूणीय विकास के समर्थन हेतु प्रतिरक्षात्मक सुरक्षा प्रदान करता है।
प्लेसेंटा-ऑन-चिप (Placenta-on-Chip) की प्रमुख विशेषताएँ
- प्लेसेंटा के कार्यों का पुनर्निर्माण: यह हार्मोन उत्पादन, पोषक तत्त्वों के परिवहन, अपशिष्ट निष्कासन तथा चयनात्मक अवरोध के कार्यों का प्रतिरूप तैयार करता है।
- मातृ–भ्रूण अंतरापृष्ठ का अनुकरण: यह मातृ–भ्रूण अंतरापृष्ठ का अनुकरण करता है, जिससे प्लेसेंटा की प्रक्रियाओं का वास्तविक समय में अवलोकन संभव होता है।
- गर्भावस्था संबंधी विकारों का मॉडल: यह गर्भकालीन मधुमेह (हाइपरग्लाइसीमिया) जैसी अवस्थाओं का अनुकरण कर प्लेसेंटा के कार्यों में होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन करता है।
- औषधियों के स्थानांतरण का अध्ययन: यह मूल्यांकन करता है कि औषधियाँ तथा अन्य अणु प्लेसेंटा अवरोध को किस प्रकार पार करते हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित औषधियों के विकास में सहायता मिलती है।
- प्रयोगशाला-अनुकूल डिजाइन: इसमें परिष्कृत सूक्ष्म-द्रविकी उपकरणों अथवा निरंतर परिप्रवाह प्रणालियों की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह नियमित प्रयोगशालाओं के लिए सरल, विस्तारयोग्य तथा लागत-प्रभावी बनता है।
प्लेसेंटा-ऑन-चिप (Placenta-on-Chip) के संभावित अनुप्रयोग
- औषधि विकास: गर्भवती महिलाओं के लिए विकसित की जाने वाली औषधियों की सुरक्षा का मूल्यांकन करता है।
- डिजीज मॉडलिंग: हाइपरग्लाइसीमिया, प्री-एक्लेम्पसिया, भ्रूण वृद्धि अवरोध तथा प्लेसेंटा अपर्याप्तता जैसी अवस्थाओं का अध्ययन करता है।
- मूलभूत अनुसंधान: पोषक तत्त्वों के आदान-प्रदान, हार्मोन स्राव तथा प्लेसेंटा परिवहन तंत्रों की जाँच करता है।
- पुनर्योजी एवं प्रजनन चिकित्सा: मातृ स्वास्थ्य, प्रजनन जीवविज्ञान तथा भविष्य के चिकित्सीय अनुसंधान में प्रगति को समर्थन प्रदान करता है।
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ऑर्गन-ऑन-चिप (Organ-on-Chip: OoC) प्रौद्योगिकी के बारे में
- ऑर्गन-ऑन-चिप (OoC) एक सूक्ष्म-अभियंत्रित कोशिका-संवर्द्ध प्लेटफॉर्म है, जो मानव अंगों की संरचना एवं शारीरिक क्रियाओं का एक लघु चिप पर पुनर्निर्माण करता है।
- कार्य सिद्धांत: यह जीवित मानव कोशिकाओं, ऊतक अभियांत्रिकी तथा सूक्ष्म-द्रविकी (Microfluidics) का संयोजन कर नियंत्रित प्रयोगशाला परिस्थितियों में अंगों के व्यवहार का अनुकरण करता है।
- अनुप्रयोग
- डिजीज मॉडलिंग
- औषधि खोज एवं विषाक्तता परीक्षण
- वैयक्तिकीकृत चिकित्सा
- मानव शरीर क्रिया विज्ञान का अध्ययन
- पशुओं पर प्रयोगों में कमी लाना।