संदर्भ
हाल ही में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) की यूक्लिड स्पेस टेलीस्कोप ने 31 प्राचीन क्वासार (Quasars) की खोज की है, जिनमें अब तक खोजे गए दो सबसे प्राचीन क्वासार भी शामिल हैं। ये बिग बैंग के मात्र 67 करोड़ वर्ष बाद के हैं (ब्रह्मांड की वर्तमान आयु के लगभग 5% के बराबर)।
- यह खोज इस रहस्य को और गहरा करती है कि सुपरमैसिव ब्लैक होल प्रारंभिक ब्रह्मांड में इतनी तीव्र गति से कैसे बने और इतने कम समय में इतनी तेजी से कैसे विकसित हुए।

प्रमुख निष्कर्ष
- सबसे प्राचीन क्वासारों की खोज: नए खोजे गए क्वासारों से उत्सर्जित प्रकाश उस समय का है, जब ब्रह्मांड की आयु लगभग 67 करोड़ वर्ष थी। इसने वर्ष 2021 में स्थापित पूर्व रिकॉर्ड को लगभग 2 करोड़ वर्ष से पीछे छोड़ दिया।
- कम समय में बड़ी खोज: मात्र दो वर्षों के संचालन के दौरान यूक्लिड स्पेस टेलीस्कोप ने 31 प्राचीन क्वासारों की खोज की है, जिससे प्रारंभिक ब्रह्मांड के ज्ञात क्वासारों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
- रीआयोनाइजेशन युग (Epoch of Reionization): ये क्वासार ‘रीआयोनाइजेशन युग’ से संबंधित हैं, जब प्रथम तारों एवं आकाशगंगाओं का निर्माण हुआ और उनके विकिरण से ब्रह्मांडीय अंधकार युग (Cosmic Dark Ages) का अंत हुआ।
- रीआयोनाइजेशन युग: बिग बैंग के लगभग 40 करोड़ से 1 अरब वर्ष बाद रीआयोनाइजेशन युग प्रारंभ हुआ, जब प्रथम तारों, गैलेक्सियों तथा क्वासारों से निकलने वाले विकिरण ने न्यूट्रल हाइड्रोजन का आयनीकरण कर दिया, जिससे ब्रह्मांड प्रकाश के लिए पारदर्शी हो गया।

क्वासार के बारे में
- क्वासार (Quasi-Stellar Object) एक दूरस्थ सक्रिय गैलेक्सी का अत्यंत दीप्तिमान केंद्र होता है, जो एक सुपरमैसिव ब्लैक होल (SMBH) द्वारा संचालित होता है।
- दीप्तिमानता का स्रोत: जब गैस एवं धूल एक एक्रीशन डिस्क (Accretion Disk) के माध्यम से ब्लैक होल में गिरती हैं, तो विशाल गुरुत्वीय ऊर्जा विद्युतचुंबकीय विकिरण में परिवर्तित हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप क्वासार एक संपूर्ण गैलेक्सी से भी अधिक चमकते हैं तथा उनकी चमक एक ट्रिलियन सूर्यों के प्रकाश के बराबर हो सकती है।
- इसका महत्त्व
- प्रारंभिक ब्रह्मांड का ज्ञान: इनकी असाधारण दीप्तिमानता के कारण खगोलविद ब्रह्मांडीय इतिहास के प्रथम एक अरब वर्षों का अवलोकन कर सकते हैं।
- ब्रह्मांडीय विकास का अध्ययन: ये गैलेक्सियों, सुपरमैसिव ब्लैक होल तथा इंटरगैलेक्टिक माध्यम के विकास का अध्ययन करने में सहायक होते हैं।
- रीआयोनाइजेशन का अध्ययन: ये कॉस्मिक लाइटहाउस के रूप में कार्य करते हैं, जिससे वैज्ञानिक यह पता लगा सकते हैं कि कॉस्मिक डार्क एजेस के बाद ब्रह्मांड किस प्रकार आयनित हुआ।
खोज का महत्त्व
- वर्तमान मॉडलों के समक्ष चुनौती: यह खोज इस प्रश्न को और अधिक जटिल बनाती है कि बिग बैंग के कुछ ही करोड़ वर्षों के भीतर सूर्य के द्रव्यमान से अरबों गुना अधिक द्रव्यमान वाले सुपरमैसिव ब्लैक होल का निर्माण कैसे हुआ।
- प्रारंभिक ब्रह्मांड की समझ: नए खोजे गए क्वासार, रीआयोनाइजेशन युग तथा प्रथम तारों एवं गैलेक्सियों के निर्माण के अध्ययन के लिए महत्त्वपूर्ण साक्ष्य प्रदान करते हैं।
- उन्नत कॉस्मोलॉजिकल अनुसंधान: यह खोज ब्लैक होल की वृद्धि, गैलेक्सी निर्माण तथा प्रारंभिक ब्रह्मांड के विकास से संबंधित सिद्धांतों को और अधिक परिष्कृत करने में सहायक होगी।
यूक्लिड स्पेस टेलीस्कोप के बारे में
- यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) द्वारा विकसित तथा वर्ष 2023 में प्रक्षेपित।
- सूर्य–पृथ्वी लैग्रेंज पॉइंट (L2) के चारों ओर, पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी. की दूरी पर संचालित होती है।
- इसका प्रमुख मिशन डार्क मैटर, डार्क एनर्जी तथा ब्रह्मांड की लार्ज-स्केल संरचना का अध्ययन करना है। साथ ही, यह दूरस्थ गैलेक्सियों एवं प्राचीन क्वासारों की खोज को भी संभव बनाती है।
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निष्कर्ष
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) द्वारा किए जाने वाले आगामी प्रेक्षणों को यूक्लिड स्पेस टेलीस्कोप की खोजों के साथ संयोजित कर ब्रह्मांड के प्रथम एक अरब वर्षों का विस्तृत कालक्रम तैयार किए जाने की अपेक्षा है। इससे सुपरमैसिव ब्लैक होल तथा प्रारंभिक गैलेक्सियों के तीव्र निर्माण एवं विकास के रहस्य को समझने में सहायता मिलेगी।