संदर्भ
नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने लगभग 700 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित एक एक्सोप्लैनेट पर दैनिक मौसम चक्र का मानचित्रण किया है, जो किसी अन्य ग्रह पर पहली बार एक आवर्ती दैनिक बादल चक्र की उपस्थिति का संकेत देता है।

हाल की प्रमुख खोजें
- वायुमंडलीय असममिति: टेलीस्कोप ने ग्रह के ‘टर्मिनेटर’ क्षेत्र का अवलोकन किया, जहाँ प्रातःकालीन भाग अधिक बादलों से युक्त दिखाई देता है, जबकि सांध्यकालीन भाग अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ दिखाई देता है।
- वाष्पीकृत चट्टानों द्वारा निर्मित बादल: पृथ्वी के विपरीत, जहाँ बादल जलवाष्प द्वारा निर्मित होते हैं, इस ग्रह पर बादल मैग्नीशियम सिलिकेट (वाष्पीकृत चट्टान), लौह तथा मैग्नीशियम सल्फाइड द्वारा निर्मित होते हैं।
- दैनिक मौसम चक्र: ग्रह के अपेक्षाकृत ठंडे रात्रि पक्ष पर चट्टान बनाने वाले खनिज ठंडे होकर बादलों में परिवर्तित हो जाते हैं। शक्तिशाली वायुमंडलीय पवनें इन बादलों को दिवस पक्ष की ओर ले जाती हैं।
- दिन के समय 1000°C से अधिक तापमान के कारण ये खनिज युक्त बादल वाष्पित हो जाते हैं या वायुमंडल में विक्षेपित हो जाते हैं, जिससे सांध्यकालीन भाग अपेक्षाकृत स्वच्छ रहता है।
- बादल संबंधी अवरोध: सघन बादल सामान्यतः टेलीस्कोप के अवलोकन को धुँधले काँच की तरह बाधित करते हैं और डेटा को विकृत करते हैं।
- सापेक्षतः स्वच्छ सांध्यकालीन भाग का अवलोकन करके, टेलीस्कोप ने अधिक गुणवत्तापूर्ण जलवाष्प संकेत प्राप्त किए, जिससे संकेत मिलता है कि इस ग्रह का वायुमंडल पूर्व अनुमान की तुलना में बृहस्पति-सदृश संरचना के अधिक निकट हो सकता है।
WASP-94A b (एक्सोप्लैनेट के बारे में)
- वर्गीकरण: यह एक “हॉट जुपिटर” (Hot Jupiter) है—एक विशाल गैसीय ग्रह, जो माइक्रोस्कोपियम नक्षत्र में स्थित है।
- भौतिक विशेषताएँ: यह आयतन में बृहस्पति से लगभग दोगुना बड़ा है, लेकिन इसका द्रव्यमान केवल आधा है।
- कक्षा: यह अपने तारे के अत्यंत निकट परिक्रमा करता है और केवल चार पृथ्वी दिनों में एक पूर्ण वर्ष पूरा करता है।
- टाइडल लॉकिंग (Tidal Locking) : टाइडल लॉकिंग के कारण, WASP-94A b का एक ही भाग सदैव अपने तारे की ओर रहता है, जिससे एक स्थायी अत्यधिक गर्म दिवस पक्ष तथा अपेक्षाकृत ठंडा रात्रि पक्ष निर्मित होता है।
एक्सोप्लैनेट के बारे में
- परिभाषा: एक्सोप्लैनेट ऐसा कोई भी ग्रह होता है, जो हमारे सौरमंडल के बाहर किसी तारे की परिक्रमा करता है। अब तक 6000 से अधिक एक्सोप्लैनेट की खोज की जा चुकी है।

- विविध पर्यावरण स्थिति: एक्सोप्लैनेट पर अत्यंत चरम मौसम स्थितियाँ पाई जाती हैं। कुछ ग्रहों पर पिघली धातु, वाष्पीकृत चट्टान या तरल काँच की वर्षा होती है, जिन्हें अतिध्वनि पवनें संचालित करती हैं, जबकि कुछ पर डायमंड्स रेनिंग (हीरों की वर्षा) भी होती है।
- मुख्य पहचान विधियाँ
- ट्रांजिट विधि: जब कोई एक्सोप्लैनेट अपने तारे के सामने से गुजरता है, तो तारे के प्रकाश में आने वाली हल्की कमी को मापा जाता है।
- ट्रांसमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी: जब किसी ग्रह के पारगमन के दौरान तारे का प्रकाश उसके वायुमंडल के किनारों से होकर गुजरता है, तो विभिन्न गैसें विशिष्ट तरंगदैर्ध्य को अवशोषित करती हैं। इन अनुपस्थित तरंगदैर्ध्यों का विश्लेषण कर वैज्ञानिक वायुमंडल की रासायनिक संरचना का निर्धारण करते हैं।
- महत्त्व: एक्सोप्लैनेट के वायुमंडल का अध्ययन वैज्ञानिकों को यह समझने में सहायता करता है कि ग्रह प्रणाली कैसे निर्मित, विकसित होती हैं, तथा हमारे सौरमंडल से कैसे भिन्न हैं।