संदर्भ
पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के कारण व्यापक पर्यावरणीय विनाश के कारण ‘इकोसाइड’ (Ecocide) को एक अंतरराष्ट्रीय अपराध के रूप में मान्यता देने पर वैश्विक बहस पुनः प्रारंभ हो गई है।
इकोसाइड (Ecocide) के बारे में
- इकोसाइड का आशय मानव क्रियाओं द्वारा उत्पन्न गंभीर, व्यापक या दीर्घकालिक पर्यावरणीय क्षति से है।
- इसमें युद्ध, औद्योगिक गतिविधियों या संसाधनों के दोहन के माध्यम से पारिस्थितिकी तंत्रों का विनाश शामिल होता है।
- उद्गम: इस शब्द का प्रयोग आर्थर डब्ल्यू. गैल्स्टन ने वियतनाम युद्ध के दौरान एजेंट ऑरेंज से हुए पारिस्थितिकी विनाश का वर्णन करने के लिए किया था।
- इसके पश्चात् यह एक वैश्विक कानूनी एवं पर्यावरणीय विमर्श के रूप में विकसित हुआ है।
- कानूनी स्थिति: वर्तमान में रोम संविधि (Rome Statute) के अंतर्गत इकोसाइड को अंतरराष्ट्रीय अपराध के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
- हालाँकि, रूस, यूक्रेन और फ्राँस जैसे कुछ देशों ने अपने घरेलू कानूनों में इसके समान प्रावधानों को शामिल किया है।
PWOnlyIAS विशेष
रोम संविधि (Rome Statute) के बारे में
- रोम संविधि के तहत वर्ष 1998 में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की स्थापना हुई।
- रोम संविधि न्यायालय को “अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता के सबसे गंभीर अपराधों” की चार प्रमुख श्रेणियों पर अधिकार-क्षेत्र प्रदान करती है।
- मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय अपराध
- जनसंहार (Genocide)
- मानवता के विरुद्ध अपराध
- युद्ध अपराध
- आक्रामकता संबंधी अपराध
- ये मूल अपराध संविधि के अनुच्छेद-5 से 8 में परिभाषित किए गए हैं।
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इकोसाइड (Ecocide) के संबंध में वर्तमान चिंताएँ
- स्पष्ट कानूनी मान्यता का अभाव: वर्तमान अंतरराष्ट्रीय कानून इकोसाइड को एक स्वतंत्र अपराध के रूप में मान्यता नहीं देता, जिससे कानूनी जवाबदेही सीमित हो जाती है।
- पर्यावरणीय क्षति को केवल युद्ध अपराधों के हिस्से के रूप में देखा जाता है।
- मानव-केंद्रित कानूनी ढाँचा: मौजूदा कानून मानव पीड़ा पर केंद्रित हैं, न कि पर्यावरणीय क्षति को एक स्वतंत्र हानि के रूप में मान्यता देते हैं।
- इकोसाइड प्रकृति को पीड़ित के रूप में देखने की दिशा में ध्यान केंद्रित करता है।
- सीमित अधिकार-क्षेत्र: अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) जैसी संस्थाएँ अधिकार-क्षेत्र संबंधी सीमाओं का सामना करती हैं, विशेषकर जब देश सदस्य नहीं होते हैं।
- यह संघर्ष क्षेत्रों में पर्यावरणीय अपराधों के अभियोजन को सीमित करता है।
- कमजोर प्रवर्तन तंत्र: जहाँ कानून मौजूद हैं, वहाँ भी कार्यान्वयन कमजोर रहता है और युद्धकालीन पर्यावरणीय विनाश के लिए कोई प्रमुख अभियोजन उपलब्ध नहीं है।
- अनुपालन मुख्यतः राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करता है।
- विखंडित कानूनी ढाँचा: जिनेवा कन्वेंशन (1949) और एनवायरनमेंटल मॉडिफिकेशन कन्वेंशन (ENMOD, 1976) जैसी कई संधियाँ पर्यावरणीय क्षति को संबोधित करती हैं, लेकिन सुसंगत प्रवर्तन का अभाव है।
- अतिव्यापी प्रावधान जवाबदेही को कमजोर करते हैं।
इकोसाइड (Ecocide) पर अंतरराष्ट्रीय कानून की आवश्यकता
- पाँचवें अंतरराष्ट्रीय अपराध के रूप में मान्यता: रोम संविधि के अंतर्गत इकोसाइड को जनसंहार और युद्ध अपराधों के साथ शामिल करना वैश्विक जवाबदेही को सुदृढ़ करेगा।
- यह बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय विनाश के लिए आपराधिक दायित्व सुनिश्चित करेगा।
- निरोधक प्रभाव को सुदृढ़ करना: एक स्पष्ट कानूनी ढाँचा संघर्षों और औद्योगिक गतिविधियों के दौरान पर्यावरणीय विनाश के विरुद्ध निरोधक के रूप में कार्य करेगा।
- यह पर्यावरणीय उल्लंघनों की लागत बढ़ाएगा।
- अधिकार-क्षेत्र और प्रवर्तन का विस्तार: सार्वभौमिक मान्यता से सीमा-पार अभियोजन संभव होगा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत होगा।
- यूरोपीय परिषद ने वर्ष 2025 में गंभीर पर्यावरणीय विनाश को अपराध घोषित करने वाला एक कन्वेंशन अपनाया है।
- पर्यावरणीय न्याय को बढ़ावा: इकोसाइड की मान्यता जलवायु न्याय और सतत् विकास लक्ष्यों के अनुरूप होगी।
- यह सुनिश्चित करता है कि पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक साझा संपदा के रूप में संरक्षित किया जाए।
- वैश्विक पर्यावरणीय शासन को समर्थन: अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) और नागरिक समाज समूहों की पहल औपचारिक मान्यता की दिशा में प्रयासरत हैं।
निष्कर्ष
इकोसाइड को एक अंतरराष्ट्रीय अपराध के रूप में मान्यता जवाबदेही को सुदृढ़ कर सकती है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता वैश्विक राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रवर्तन तंत्र पर निर्भर करती है।